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इराक के सैन्य अड्डे पर अब तक का सबसे बड़ा रॉकेट हमला: अमेरिका, ब्रिटेन के 3 सैनिकों की मौत

बगदाद के उत्तर में स्थित ताजी हवाईअड्डे पर कई रॉकेटों से हमला किया गया। यहाँ अमेरिकी नीत गठबंधन बलों (Coalition force) के सैनिक ठहरे हैं जो जिहादियों से लड़ाई में स्थानीय बलों की मदद करते हैं। युद्ध पर निगरानी रखने वाली एक संस्था ने कहा कि इससे लड़ाई और बढ़ने का खतरा है।

इराक के सैन्य अड्डे पर बुधवार (मार्च 11, 2020) को रॉकेट हमला हुआ, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक और एक ब्रिटिश सैनिक की मौत हो गई। इस अड्डे पर विदेशी सैनिक ठहरे हुए थे। बीते कुछ वर्षों में सैन्य अड्डे पर हुआ यह सबसे बड़ा हमला है।

बुधवार शाम को बगदाद के उत्तर में स्थित ताजी हवाईअड्डे पर कई रॉकेटों से हमला किया गया। यहाँ अमेरिकी नीत गठबंधन बलों (Coalition force) के सैनिक ठहरे हैं जो जिहादियों से लड़ाई में स्थानीय बलों की मदद करते हैं। युद्ध पर निगरानी रखने वाली एक संस्था ने कहा कि इससे लड़ाई और बढ़ने का खतरा है। पड़ोसी सीरिया में ईरान समर्थित इराकी लड़ाकों को निशाना बनाकर कुछ हवाई हमले किए गए हैं जिनके बारे में संदेह है कि इनके पीछे अमेरिका नीत गठबंधन बलों का हाथ है। बताया जा रहा है कि कम से कम 18 लड़ाके मारे गए हैं।

एक अमेरिकी सैन्य अधिकारी ने तीन लोगों की मौत की पुष्टि की है। इराक की सेना ने कहा कि रॉकेट एक ट्रक से दागे गए। अब तक हमले की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है, लेकिन वॉशिंगटन ने ईरान से समर्थन प्राप्त इराक के हाशेद अल शाबी के धड़ों को जिम्मेदार ठहराया है। पिछले वर्ष अक्तूबर से इराक में अमेरिकी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर किया गया यह 22वाँ हमला है।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने एक बयान में इस हमले को निंदनीय करार दिया है। वहीं ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने अमेरिकी विदेश मंत्री से बात की है और कहा कि वो इस घिनौने हमले के विवरण को पूरी तरह से समझने के लिए अपने अंतर्राष्ट्रीय सहयोगियों के साथ संपर्क बनाए हुए हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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