Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय'अल्लाह-हू-अकबर, नारा-ए-तकबीर के नारे के साथ अमेरिकियों को मारने की माँग': शिक्षा के बाद...

‘अल्लाह-हू-अकबर, नारा-ए-तकबीर के नारे के साथ अमेरिकियों को मारने की माँग’: शिक्षा के बाद अब ‘तालिबान’ में कट्टरपंथी खातूनों का मार्च

बुर्काधारी महिलाएँ एक काउंटर प्रोटेस्ट में सड़क पर मार्च करती नजर आईं। ये महिलाएँ तालिबान के समर्थन में नारेबाजी कर रही थीं और तेज-तेज अल्लाह-हू-अकबर, नारा-ए-तकबीर चिल्ला रही थीं।

तालिबानियों की हुकूमत में ‘समान अधिकारों’ की माँग को लेकर अफगानिस्तान की सड़कों पर सोमवार (सितंबर 6, 2021) को प्रदर्शन करने उतरीं महिलाओं पर आंसू गैस के गोले छोड़ कर उनको शांत कराने की कोशिश हुई। अब इस प्रदर्शन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हैं।

ये प्रदर्शन मजार-ए-शरीफ के पास हो रहा है।

तालिबानी कोशिश कर रहे हैं कि पत्रकारों को इसकी कवरेज करने से रोक सकें।

महिलाओं की माँग है कि उन्हें शिक्षा और रोजगार के अलावा मौलिक अधिकारों की भी गारंटी दी जाए।

सामने आई तस्वीरों में देख सकते हैं कि इन प्रदर्शनों में ज्यादा महिलाएँ शामिल नहीं हैं। जाहिर है कि तालिबान के विरुद्ध आवाज उठाने की भावना अभी सबमें नहीं जगी है।

इस बीच कुछ अन्य बुर्काधारी महिलाएँ भी एक काउंटर प्रोटेस्ट में सड़क पर मार्च करती नजर आईं। ये महिलाएँ तालिबान के समर्थन में नारेबाजी कर रही थीं और तेज-तेज अल्लाह-हू-अकबर, नारा-ए-तकबीर चिल्ला रही थीं। इनकी माँग थी कि अमेरिका और उनके नौकरों को मौत की सजा दी जाए।

बता दें कि कट्टरपंथी महिलाओं का यह प्रदर्शन उस समय सामने आया है जब अफगानी महिलाओं के अधिकारों पर चर्चा हर जगह हो रही है। हाल में खबर आई थी कि कैसे एक महिला पुलिस कर्मी को जो कि 8 माह गर्भवती भी थी उसे घर में घुस कर गोली मार दी गई, वो भी उसके शौहर और बच्चों के सामने।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या है ‘सेफ हार्बर’ कानून, जिसके तहत फेसबुक-गूगल को मिल रखी है छूट? समझिए भारत और दुनिया भर में क्यों शुरू हुई इसे हटाने...

पीएम मोदी के फेसबुक से वीडियो कुछ देर के लिए हटाने के मामले में समिति ने डिजिटल प्लेटफॉर्म की सेफ हार्बर सुरक्षा रद्द करने की चेतावनी दी है।

₹415 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अल-फलाह के जवाद सिद्दीकी को झटका, दोनों अर्जियाँ खारिज: पढ़ें- क्या थीं ‘अनरिलाइड दस्तावेज’ समेत अन्य माँगें...

अल-फलाह समूह के ₹415 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जवाद सिद्दीकी को 2 अर्जियों को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। जानें- क्या थीं ये अर्जियाँ?
- विज्ञापन -