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अमेठी से राहुल गाँधी हारे तो छोड़ दूँगा राजनीति: पाकिस्तानी PM के ‘दोस्त’ का बड़ा बयान

"लोगों को राष्ट्रवाद यूपीए अध्यक्ष और रायबरेली से सांसद सोनिया गाँधी से सीखनी चाहिए। उनके नेतृत्व के कारण ही कॉन्ग्रेस पार्टी 2004 से 2014 तक केंद्र में सत्ता में बरकरार रह सकी।"

कॉन्ग्रेस नेता और पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने रविवार (अप्रैल 28, 2019) को एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी लोकसभा चुनाव में अमेठी से हार जाते हैं तो वे राजनीति छोड़ देंगे। इसके साथ ही सिद्धू ने कहा कि लोगों को राष्ट्रवाद यूपीए अध्यक्ष और रायबरेली से सांसद सोनिया गाँधी से सीखनी चाहिए। आपको याद दिला दें कि सिद्धू ने दिसंबर 2018 में कॉन्ग्रेस पार्टी के द्वारा तीन विधानसभा चुनावों में जीत के बाद राहुल गाँधी को मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द सीरीज घोषित कर दिया था।

अमेठी लोकसभा सीट पर राहुल गाँधी का मुकाबला 2014 में कड़ी टक्कर देने वाली भाजपा सरकार में मंत्री स्मृति ईरानी से है। हालाँकि सिद्धू ने इस बात को साफ तौर पर नकार दिया कि स्मृति ईरानी, राहुल गाँधी को कड़ी टक्कर दे रही हैं। वहीं, राहुल गाँधी इस लोकसभा चुनाव में अमेठी के साथ-साथ केरल के वायनाड सीट से भी चुनाव लड़ रहे हैं।

इस दौरान कॉन्ग्रेस नेता सिद्धू ने भाजपा के इन आरोपों का भी खंडन किया कि कॉन्ग्रेस के शासन में 70 वर्षों में कोई विकास नहीं हुआ। सिद्धू ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि ज्यादातर आर्थिक विकास कॉन्ग्रेस के शासन काल में ही हुआ है और सूई से लेकर विमान तक सब कुछ कॉन्ग्रेस के कार्यकाल में ही बना है। इसके साथ ही सिद्धू ने राजीव गाँधी की हत्या के बाद कॉन्ग्रेस की अगुवाई करने वाली सोनिया गाँधी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व के कारण ही कॉन्ग्रेस पार्टी 2004 से 2014 तक केंद्र में सत्ता में बरकरार रह सकी।

भाजपा से कॉन्ग्रेस में शामिल हुए सिद्धू ने भारतीय जनता पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि जो भी इस पार्टी के प्रति वफादार रहता है, उसे राष्ट्रवादी माना जाता है और जो लोग इसे छोड़ देते हैं, उन्हें राष्ट्र विरोधी करार दिया जाता है। सिद्धू ने यह भी कहा कि राफेल सौदे को लेकर हुए विवाद की वजह से इस चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हार तय है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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