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गैर-जिम्मेदाराना और मनगढ़ंत सारी बात…एअर इंडिया प्लेन क्रैश पर विदेशी मीडिया को AAIB ने लगाई लताड़: ‘पायलट पर आरोप’ वाली खबरों को नकारा, कहा- जाँच नहीं हुई पूरी, अंतिम रिपोर्ट बाकी

अमेरिकी जरनल द वॉल स्ट्रीट समेत विदेशी मीडिया ने अहमदाबाद में 12 जून को हुए एअर इंडिया विमान हादसे के लिए अभी से पायलटों को जिम्मेदार ठहराना शुरू कर दिया है। इसको लेकर एएआईबी ने कड़ी आपत्ति दर्ज की है और रिपोर्टिंग को गैरजिम्मेदाराना बताया है। संस्था के मुताबिक अभी जाँच जारी है और पायलटों को दोषी ठहराना गलत है

भारत के विमान दुर्घटना जाँच ब्यूरो यानी एएआईबी ने गुरुवार (16 जुलाई 2025) को अहमदाबाद विमान हादसे को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया के रवैये की कड़ी आलोचना की है और ऐसी रिपोर्टिंग को ‘गैर जिम्मेदाराना’ बताया है। अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल समेत कई विदेशी मीडिया ने दुर्घटना में ‘पायलट की भूमिका’ की बात की थी।

एएआईबी ने क्या कहा?

विमान दुर्घटना जाँच ब्यूरो ने कहा, “यात्रियों, विमान के चालक दल और क्रू मैंबर्स के साथ-साथ जमीन पर मौजूद लोगों की मौत हुई थी। हमें मृतकों के परिजनों की संवेदनशीलता का सम्मान करना चाहिए। अंतर्राष्ट्रीय मीडिया के कुछ लोग बार-बार चुनिंदा और मनगढ़ंत रिपोर्टिंग के जरिए निष्कर्ष निकालने की कोशिश कर रहे हैं। अभी जाँच जारी है। ऐसे में इस तरह की कार्रवाई गैर-जिम्मेदाराना है।”

एएआईबी ने कहा कि एअर इंडिया दुर्घटना के संबंध में उसके शुरुआती जाँच रिपोर्ट केवल यह जानकारी देने के लिए थे कि ‘क्या’ हुआ था। प्रारंभिक रिपोर्ट को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए। इस समय किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचना जल्दबाजी होगी। एएआईबी की जाँच अभी पूरी नहीं हुई है। अंतिम जाँच रिपोर्ट मूल कारणों और सुझावों के साथ आएगी।

एएआईबी ने आगे कहा, “हम जनता और मीडिया दोनों से आग्रह करते हैं कि वे समय से पहले ऐसी बातें फैलाने से बचें, जिनसे जाँच प्रक्रिया बाधित होती हो।”

एएआईबी ने यह भी कहा कि जाँच ‘नियमों और अंतर्राष्ट्रीय प्रोटोकॉल के अनुसार सख्त और प्रोफेशनल तरीके से’ की जा रही है।

विमान दुर्घटना जाँच ब्यूरो ने ये भी कहा है कि 2012 से उनकी संस्था काम कर रही है और भारत सरकार के प्रति पूरी तरह जवाबदेह है। अब तक 93 दुर्घटनाओं और 111 गंभीर मामलों की जाँच कर चुका है। इसमें गड़बड़ियाँ नहीं मिली है। अहमदाबाद विमान हादसे की जाँच के अलावा दूसरे कई दुर्घटनाओं की भी जाँच अभी कर रहा है।

वॉल स्ट्रीट जरनल ने क्या कहा था?

अमेरिकी अखबार WSJ ने गुरुवार (16 जुलाई, 2025) को एक रिपोर्ट प्रकाशित की है। इसमें बताया गया है कि अब एअर इंडिया हादसे की जाँच सीधे तौर पर AI-171 के मुख्य पायलट सुमीत सभरवाल पर केन्द्रित हो गई है। इस रिपोर्ट में 3 दशक से विमान उड़ा रहे पायलट सुमीत सभरवाल को फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद करने का दोषी ठहरा दिया गया है, जिसकी वजह से हादसा हुआ।

WSJ की रिपोर्ट में कहा गया है कि हादसे के बाद बरामद हुए विमान के ब्लैक बॉक्स में सेव हुई आवाज की रिकॉर्डिंग इशारा करती है कि कैप्टन सुमीत सभरवाल ने ही फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद किए। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि अहमदाबाद एयरपोर्ट से विमान को लेकर फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर उड़े थे और फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद होने के बाद संभवतः उन्होंने ही कैप्टन सुमीत सभरवाल से पूछा था, “तुमने ये स्विच क्यों बंद किया?”

WSJ की रिपोर्ट में पायलटों को दोषी ठहराने के साथ यह नहीं स्पष्ट बताया गया है कि इसी आवाज की रिकॉर्डिंग में सुमीत सभरवाल ने फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद करने से इनकार किया था। WSJ की रिपोर्ट के बाद विदेशी मीडिया के बाकी संस्थान भी इसी सुर में गाने लगे हैं। रायटर्स, ब्लूमबर्ग, CNN और न्यू यॉर्क पोस्ट समेत बाक़ी अमेरिकी मीडिया संस्थानों ने सीधे तौर पर अपनी हेडलाइंस और खबर में कैप्टन सुमीत सभरवाल को फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद करने का दोषी मान लिया है।

ऐसा नहीं है कि भारतीय पायलट के नाम दोष डालने का काम सिर्फ अमेरिकी या बाकी विदेशी मीडिया ही कर रहा हो। इस काम में भारतीय मीडिया संस्थान भी शामिल हैं। बिजनेस स्टैण्डर्ड से लेकर ऑनमनोरमा तक ने WSJ की रिपोर्ट के हवाले से पायलटों की कथित गलती की बात को हेडलाइन्स में चलाया है। इन संस्थानों ने भी वह महत्वपूर्ण तथ्य नजरअंदाज कर दिया, जिसमें पायलट ने फ्यूल कंट्रोल स्विच को बंद करने से इनकार किया था।

12 जून को एयर इंडिया फ्लाइट का हादसा

अहमदाबाद विमान हादसा 12 जून को उस वक्त हुआ था, जब एअर इंडिया विमान AI-171 अहमदाबाद से लंदन जा रहा था। इस हादसे में 260 लोगों क जान गई थी जबकि सिर्फ 1 व्यक्ति जिंदा विमान से निकल पाया था। मरने वालों में 169 भारतीय नागरिक, 53 ब्रिटिश नागरिक, 7 पुर्तगाली और 1 नेपाली, 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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