Sunday, June 13, 2021
Home रिपोर्ट मीडिया हंदवाड़ा मुठभेड़ के बलिदानियों का TheWire ने उड़ाया मजाक, आतंकियों के आगे लिखा- 'कथित'

हंदवाड़ा मुठभेड़ के बलिदानियों का TheWire ने उड़ाया मजाक, आतंकियों के आगे लिखा- ‘कथित’

द वायर हंदवाड़ा मुठभेड़ में बलिदान हुए जवानों और अफसरों की बहादुरी और उनके साहस के बारे में पाठकों को बताने की जगह, आतंकियों के लिए अपनी खबर चला रहा है। ऐसा इसलिए ताकि एक बार फिर उन्हें पढ़ने वाला बुद्धिजीवी वर्ग खड़ा हो, और सवाल पूछे कि कैसे मालूम हुआ कि जवानों को मारने वाले आतंकी ही थे?

द वायर की अजेंडायुक्त पत्रकारिता ने इस बार देश के लिए वीरगति को प्राप्त हुए सेना के जवानों के बलिदान का खुलेआम मखौल उड़ाया है। अपनी रिपोर्ट में द वायर ने हंदवाड़ा में सुरक्षाकर्मियों को मारने वाले आतंकियों को ‘कथित आतंकवादी’ बताया है। सबसे घृणा की बात ये है कि ये काम द वायर ने न्यूज एजेंसी पीटीआई की आड़ में किया है। उन्होंने पीटीआई की रिपोर्ट को, जिसे आमतौर पर मीडिया हाउस जस का तस अपने पोर्टल आदि के लिए इस्तेमाल करते हैं, उसी में अपना प्रोपगेंडा परोसकर ये घिनौना खेल खेला है।

पीटीआई की रिपोर्ट को यदि हम ‘द इकोनॉमिक टाइम्स’, ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ जैसे नामी पोर्टल्स पर देखें, तो मालूम चलता है कि पीटीआई ने अपनी खबर में आतंकी शब्द का ही प्रयोग किया था। मगर, एस वरदराजन के ‘द लायर’ ने इसमें अपने अनुसार बदलाव कर लिया और आतंकियों के आगे ‘कथित’ लिख कर उनके आतंकी होने पर संदेह पैदा किया।

बस फिर क्या? इस हरकत को देखकर लोगों ने ‘द वायर’ को एक बार फिर लताड़ लगाई और आरोप लगाया कि ये संस्थान हंदवाड़ा को भी बाटला हाउस जैसा केस बनाना चाहता है, इसलिए जरूरी है कि केंद्र सरकार अब इनके ख़िलाफ़ सख्त एक्शन ले।

इस समय सोशल मीडिया पर द वायर की इस हरकत के लिए उनकी बहुत थू-थू हो रही है। हालाँकि, उन्होंने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया है। लेकिन, फिर भी यूजर उसका स्क्रीनशॉट लेकर उन्हें शब्दों के बीच का फर्क़ बता रहे हैं।

जी हाँ, इस समय देश की आम जनता ‘कथित वरिष्ठ पत्रकारों’ के एक संस्थान को आड़े हाथों लेते हुए ये समझा रही है कि जिन्होंने उत्तर कश्मीर में सेना के जवानों पर हमला किया उन्हें ‘कथित आतंकवादी’ नहीं कहा जाएगा बल्कि ‘100% आतंकवादी’ ही कहा जाएगा। इसके अलावा जो हमारे 5 सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए, उन्हें बलिदानी कहा जाएगा न कि ‘मारे गए’।

गौरतलब हो कि इस समय ट्विटर पर कई सक्रिय यूजर्स की यही माँग है कि पीटीआई को अपनी स्टोरी के साथ इस तरह की छेड़छाड़ के लिए द वायर पर एक्शन लेना चाहिए। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि द वायर पाक आधारित चैनल है, जो वक्त आने पर इस तरह हमारे जवानों के बलिदान का मजाक उड़ा रहा है।

बता दें कि शब्दों के हेर-फेर से देश के युवाओं और अपने पाठकों को बरगलाने का काम द वायर बहुत लंबे समय से करता आ रहा है। अब तो सब जान चुके हैं कि उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य क्या है। कभी-कभी पड़ोसी मुल्क से आए आतंकियों को बचाने के लिए इनकी प्रतिबद्धता देखकर लोग संदेह जताते हैं कि शायद इसके लिए इन्हें बाकायदा फंडिंग भी उधर से ही होती हो।

या कुछ लोगों ऐसा भी लगता है कि प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए अस्तित्व में आया द वायर अब धीरे-धीरे आतंकी संस्थानों का मुखपत्र बनता जा रहा है। जिनके पास सूचना के लिए पीटीआई जैसे पर्याप्त स्रोत है, मगर फिर भी वे आतंकियों को कथित आतंकी बताकर कश्मीर में घटी घटना का सामान्यकरण करना चाहता है और आतंकियों के लिए सहानुभूति बटोरना चाहता है। मुमकिन है आज ये पोर्टल जो आतंकियों को कथित आतंकी बोल रहा है, कल को देश का सम्मानित नागरिक बताने लगे।

बता दें कि कल 3 मई को उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में स्थित हंदवाड़ा में आतंकियों के साथ एनकाउंटर के दौरान एक मेजर और एक कर्नल समेत 5 भारतीय जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे। इन सभी वीर सपूतों ने एक इमारत में छिपे आतंकियों से लोहा लेने के लिए बाहर से हमला करने के बजाय अंदर जाकर कार्यवाई करना मुनासिब समझा था, ताकि नागरिकों की जानमाल की क्षति न हो। लेकिन बावजूद, इस तथ्य के द वायर उनकी बहादुरी और उनके साहस के बारे में पाठकों को बताने की जगह, आतंकियों के लिए अपनी खबर चला रहा है। ताकि एक बार फिर उन्हें पढ़ने वाला बुद्धिजीवी वर्ग खड़ा हो, और सवाल पूछे कि कैसे मालूम कि जवानों को मारने वाले आतंकी ही थे?

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘शर्म आनी चाहिए 370 पर इतना बड़ा झूठ बोलते हुए…’: दिग्विजय सिंह को कश्मीरी एक्टिविस्ट डॉ अग्निशेखर ने लताड़ा

डॉ अग्रनिशेखर ने दिग्विजय सिंह की निंदा की। साथ ही अपनी व तमाम कश्मीरी पंडितों की ओर कॉन्ग्रेसी नेता के बयान का खंडन कर इसे बिलकुल गलत बताया।

‘राजस्थान में गहलोत सरकार करा रही पायलट खेमे के विधायकों की फोन टैपिंग और जासूसी’: MLA वेद प्रकाश सोलंकी

सोलंकी ने कहा कि इस मामले के सामने आने के बाद विधायकों में दहशत है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए ये सब ठीक नहीं है।

‘आग लगाओ आग’: मेवात में जुनैद की मौत के बाद भीड़ ने किया पुलिस पर हमला; लाठी-डंडे-पत्थर फेंकने के बाद लगाई आग

“मेवात में आज जुनैद के मौत के बाद पुलिस वालों को शांतिदूतों ने मारा पीटा थाने को आग के हवाले कर दिया पुलिस की गाड़ियों को तोड़ा फोड़ा गया।”

‘किसान’ आंदोलन में गैंगरेप, बात दबाने के लिए शव यात्रा: 2 महिलाओं ने भी नहीं की पीड़िता की मदद

गैंगरेप की बात को लेकर 'किसान' आंदोलन में महिलाओं ने भी पीड़िता को धोखा दिया। उन्होंने पीड़िता की आपबीती का वीडियो बनाकर...

न जॉब रही, न कार्टून बिक रहे… अब PM मोदी को कोस रहे: ट्विटर के मेल के सहारे वामपंथी मीडिया का प्रपंच

मंजुल के सहयोगी ने बताया कि मंजुल अपने इस गलत फैसले के लिए बाहरी कारणों को दोष दे रहे हैं और आशा है कि जो पब्लिसिटी उन्हें मिली है उससे अब वो ज्यादा पैसे कमा रहे होंगे।

UP के ‘ऑपरेशन’ क्लीन में अतीक गैंग की ₹46 करोड़ की संपत्ति कुर्क, 1 साल में ₹2000 करोड़ की अवैध प्रॉपर्टी पर हुई कार्रवाई

पिछले 1 हफ्ते में अतीक गैंग के सदस्यों की 46 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की गई और अब आगे 22 सदस्य ऐसे हैं जिनकी कुंडली प्रयागराज पुलिस लगातार खंगाल रही है।

प्रचलित ख़बरें

सस्पेंड हुआ था सुशांत सिंह का ट्रोल अकाउंट, लिबरलों ने फिर से करवाया रिस्टोर: दूसरों के अकाउंट करवाते थे सस्पेंड

जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदता है, वो उस गड्ढे में खुद गिरता है। सुशांत सिंह का ट्रोल अकाउंट @TeamSaath के साथ यही हुआ।

सुशांत ड्रग एडिक्ट था, सुसाइड से मोदी सरकार ने बॉलीवुड को ठिकाने लगाया: आतिश तासीर की नई स्क्रिप्ट, ‘खान’ के घटते स्टारडम पर भी...

बॉलीवुड के तीनों खान-सलमान, शाहरुख और आमिर के पतन के पीछे कौन? मोदी सरकार। लेख लिखकर बताया गया है।

‘भाईजान’ के साथ निकाह से इनकार, बॉयफ्रेंड संग रहना चाहती थी समन अब्बास, अब खेत में दफन? – चचेरा भाई गिरफ्तार

तथाकथित ऑनर किलिंग में समन अब्बास के परिवार वालों ने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी और उसके शव को खेत में दफन कर दिया?

‘तुम्हारी लड़कियों को फँसा कर रोज… ‘: ‘भीम आर्मी’ के कार्यकर्ता का ऑडियो वायरल, पंडितों-ठाकुरों को मारने का दावा

'भीम आर्मी' के दीपू कुमार ने कहा कि उसने कई ब्राह्मण और राजपूत लड़कियों का बलात्कार किया है और पंडितों और ठाकुरों को मौत के घाट उतारा है।

नुसरत जहाँ की बेबी बंप की तस्वीर आई सामने, यश दासगुप्ता के साथ रोमांटिक फोटो भी वायरल

नुसरत जहाँ की एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें उनकी बेबी बंप साफ दिख रहा है। उनके पति निखिल जैन पहले ही कह चुके हैं कि यह उनका बच्चा नहीं है।

11 साल से रहमान से साथ रह रही थी गायब हुई लड़की, परिवार या आस-पड़ोस में किसी को भनक तक नहीं: केरल की घटना

रहमान ने कुछ ऐसा तिकड़म आजमाया कि सजीथा को पूरे 11 साल घर में भी रख लिया और परिवार या आस-पड़ोस तक में भी किसी को भनक तक न लगी।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
103,458FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe