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मिड-डे ने सुशांत को मनोवैज्ञानिक के नाम पर बताया ‘बाइपोलर डिसॉर्डर’ से पीड़ित: सवाल पूछने पर खुली पोल, एडिट की स्टोरी

मिड-डे में सुशांत के ऊपर ये स्टोरी करने वाले रिपोर्टर का नाम फैजान खान है। जिन्होंने अपनी स्टोरी की हेडलाइन में भी उन्हें बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित बताया । लेकिन बाद में हेडलाइन बदलकर ये लिख दिया कि सुशांत लगातार डॉक्टर बदल रहे थे और दवाई भी छोड़ रहे थे।

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से मीडिया चैनलों में और अखबारों में तरह-तरह की बातें चल रही हैं। कोई उनके प्रोफेशनल लाइफ पर बात कर रहा है। कोई उनके निजी जीवन पर टिप्पणियाँ कर रहा है। इसी बीच मिड-डे अखबार का एक कारनामा उजागर हुआ है।

दरअसल, मिड-डे ने अपने एक लेख में सुशांत को बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित बताया और जब फिल्म एडिटर अपूर्वा ने इस पर उनके सूत्रों के बारे में पूछा। तो फौरन आर्टिकल से बाइपोलर डिसऑर्डर हटाकर डिप्रेशन कर दिया।

इस बात को अपूर्वा ने खुद ट्विटर पर शेयर किया। उन्होंने लिखा, “आज मिड-डे ने अपनी स्टोरी में एक अज्ञात मनोवैज्ञानिक के हवाले से दावा किया कि सुशांत को बाइपोलर डिसऑर्डर है। मगर जैसे ही मैंने इस अज्ञात सूत्र के बारे में पूछा, लेख को फौरन एडिट कर दिया गया और उसकी बीमारी को डिप्रेशन में बदल दिया गया।” अपूर्वा मिड-डे की इस हरकत को उजागर करते हुए अपील करते हैं कि कंगना के प्रति अपनी नफरत की आड़ में अन्याय को ढँकने काम न करें।

यहाँ बता दें मिड-डे में सुशांत के ऊपर ये स्टोरी करने वाले रिपोर्टर का नाम फैजान खान है। जिन्होंने अपनी स्टोरी की हेडलाइन में भी उन्हें बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित बताया । लेकिन बाद में हेडलाइन बदलकर ये लिख दिया कि सुशांत लगातार डॉक्टर बदल रहे थे और दवाई भी छोड़ रहे थे। इसकी पुष्टि मनोवैज्ञानिक ने पुलिस के सामने की है।

मिड-डे की हरकत उजागर होने के बाद यूजर फिल्मफेयर को लेकर भी गौर करवा रहे हैं। स्क्रीनशॉट में बताया जा रहा है कि फिल्मफेयर ने भी सुशांत को बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित बताया। मगर, जब सवाल पूछे गए तो ट्वीट डिलीट हो गया।

सोशल मीडिया यूजर्स ये सब देखकर ऐसे लोगों पर लीगल कार्रवाई की माँग उठा रहे हैं और कह रहे हैं कि आज एक मृत व्यक्ति को मानसिक तौर पर पीड़ित बताया जा रहा है। ये पत्रकारिता का कैसा घटिया प्रयास है। शर्म आनी चाहिए। यूजर्स के अनुसार, बॉलीवुड का माफिया अब वही कर रहा है जो कंगना ने अनुमान लगाया था। ये लोग ऐसे लेखों से मुद्दे को भटकाकर खुद को बचाना चाहते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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