Sunday, September 27, 2020
Home बड़ी ख़बर मिस्टर चिदंबरम को, पूर्व गृह मंत्री, वित्त मंत्री को ऐसे उठाया CBI ने… तो?...

मिस्टर चिदंबरम को, पूर्व गृह मंत्री, वित्त मंत्री को ऐसे उठाया CBI ने… तो? चावल के लोटे में पैर लगवाते?

जो व्यक्ति भ्रष्टाचार जहाँ नहीं था, उस राफ़ेल मामले में 'जाँच करवाने में क्या जाता है' कह कर पागल होता रहा, वो व्यक्ति एक एजेंसी को पूछताछ के लिए, घोटालेबाजी का इतिहास सर-मुँह-कमर-कंधे पर लेकर घूमने वाली पार्टी के नेता, पी चिदंबरम को घर से उठाने पर ऐसा कवरेज कर रहा है! फिर जब लोग इनके पोस्ट पर घेरते हैं तो ये कहने लगते हैं कि ट्रोल छोड़ दिया भाजपा वालों ने!

चिदबंरम को आज, 21 अगस्त, 2019 को देर रात सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट से बेल पाने की बहुत कोशिश हुई थी दिन में, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब लिस्ट में नंबर आएगा तो आम आदमी की तरह सुनवाई होगी। सीबीआई के पास अधिकार भी थे, मौका भी, उन्होंने चिदंबरम को दिल्ली में गिरफ्तार कर लिया।

इस पूरे प्रकरण पर एनडीटीवी को लाइव देखता रहा। एक घंटे तक बर्दाश्त करने के बाद जो जानकारियाँ मिलीं वो यह थीं कि, बकौल रवीश कुमार, चिदंबरम भाजपा में शामिल हो जाते तो इतना सब देखने से बच जाते। रवीश जी की ये बात बिलकुल सही है। भाजपा ने वाकई कई लोगों पर पहले खूब आरोप लगाए, बाद में शांत हो गई जब वो उसकी पार्टी में शामिल हो गए। ये गलत है, लेकिन यही राजनैतिक वास्तविकता भी है।

आगे, रवीश जी ने खूब मजे लिए, दुखी भी दिखे, आश्चर्यचकित भी। दुखी इस बात पर कि इसे टीवी का इवेंट बना दिया गया। ये बात मुझे कोई बता दे कि आपके पास अपना शो है, बहुत बड़े पत्रकार हैं, क्या आप अपने शो तक को कैसे चलाएँ, उस पर निर्णय नहीं ले सकते? या आप खुद भी लाइव कमेंट्री करेंगे और ज्ञान देंगे कि ‘बताइए, एक अरेस्ट ही होना था, सब लोग इसी को दिखा रहे हैं। मैं तो घंटों तैयारी कर के कुछ और करने आया था। मेहनत बेकार हो गई।’ घंटों की तैयारी थी, तो वही करते। जब खबर आ जाती कि गिरफ्तारी हो गई, या नहीं हुई तो लाइव शो में बोल देते कि क्या हुआ।

यही सब वो मौके हैं जहाँ व्यक्ति खुद को मॉरल हाय ग्राउंड पर खड़ा दिखाता है लेकिन उसे भी उसी कीचड़ में लोटना है जिसमें बाकी सब हैं।

- विज्ञापन -

आगे जब एनडीटीवी संवाददाता नीता शर्मा ने बताना शुरु किया तो उनकी पूरी रिपोर्टिंग में मुद्दे से ज़्यादा जोर इस बात पर रहा कि वो चिदंबरम नाम के पहले मिस्टर तो हर बार लगाएँ ही, साथ ही, दुनिया को यह भी बताती रहें कि उन्होंने सीबीआई को खूब कवर किया है लेकिन कभी उन्हें दीवार फाँद कर, एक राज्यसभा सांसद, एक पूर्व गृह मंत्री, एक पूर्व वित्त मंत्री को ऐसे गिरफ्तार करते नहीं देखा।

संवाददाता ने बार-बार बताया कि सीबाआई दरवाजे के खुलने का इंतजार भी तो कर सकती थी। सही बात है। अगर वो लोग इंतज़ार करते तो क्या पता मिस्टर चिदंबरम केस की फाइलें लेकर स्वयं आते और कहते कि ‘लीजिए पढ़ लीजिए, आप लोग यहाँ क्यों आए, मुझे फोन कर लिया होता, मैं स्वयं आ जाता!’

जब रवीश गोदी मीडिया की बात करते हैं तो उसकी प्रकृति ऐसी ही होती है। किसी पर आरोप हैं, और आपकी रिपोर्टिंग का पूरा भार उसे ‘मिस्टर’ और ‘पूर्व मंत्री’ बताने में लगा हुआ है जैसे कि ऐसे लोगों को कानून में कोई अलग व्यवस्था दी गई हो। मुझे याद है कि कारवाँ मैगज़ीन और ‘द वायर’ में छपी तीन फर्जी खबरों पर रवीश ने कितने प्राइम टाइम किए थे। वहाँ भी इसी तरह के सम्माननीय लोग शामिल थे, कोई केस नहीं था, लेकिन रिपोर्टिंग में कहा जाता रहा कि जाँच कराने में क्या जाता है। ये कॉन्ग्रेस के समय में मिस्टर-मिस्टर क्यों होने लगा?

लोग ऐसे अनजान बन रहे हैं जैसे उन्हें पहले की बातें याद ही नहीं हों कि चिदम्बरम के गृह मंत्री रहते अमित शाह के साथ क्या हुआ था। तब बात होने लगती है कि क्या ऐसे ही होता रहेगा? अंतर बस यही है कि चिदम्बरम पर तीन मामले हैं, सुप्रीम कोर्ट में भी इस पर चर्चा हुई और कानूनी रूप से दायरे में रह कर ही कार्रवाई की गई।

वो पूर्व गृह मंत्री हों या सड़क किनारे झालमूढ़ी का ठेला लगाने वाले, गेट नहीं खोलेंगे तो दीवार फाँदना ही एक उपाय है। अगर एनडीटीवी को सीबीआई के दीवार फाँदने पर मर्यादा और ‘तेलगी को भी सम्मान से लाया गया था’ याद आ रहा है तो उसे यह बात भी तो याद रखनी चाहिए पूर्व गृह मंत्री को कानून का सम्मान करते हुए, संविधान पर, कोर्ट पर, सरकारी संस्थाओं पर विश्वास दिखाते हुए, एक उदाहरण पेश करना चाहिए था।

उसके बाद रवीश कुमार अपनी चिरपरिचित हें-हें-हें वाली हंसी के साथ बोलने लगे कि ‘इंद्राणी मुखर्जी तो स्वयं ही हत्या के मामले में आरोपित है, उसकी बात पर चिदंबरम को गिरफ्तार किया जा रहा है।’ आरोपित तो आपके मालिक भी हैं रवीश जी, उन पर जाँच होती है, बुलाया जाता है तो आप ‘प्रेस फ्रीडम पर हमला’ कहने लगते हैं। आरोपित होने से क्या उस व्यक्ति की हर बात झूठी हो जाती है? ये आप तय करेंगे या कोर्ट, या कॉमन सेंस?

ये सब देख कर आदमी अपना सर ही पीट ले कि पत्रकारिता के नाम पर ये किस तरह की ओपनियिनबाजी चल रही है? गेट पर इंतजार कर सकती थी सीबीआई, उन्हें ऐसे क्यों अरेस्ट किया, सुबह में कर लेते, उसकी बात पर क्यों अरेस्ट किया, ऐसे मामलों में तो बीस-बीस साल कुछ होता नहीं… मतलब, कोर्ट में केस खिंचता है तो क्या केस बनना ही बंद हो जाए?

जब बात पोलिटिकल वेन्डेटा, या राजैनतिक बदले की भावना से ही प्रेरित दिख रही है तो उस वास्तवकिता को स्वीकारने में क्या समस्या हो रही है कि जिसके पास सत्ता होती है, वो अगर अपराध साबित न भी कर पाए, लेकिन विरोधियों को पाँच दिन जेल में तो रख ही सकता है। मैं हैरान हो जाता अगर रवीश कुमार अमित शाह के जेल जाते वक्त भी इसी तरह की हल्के-फुल्के सत्संग टाइप के शब्दों के साथ कवर कर रहे होते।

जिस तरह से इस पूरे प्रकरण में एनडीटीवी ने माहौल बनाया है, जैसे इन लोगों ने एक व्यक्ति के नेता होने, मंत्री होने, राज्यसभा सांसद होने पर ज़ोर दिया है लगता तो यही है कि कल अगर प्रणय रॉय, राधिका रॉय आदि को सरकारी संस्थाएँ उठा कर ले जाएँ तो ये कह सकें कि जब पूर्व गृह और वित्त मंत्री को नहीं छोड़ा तो हम तो फिर भी मीडिया के लोग हैं। विक्टिम कार्ड बनाने के लिए पहले ही अप्लाय कर दिया है। ये कहते-कहते रवीश जी कूद जाएँगे कि जब प्रणय रॉय को पकड़ लिया, मीडिया को पकड़ लिया तो आप लोगों की क्या बिसात है।

जो व्यक्ति भ्रष्टाचार जहाँ नहीं था, उस राफ़ेल मामले में ‘जाँच करवाने में क्या जाता है’ कह कर पागल होता रहा, वो व्यक्ति एक एजेंसी को पूछताछ के लिए, घोटालेबाजी का इतिहास सर-मुँह-कमर-कंधे पर लेकर घूमने वाली पार्टी के नेता, पी चिदंबरम को घर से उठाने पर ऐसा कवरेज कर रहा है! फिर जब लोग इनके पोस्ट पर घेरते हैं तो ये कहने लगते हैं कि ट्रोल छोड़ दिया भाजपा वालों ने! अरे भाई, वो ट्रोल नहीं हैं, वो आपके द्वारा एक ही मुद्दे पर दो तरह की रिपोर्टिंग करने की जादूगरी के करतब को देखने वाले लोग हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत भारतीhttp://www.ajeetbharti.com
सम्पादक (ऑपइंडिया) | लेखक (बकर पुराण, घर वापसी, There Will Be No Love)

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

द वायर ने एडिटेड वीडियो से कृषि बिल विरोधी प्रदर्शनकारियों पर बीजेपी कार्यकर्ताओं के हमले के बारे में फैलाई फर्जी खबरें, यहाँ जाने सच

वायर के सिद्धार्थ वरदराजन और आरफा शेरवानी जैसे तथाकथित 'निष्पक्ष' पत्रकारों ने जानबूझकर भाजपा कार्यकर्ताओं पर प्रारंभिक हमले को नजरअंदाज कर दिया और इस घटना के बारे में आधे सच को आगे फैलाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कृषि बिल विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हमला किया था।

UN में स्थायी सीट के लिए PM मोदी ने ठोकी ताल, पूछा- कब तक इंतजार करेगा भारत, पाक और चीन पर भी साधा निशाना

महामारी के बाद बनी परिस्थितियों के बाद हम 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। आत्मनिर्भर भारत अभियान, ग्लोबल इकॉनमी के लिए भी एक फोर्स मल्टिप्लायर होगा।

‘दीपिका के भीतर घुसे रणवीर’: गालियों पर हँसने वाले, यौन अपराध का मजाक बनाने वाले आज ऑफेंड क्यों हो रहे?

दीपिका पादुकोण महिलाओं को पड़ रही गालियों पर ठहाके लगा रही थीं। अनुष्का शर्मा के लिए यह 'गुड ह्यूमर' था। करण जौहर खुलेआम गालियाँ बक रहे थे। तब ऑफेंड नहीं हुए, तो अब क्यों?

आजतक के कैमरे से नहीं बच पाएगी दीपिका: रिपब्लिक को ज्ञान दे राजदीप के इंडिया टुडे पर वही ‘सनसनी’

'आजतक' का एक पत्रकार कहता दिखता है, "हमारे कैमरों से नहीं बच पाएँगी दीपिका पादुकोण"। इसके बाद वह उनके फेस मास्क से लेकर कपड़ों तक पर टिप्पणी करने लगा।

‘शाही मस्जिद हटाकर 13.37 एकड़ जमीन खाली कराई जाए’: ‘श्रीकृष्ण विराजमान’ ने मथुरा कोर्ट में दायर की याचिका

शाही ईदगाह मस्जिद को हटा कर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की पूरी भूमि खाली कराने की माँग की गई है। याचिका में कहा गया है कि पूरी भूमि के प्रति हिन्दुओं की आस्था है।

सुशांत के भूत को समन भेजो, सारे जवाब मिल जाएँगे: लाइव टीवी पर नासिर अब्दुल्ला के बेतुके बोल

नासिर अब्दुल्ला वही शख्स है, जिसने कंगना पर बीएमसी की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा था कि शिव सैनिक महिलाओं का सम्मान करते हैं, इसलिए बुलडोजर चलवाया है।

प्रचलित ख़बरें

‘मुझे सोफे पर धकेला, पैंट खोली और… ‘: पुलिस को बताई अनुराग कश्यप की सारी करतूत

अनुराग कश्यप ने कब, क्या और कैसे किया, यह सब कुछ पायल घोष ने पुलिस को दी शिकायत में विस्तार से बताया है।

पूना पैक्ट: समझौते के बावजूद अंबेडकर ने गाँधी जी के लिए कहा था- मैं उन्हें महात्मा कहने से इंकार करता हूँ

अंबेडकर ने गाँधी जी से कहा, “मैं अपने समुदाय के लिए राजनीतिक शक्ति चाहता हूँ। हमारे जीवित रहने के लिए यह बेहद आवश्यक है।"

बेच चुका हूँ सारे गहने, पत्नी और बेटे चला रहे हैं खर्चा-पानी: अनिल अंबानी ने लंदन हाईकोर्ट को बताया

मामला 2012 में रिलायंस कम्युनिकेशन को दिए गए 90 करोड़ डॉलर के ऋण से जुड़ा हुआ है, जिसके लिए अनिल अंबानी ने व्यक्तिगत गारंटी दी थी।

‘मारो, काटो’: हिंदू परिवार पर हमला, 3 घंटे इस्लामी भीड़ ने चौथी के बच्चे के पोस्ट पर काटा बवाल

कानपुर के मकनपुर गाँव में मुस्लिम भीड़ ने एक हिंदू घर को निशाना बनाया। बुजुर्गों और महिलाओं को भी नहीं छोड़ा।

नूर हसन ने कत्ल के बाद बीवी, साली और सास के शव से किया रेप, चेहरा जला अलग-अलग जगह फेंका

पानीपत के ट्रिपल मर्डर का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने नूर हसन को गिरफ्तार कर लिया है। उसने बीवी, साली और सास की हत्या का जुर्म कबूल कर लिया है।

‘दीपिका के भीतर घुसे रणवीर’: गालियों पर हँसने वाले, यौन अपराध का मजाक बनाने वाले आज ऑफेंड क्यों हो रहे?

दीपिका पादुकोण महिलाओं को पड़ रही गालियों पर ठहाके लगा रही थीं। अनुष्का शर्मा के लिए यह 'गुड ह्यूमर' था। करण जौहर खुलेआम गालियाँ बक रहे थे। तब ऑफेंड नहीं हुए, तो अब क्यों?

MP रवि किशन को ड्रग्स पर बोलने के कारण मिल रही धमकियाँ, कहा- बच्चों के भविष्य के लिए 2-5 गोली भी मार दी...

रवि किशन को ड्रग्स का मामला उठाने की वजह से कथित तौर पर धमकी मिल रही है। धमकियों पर उन्होंने कहा कि देश के भविष्य के लिए 2-5 गोली खा लेंगे तो कोई चिंता नहीं है।

छत्तीसगढ़: वन भूमि अतिक्रमण को लेकर आदिवासी और ईसाई समुदायों में झड़प, मामले को जबरन दिया गया साम्प्रदयिक रंग

इस मामले को लेकर जिला पुलिस ने कहा कि मुद्दा काकडाबेड़ा, सिंगनपुर और सिलाती गाँवों के दो समूहों के बीच वन भूमि अतिक्रमण का है, न कि समुदायों के बीच झगड़े का।

द वायर ने एडिटेड वीडियो से कृषि बिल विरोधी प्रदर्शनकारियों पर बीजेपी कार्यकर्ताओं के हमले के बारे में फैलाई फर्जी खबरें, यहाँ जाने सच

वायर के सिद्धार्थ वरदराजन और आरफा शेरवानी जैसे तथाकथित 'निष्पक्ष' पत्रकारों ने जानबूझकर भाजपा कार्यकर्ताओं पर प्रारंभिक हमले को नजरअंदाज कर दिया और इस घटना के बारे में आधे सच को आगे फैलाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कृषि बिल विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हमला किया था।

ड्रग्स में संलिप्त कलाकारों को निर्माता नहीं दें काम, सुशांत के मामले को भी जल्द सुलझाए CBI: रामदास अठावले

"ड्रग्स में संलिप्त कलाकारों को निर्माता काम नहीं दें। ड्रग्स में संलिप्त कलाकारों को फिल्में देना बंद नहीं हुआ तो आरपीआई कार्यकर्ता विरोध दर्ज कराते हुए शूटिंग बंद करने भी पहुँचेंगे।"

मुख्तार अहमद से राहुल बनने की साजिश में वकील फातिमा ने की मदद: SIT को मिली लव जिहाद से जुड़े मास्टरमाइंड की कड़ी

SIT ने कानपुर लव जिहाद मामले के आरोपित का कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में एक महिला वकील फातिमा का पता लगाया है।

मीडिया अगर किसी भी सेलेब्रिटी की गाड़ी का पीछा करेगी तो मुंबई पुलिस गाड़ी जब्त कर ड्राइवर पर करेगी कार्रवाई: DCP

डीसीपी ने कहा कि आज पुलिस ने कई मीडिया वाहनों का अवलोकन किया, जिन्होंने एनसीबी जाँच के लिए बुलाए गए लोगों का पीछा करते हुए पाए गए।

CM योगी को धमकाने वाला ट्रक ड्राइवर गिरफ्तार: मुख़्तार अंसारी को 24 घंटे के भीतर रिहा करने की दी थी धमकी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मारने की धमकी देने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपित एटा जिले का रहने वाला है। उससे पूछताछ की जा रही है।

UN में स्थायी सीट के लिए PM मोदी ने ठोकी ताल, पूछा- कब तक इंतजार करेगा भारत, पाक और चीन पर भी साधा निशाना

महामारी के बाद बनी परिस्थितियों के बाद हम 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। आत्मनिर्भर भारत अभियान, ग्लोबल इकॉनमी के लिए भी एक फोर्स मल्टिप्लायर होगा।

लवजिहाद के लिए पाकिस्तानी संगठन दावत-ए-इस्लामी कर रहा करोड़ों की फंडिंग: कानपुर SIT जाँच में खुलासा

सभी मामलों की जाँच करने के बाद पता चला कि सभी आरोपितों का जुड़ाव शहर की ऐसी मस्जिदों से है, जहाँ पाकिस्तान कट्टरपंथी विचारधारा के संगठन दावते इस्लामी का कब्जा है।

कंगना केस में हाईकोर्ट ने BMC को लगाई फटकार, पूछा- क्या अवैध निर्माण गिराने में हमेशा इतनी तेजी से कार्रवाई करती है बीएमसी?

कोर्ट ने बीएमसी से पूछा कि क्या अवैध निर्माण को गिराने में वह हमेशा इतनी ही तेजी दिखाती है जितनी कंगना रनौत का बंगला गिराने में दिखाई?

हमसे जुड़ें

264,935FansLike
78,073FollowersFollow
325,000SubscribersSubscribe
Advertisements