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पाकिस्तानी मंत्री को शो में स्पेस देने के सवाल पर सरदेसाई ने खोया आपा, अब फारूक अब्दुल्ला का जानना चाहते हैं पक्ष: देखें वीडियो

"आपने मुझे अभी बताया कि हमें फारूक अब्दुल्ला के साथ निष्पक्ष होना चाहिए। क्यों आखिर आपके चैनल पर ये 9 बजे का शो पाकिस्तान के फवाद चौधरी को मौका देता है कि वह आएँ और अपना पक्ष रखें। आप फारूक अब्दुल्ला को मौका देकर क्यों यह साबित करना चाहते हैं कि वो राष्ट्रवादी हैं।"

इंडिया टुडे के प्राइम टाइम एंकर राजदीप सरदेसाई की एक बार फिर अपने ही शो में फजीहत हो गई। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने उन्हें पाकिस्तान के मंत्री फवाद चौधरी को स्पेस देने की बात पर जम कर लताड़ा। सरदेसाई इसके बाद बीच-बीच में चिल्लाते रहे कि उन्हें संबित पात्रा से अपने राष्ट्रवाद का प्रमाण नहीं चाहिए मगर भाजपा प्रवक्ता ने उनकी एक न सुनी।

इस बातचीत में सरदेसाई ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला के साथ निष्पक्ष बर्ताव होना चाहिए। इसे सुन संबित पात्रा ने उनसे पूछा कि आखिर क्यों उनका प्राइम टाइम पाकिस्तान के मंत्री फवाद चौधरी जैसे लोगों को अपना पक्ष रखने के लिए प्लेटफॉर्म देता है।

वह बोले, “आपने मुझे अभी बताया कि हमें फारूक अब्दुल्ला के साथ निष्पक्ष होना चाहिए। क्यों आखिर आपके चैनल पर ये 9 बजे का शो पाकिस्तान के फवाद चौधरी को मौका देता है कि वह आएँ और अपना पक्ष रखें। आप फारूक अब्दुल्ला को मौका देकर क्यों यह साबित करना चाहते हैं कि वो राष्ट्रवादी हैं।”

बस दर्शकों के सामने अपनी फजीहत होता देख राजदीप सरदेसाई को गुस्सा आ गया और वह बीच बीच में बोलने लगे। उन्होंने पूछा कि आखिर वह फारूक अब्दुल्ला को बोलने का मौका क्यों न दें। पात्रा ने इस बीच कहा कि जो पत्रकारिता के तरीके सरदेसाई और उनके जैसे लोग इस्तेमाल करते हैं उसके बारे में पूरा देश जानता है। इस पर सरदेसाई और आग बबूला हो गए।

राजदीप सरदेसाई ने फिर चिल्लाकर कहा, “मुझे आपसे राष्ट्रवाद का प्रमाण नहीं चाहिए डॉ पात्रा। मैं भरतीय राष्ट्रवादी हूँ। मैं आपकी तरह राजनीतिक रूप से कट्टर नहीं हूँ।”

उल्लेखनीय है कि यह पहली बार नहीं है कि सरदेसाई को उनकी पत्रकारिता व समझ के कारण ऐसी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा हो। इससे पूर्व जब प्रधानमंत्री पहली बार लोकसभा चुनावों लड़ रहे थे तो सरदेसाई कई एनआरआई के साथ एक फ्लाइट में थे और उन्हीं में से एक ने उन्हें थप्पड़ भी जड़ा था।

पिछले 6 सालों में कई ऐसे मौके आए हैं जब सरदेसाई की ऐसी फजीहत हुई। अक्टूबर में उन्होंने फवाद चौधरी को अपने चैनल पर स्पेस दिया था सिर्फ़ इसलिए ताकि वह पुलवामा पर अपने बयान पर स्पष्टीकरण दे सकें। इस हरकत के लिए उनकी बहुत आलोचना हुई थी। एक इंटरव्यू के दौरान राजदीप ने यह भी स्वीकारा था कि उन्हें संसद हमले के समय खुशी हुई थी क्योंकि उन्हें अच्छी सामग्री मिल रही थी।

ऐसे ही एक इंटरव्यू में मुकेश अंबानी ने राजदीप को लेकर कह दिया था कि वह उन्हें गंभीरता से नहीं लेते। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उन्हें इस बात पर डाँटा था कि उनके इंटरव्यू के बीच में वह उन्हें न टोके। इसी तरह सौरभ गाँगुली ने भी राजदीप को उनकी हरकतों पर टोका था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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