Friday, March 6, 2026
Homeरिपोर्टमीडिया'ये आँकड़े हैरान करने वाले हैं': PM मोदी का समर्थन देख इंडिया टुडे के...

‘ये आँकड़े हैरान करने वाले हैं’: PM मोदी का समर्थन देख इंडिया टुडे के सर्वे से राजदीप सरदेसाई हुए हक्के-बक्के

“मैं कुछ हद तक चीन के नंबरों को समझ सकता हूँ, लेकिन मैं इन नंबरों को भयावह मानता हूँ। यह एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर आम आदमी को हमलावर होना चाहिए। यदि 24% लोग इसे उत्कृष्ट, और 48% अच्छा कहते हैं, तो यह कुल 72% है! चलो इसे समझने की कोशिश करते हैं!"

शुक्रवार का दिन ‘वरिष्ठ जर्नलिस्ट’ राजदीप सरदेसाई के लिए बेहद मुश्किल रहा होगा। उन्होंने उसी चैनल के आँकड़ों को गुमराह करने वाला और अविश्वसनीय बताया जिसमें खुद काम करते हैं। नरेन्द्र मोदी सरकार को लेकर किए गए एक सर्वे के आँकड़ों पर उन्हें यह कारनाम करना पड़ा। सर्वे में भाग लेने वाले लोगों ने मोदी सरकार के काम करने के तरीकों को उत्कृष्ट और पूर्ववर्ती UPA सरकार से कहीं अधिक बेहतर बताया था।

2019 के लोकसभा चुनाव के एक साल बाद, समाचार चैनल ‘इंडिया टुडे’ पर ‘मूड ऑफ द नेशन’ पोल शुक्रवार (अगस्त 07, 2020) को प्रकाशित किया गया। कोरोना महामारी के बाद किए गए इस बेहद महत्वपूर्ण सर्वेक्षण में यह बात सामने आई कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रदर्शन से जनता बेहद संतुष्ट है।

क्या था सर्वे?

इंडिया टुडे द्वारा कराए गए ‘मूड ऑफ़ द नेशन पोल’ में भाग लेने वाले लगभग दो-तिहाई लोग मोदी सरकार के आर्थिक संकट से निपटने को लेकर किए गए कार्यों से खुश थे। कम से कम 71% नागरिकों ने मोदी सरकार को कोरोना महामारी के कारण होने वाले आर्थिक संकट से निपटने के लिए ‘शानदार’ या ‘अच्छा’ माना।

चित्र साभार- इंडिया टुडे

इंडिया टुडे के सर्वेक्षण में यह भी कहा गया है कि भाग लेने वाले कुल लोगों में से 43% ने कहा कि मोदी सरकार ने पिछली मनमोहन सरकार की तुलना में आर्थिक संकट को बेहतर तरीके से सँभाला है। सर्वेक्षण से पता चला कि कम से कम 88% प्रतिभागियों ने कहा कि आर्थिक संकट से निपटने में पिछली सरकार की तुलना में मोदी सरकार बेहतर या बराबर थी।

चित्र साभार- इंडिया टुडे

पीएम मोदी को मिली ज्यादा रेटिंग तो बौखलाए राजदीप सरदेसाई

जैसे ही इंडिया टुडे के पत्रकार राहुल कंवल ने अपने शो में सर्वे के इन आँकड़ों को प्रकाशित किया, राजदीप सरदेसाई के चेहरे पर मायूसी छा गई। राजदीप के लिए मोदी सरकार को लेकर जनता की इस प्रतिक्रिया पर विश्वास करना बेहद मुश्किल था। खासकर, ऐसे समय में, जब लगभग पूरा विश्व ही आर्थिक संकट से जूझ रहा है, अर्थव्यवस्था के मामले में मोदी सरकार को लेकर राजदीप कुछ और ही नतीजों की उम्मीद में थे, लेकिन परिणाम एकदम विपरीत रहे।

सर्वेक्षण पर टिप्पणी करते हुए, राजदीप सरदेसाई ने कहा कि वह सर्वेक्षण से ‘हैरान’ हैं। उन्होंने कहा कि वह चीन के साथ हाल ही में हुए झड़पों के मोदी सरकार पर इंडिया टुडे के सर्वेक्षण पर भरोसा कर सकते हैं, लेकिन अर्थव्यवस्था के मामले में मोदी सरकार को लेकर अनुकूल परिणाम दिखाने वाले पर नहीं।

अपने ही समाचार चैनल द्वारा किए गए सर्वे के नतीजों से हतप्रभ और निराश राजदीप ने कहा, “मैं कुछ हद तक चीन के नंबरों को समझ सकता हूँ, लेकिन मैं इन नंबरों को भयावह मानता हूँ। यह एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर आम आदमी को हमलावर होना चाहिए। यदि 24% लोग इसे उत्कृष्ट, और 48% अच्छा कहते हैं, तो यह कुल 72% है! चलो इसे समझने की कोशिश करते हैं!”

क्या रहा इंडिया टुडे के सर्वे का नतीजा

सर्वेक्षण में शामिल 78% लोगों ने पीएम मोदी के प्रदर्शन को उत्कृष्ट या अच्छा पाया। पीएम मोदी के समर्थन में यह रेटिंग वर्तमान में सबसे अधिक है। इंडिया टुडे का सर्वेक्षण ऐसे समय में आया है जब भारत कोरोना वायरस महामारी, आर्थिक संकट के साथ-साथ चीन के साथ बढ़ते सीमा तनाव के कारण कई संकटों से मुकाबिल है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्यों कमजोर पड़ रहा है चीन? पहली बार विकास दर 5% से नीचे: समझें- कैसे संकट में पड़ी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

चीन के प्रीमियर ली कियांग ने रिपोर्ट पेश करते हुए 2026 के लिए जीडीपी विकास दर लक्ष्य 4.5 से 5 प्रतिशत रखा। यह 1991 के बाद सबसे कम लक्ष्य है।

5000 साल पुराना इतिहास, जमीन में धँसती जा रही प्रतिमा: जानें- राजस्थान में स्थित दुनिया के इकलौते ‘विभीषण मंदिर’ की कहानी, जिसे वक्फ संपत्ति...

राजस्थान के कोटा में स्थित विभीषण मंदिर को दुनिया का इकलौता मंदिर माना जाता है। यह मंदिर लगभग पाँच हजार वर्ष पुराना बताया जाता है।
- विज्ञापन -