Homeरिपोर्टमीडियालाइव TV में दिख गया सच तो NDTV ने यूट्यूब वीडियो में की एडिटिंग,...

लाइव TV में दिख गया सच तो NDTV ने यूट्यूब वीडियो में की एडिटिंग, दंगाइयों के कुकर्म पर रवीश की लीपा-पोती

यूट्यूब पर अपलोड वीडियो में NDTV ने उसी सेक्शन को हटाया, जिसमें लाल किले पर पहुँचे लोग बता रहे थे कि वह वहाँ क्यों आए हैं। जबकि इसी के रिपोर्टर ने...

कृषि कानून के विरोध में किसान प्रदर्शनकारियों ने हर जगह भारत की थू-थू करवा दी, लेकिन NDTV पत्रकार रवीश कुमार अब भी हिंसक तत्वों के कुकर्मों पर लीपा-पोती करके उसे ढकने की कोशिशों में लगे हैं। सड़कों पर हुई हिंसा, लाल किला पर जमा भीड़, तिरंगे का अपमान और घायल पुलिसकर्मियों की तस्वीरें जहाँ कल दोपहर से सोशल मीडिया पर तैर रही हैं, वहीं रवीश कुमार अब भी यही प्रयास कर रहे हैं कि किसी तरह सारी अराजकता को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कह दिया जाए।

अपनी इन्हीं कोशिशों को सफल करने के लिए रवीश का और उनके संस्थान का एक नया कारनामा उजागर हुआ है। दरअसल, रवीश के लाइव शो कवरेज में उनके रिपोर्टर ने ग्राउंड से रिपोर्ट दी जिसमें दंगाई स्वयं बता रहे थे कि अधिकारों की लड़ाई के लिए वह हिंसा कर रहे हैं। मगर, जब शो की वीडियो यूट्यूब पर अपलोड हुई तो उससे वो सेक्शन बिलकुल गायब था।

शो की क्लिप में देख सकते हैं कि रवीश कुमार ने उस सेक्शन की जगह एक वायरल होती वीडियो का इस्तेमाल किया। किंतु ये बताना जरूरी नहीं समझा कि कैसे उसमें प्रदर्शनकारी दिल्ली पुलिस पर हमला बोल रहे हैं और उनके चलते पुलिस को दीवारों से नीचे छलांग मारनी पड़ रही है।

यूट्यूब पर अपलोड वीडियो में एनडीटीवी ने खुद को न्यूट्रल दिखाने के लिए उसी सेक्शन को हटाया, जिसमें लाल किले पर पहुँचे लोग बता रहे थे कि वह वहाँ क्यों आए हैं।

रवीश ने कहा – किसान उग्र नहीं हुए, जोश में थे

बात यही खत्म नहीं हुई। रवीश ने कथित किसानों के उग्र बर्ताव को नजरअंदाज करते हुए कहा कि प्रदर्शन तो बहुत शांतिपूर्ण तरह से शुरू हुआ था। लेकिन जैसे-जैसे भीड़ बेकाबू हुई, लाल किले पर अधिक से अधिक ट्रैक्टर आने लगे। रवीश ने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारी उग्र नहीं थे बल्कि केवल जोश में थे। अगर ऐसा नहीं होता तो लाल किले को खासा नुकसान पहुँच सकता था।

उनके मुताबिक किसानों का तलवार के साथ सड़कों पर आना, लाल किला कब्जाना, घोड़े पर सवार हो पुलिस को खदेड़ना, पुलिस को जानबूझकर मारना, महिला कर्मचारी से बदसलूकी… ये सब उग्र बर्ताव का नतीजा नहीं होता। इसे जोश कहा जाता है।

उग्र ट्रैक्टर रैली ने दिया एंबुलेंस को रास्ता- NDTV

एनडीटीवी के प्रोपगेंडे की हद देखिए कि जब पूरी दिल्ली जानती है कि किसान आंदोलन के कारण सड़कें किस प्रकार बाधित रहीं, तब वह सारी बात घुमाकर यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि कैसे प्रदर्शनकारियों ने एंबुलेंस को जगह दी, जबकि सच्चाई यह थी कि वो एंबुलेंस भी उसी ट्रैक्टर रैली के कारण असुविधा झेल रही थी।

गौरतलब हो कि दिल्ली में कल सैंकड़ों की संख्या में किसान प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर सभी नियमों की धज्जियाँ उड़ाई। फिर सड़कों पर अराजकता फैला कर कानून अपने हाथ में लिया। उन्होंने न केवल अपने तय मार्ग बदले बल्कि संसद और लाल किला की ओर मार्च भी किया।

इस दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज किया व आँसू गैस के गोले छोड़े। मगर, दंगाई ने पुलिस को ही पीटना शुरू कर दिया। पूरी हिंसा ट्रैक्टर रैली में शामिल दंगाइयों की मनमानी के चलते भड़की। फिर भी एनडीटीवी ऐसे घटिया कोशिशों में लगा रहा कि वह अपने दर्शकों को बरगला कर सारा ठीकरा प्रशासन व पुलिस पर फोड़ सके।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

उत्तराखंड में धमकियाँ देने वाले निहंग जसदीप सिंह की अश्लील तस्वीरें वायरल: ‘विक्की थॉमस सिंह’ नाम के एक दूसरे निहंग ने खोली पोल, कहा-...

उत्तराखंड के कर्णप्रयाग मारपीट मामले में लगातार धमकियाँ देने वाले निहंग जसदीप सिंह की अश्लील तस्वीरें सामने आई हैं। एक दूसरे 'जसदीप सिंह थॉमस' नाम के निहंग ने उसकी पोल खोल दी।

UPI के विस्तार से लेकर स्वास्थ्य-सुरक्षा-अंतरिक्ष सहयोग तक… जानिए PM मोदी के दौरे से भारत-सेशेल्स के बीच हुए कौन से 19 समझौते, क्या होगा...

पीएम मोदी के सेशेल्स दौरे ने दोनों देशों के 50 साल पुराने रिश्तों में नई जान फूँक दी है। इस दौरान 19 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिससे भारत को वैश्विक पटल पर मजबूती मिलेगी।
- विज्ञापन -