Sunday, July 25, 2021
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रिपब्लिक टीवी के प्रदीप भंडारी को मुंबई पुलिस ने फिर जारी किया समन: गिरफ्तारी की दी जा रही धमकी

"दोस्तों! मुंबई पुलिस मुझे थाने बुलाने के लिए उत्सुक है। मैं कल खार पुलिस थाने पहुँच जाऊँगा। उन्होंने मुझे 22 तारीख के लिए एक और समन जारी किया है। तथ्यों के सहारे मैं बिहार से मुंबई जा रहा हूँ, यहाँ मैं बिहार चुनाव का आँकलन कर रहा था। हम सच की लड़ाई जरूर जीतेंगें।"

मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र सरकार की रिपब्लिक टीवी से खींचतान अब दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही है। अभी कल की ही बात है जब मुंबई पुलिस द्वारा जारी समन मामले में चैनल के कंसल्टिंग एडिटर प्रदीप भंडारी को अग्रिम जमानत मिली थी। मगर, आज सूचना आई है कि मुंबई पुलिस ने एक बार फिर प्रदीप भंडारी को समन जारी कर दिया है। उन्हें 22 अक्टूबर को 4 बजे तक कोर्ट में पेश होने को कहा गया है।

बिहार में आगामी चुनावों की कवरेज करने पहुँचे प्रदीप भंडारी ने ट्विटर पर इस समन के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वह बिहार, चुनावों का आँकलन करने आए हुए थे, लेकिन अब वह मुंबई के लिए रवाना हो रहे हैं।

उन्होंने लिखा, “दोस्तों! मुंबई पुलिस मुझे थाने बुलाने के लिए उत्सुक है। मैं कल खार पुलिस थाने पहुँच जाऊँगा। उन्होंने मुझे 22 तारीख के लिए एक और समन जारी किया है। तथ्यों के सहारे मैं बिहार से मुंबई जा रहा हूँ, यहाँ मैं बिहार चुनाव का आँकलन कर रहा था। हम सच की लड़ाई जरूर जीतेंगें।”

इस समन में भंडारी से मुंबई पुलिस ने 22 अक्टूबर को 4 बजे कोर्ट में पेश होने को कहा है। इसमें यह भी लिखा है कि भंडारी बिना कोर्ट को बताए कहीं नहीं जा सकते।

पुलिस ने उन्हें याद दिलाया कि एक नोटिस 10 अक्टूबर को उन्हें और उनके वकील को भेजा गया था। यह नोटिस खार पुलिस थाने में दर्ज हुए मामले की सुनवाई के संबंध में था। इस नोटिस की ओरिजनल प्रति भी 13 अक्टूबर को भेजी गई थी, लेकिन तब भी उन्होंने अपने गायब होने की लिखित और मौखिक जानकारी नहीं दी।

इस नोटिस को मुंबई पुलिस की सख्त चेतावनी की तरह लेने को कहा गया। साथ ही उल्लेखित किया गया कि अगर भंडारी आगे भी अनुपस्थित हुए या नाफरमानी की तो उनके ख़िलाफ वारंट जारी होगा। नोटिस में यह भी बताया गया है कि प्रदीप भंडारी को व्हॉट्सएप के जरिए भी सूचना दी गई थी और स्पीड पोस्ट के जरिए कोर्ट की कार्रवाई में उपस्थित होने को भी कहा गया था, मगर वह फिर भी बिन बताए गायब हो गए।

2 घंटे विरोध के बाद मिली थी अग्रिम जमानत

गौरतलब है कि कल यानी 15 अक्टूबर को सुशांत सिंह मामले में रिपोर्टिंग करने वाले रिपब्लिक टीवी पत्रकार प्रदीप भंडारी की अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट द्वारा स्वीकार की गई थी। इससे पहले उनके ख़िलाफ़ गैर जमानती धाराओं में मुंबई पुलिस ने समन जारी किया था

प्रदीप भंडारी ने ट्वीट पर अग्रिम जमानत की सूचना देते हुए बताया था कि कोर्ट में इसका करीब 2 घंटे तक विरोध हुआ और आखिरकार अर्नब गोस्वामी की लीगल टीम के उल्लेखनीय प्रयासों से अग्रिम बेल स्वीकार कर ली गई।

पत्रकार ने लिखा, “माननीय न्यायालय द्वारा मेरी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली गई है। इसका कोर्ट में करीब 2 घंटे तक विरोध किया गया, लेकिन अर्नब गोस्वामी और रिपब्लिक की शानदार लीगल टीम ने हमें बड़ी जीत दिलाई। सत्य और न्याय के लिए लड़ने का मेरा संकल्प दृढ़ हो गया है। आप सब का आभार।”

बता दें कि हाल ही में भंडारी के खिलाफ़ पुलिस थाने में आईपीसी की धारा 188 (लोक सेवक द्वारा विधिवत आदेश देने की अवज्ञा), 353 (लोक सेवक को अपने कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) और बॉम्बे पुलिस कानून की धारा 37 (1), 135 के तहत मामला दर्ज हुआ था। इसी के बाद उन्हें पूछताछ के लिए थाने में हाजिर होने को कहा गया था और प्रदीप भंडारी ने केस दर्ज होने के बाद मुंबई पुलिस कमिश्नर को निशाने पर लिया था।  

प्रदीप भंडारी ने पुलिस कमिश्नर को उनके राजनीतिक आकाओं के इशारे पर काम करने और पुलिस की वर्दी का सम्मान नहीं करने के लिए फटकार लगाई थी और उनका इस्तीफा माँगा था। उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास में है, इसके लिए उनके खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत आरोप दायर करने की योजना बना रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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