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कुमारस्वामी थे CM, टेप में अहमद पटेल का नाम, लेकिन शेखर गुप्ता की नज़र में येदियुरप्पा दोषी

यह ऑडियो टेप तब का है जब कुमारस्वामी राज्य के सीएम थे। पूरे ऑडियो टेप में येदियुरप्पा का कहीं भी नाम नहीं लिया गया है। लेकिन शेखर गुप्ता ने इसे येदियुरप्पा का स्कैंडल बता दिया।

एडिटर्स गिल्ड वाले शेखर गुप्ता ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदियुरप्पा को उस मामले में घसीटने की कोशिश की है, जिसमें कहीं उनका नाम भी नहीं है। जिस मामले में कॉन्ग्रेस नेताओं पर आरोप लगे हैं, ‘द प्रिंट’ के शेखर गुप्ता ने उसे भाजपा नेता येदियुरप्पा का स्कैंडल बता डाला। जब लोगों ने उनसे पूछा कि इस पूरी ख़बर में येदियुरप्पा का नाम कहाँ है, तो वह चुप्पी साध गए।

दरअसल, ‘न्यूज़ 18 कन्नड़’ ने एक ऑडियो टेप जारी किया है जो 6 महीने पुराना है। इस टेप में कर्नाटक के आईपीएस अधिकारी भास्कर राव किसी फराज नामक व्यक्ति से बात कर रहे हैं, ताकि वह बेंगलुरू के पुलिस कमिश्नर बन सकें। इस क्लिप में फराज कॉन्ग्रेस नेता अहमद पटेल का नाम लेकर कहता है कि वह भूपिंदर हुड्डा से मिलने में व्यस्त हैं, उनके लौटते ही वह राव की पैरवी करेगा।

इस टेप में कॉन्ग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल का भी नाम आता है। फराज इस टेप में बार बार ‘AP साहब’ का नाम लेता है और ‘राहुल जी’ से मिलने की बात भी करता है। इस ऑडियो टेप में फराज कहता है कि जेडीएस सुप्रीमो एचडी देवगौड़ा और अहमद पटेल की काफ़ी अच्छी बनती है, इसीलिए अहमद पटेल के कहने से काम हो जाएगा। इस टेप में केवल कॉन्ग्रेस नेताओं का ही नाम सामने आता है लेकिन शेखर गुप्ता ने अपनी ट्वीट में न जाने कहाँ से येदियुरप्पा को ब्लेम कर दिया।

ये ऑडियो टेप असत्यापित है, अर्थात ‘न्यूज़ 18 कन्नड़’ अथवा ‘द प्रिंट’ ने इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं की है, अतः ऑपइंडिया भी इसकी पुष्टि नहीं करता। लेकिन, जिस ऑडियो टेप में कॉन्ग्रेस नेताओं की मदद से पिछले दरवाजे से कमिश्नर बनाए जाने की बात सामने आ रही है, उसमें येदियुरप्पा दोषी कैसे? यह येदियुरप्पा का स्कैंडल कैसे हुआ? यह ऑडियो टेप भी 6 महीने पुराना है, अर्थात उस समय एचडी कुमारस्वामी मुख्यमंत्री थे और राज्य में जेडीएस-कॉन्ग्रेस की गठबंधन सरकार थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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