Wednesday, October 21, 2020
Home रिपोर्ट मीडिया पालघर पर वायर की कारस्तानी: पहले कहा भीड़ हिंसा के शिकार साधु हिंदू नहीं,...

पालघर पर वायर की कारस्तानी: पहले कहा भीड़ हिंसा के शिकार साधु हिंदू नहीं, फिर चुपचाप बदल दी रिपोर्ट

पालघर में नृशंस भीड़ हत्या के पीड़ितों की पहचान को लेकर फर्जी खबर चलाने के लगभग एक महीने बाद 'द वायर' ने चुपचाप अपनी रिपोर्ट को एडिट करते हुए यह दावा किया है कि दोनों साधु ब्राह्मण परिवारों से थे, जो कि उनकी पिछली रिपोर्ट के एकदम विपरीत है। पुरानी रिपोर्ट में दावा किया गया था कि वे गोसावी आदिवासी समुदाय से थे।

‘सेक्युलर-लिबरल’ मीडिया गिरोह देशभर के हिंदुओं को निशाना बनाने के लिए अक्सर प्रोपेगेंडा फैलाता रहता है। वे लगातार ऐसा माहौल बनाने की कोशिश में लगे रहते हैं जिससे लगे कि देश में सांप्रदायिक हिंसा का कोई भी हिंदू पीड़ित नहीं है।

इसी प्रोपेगेंडा को भारत-विरोधी दुष्प्रचार के लिए पहचान रखने वाली वामपंथी पोर्टल द वायर ने पालघर मॉब लिंचिंग मामले में भी बढ़ाया था। महाराष्ट्र के पालघर में 16 अप्रैल 2020 को दो साधुओं और उनके ड्राइवर की भीड़ ने निर्मम तरीके से हत्या कर दी थी।

वायर ने दावा किया था दोनों साधु गैर-अधिसूचित जनजाति (denotified tribes) के थे और उनकी हत्या सांप्रदायिक हिंसा नहीं थी।

‘द वायर’ ने अपनी रिपोर्ट में दोनों मृतक व्यक्तियों- 70 वर्षीय कल्पवृक्ष गिरि और 35 वर्षीय सुशील गिरि को गोसावी खानाबदोश जनजाति से संबंधित बताया। साथ ही कहा कि उनके लिंचिंग का कोई धार्मिक एंगल नहीं था और वे भी ईसाई बने पालघर के आदिवासियों की तरह इसी समुदाय से ताल्लुक रखते थे। द वायर की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि वे हिंदू नहीं थे और न ही साधु।

पालघर लिंचिंग पर वायर की रिपोर्ट

रिपोर्ट में कहा गया कि 70 वर्षीय कल्पवृक्ष गिरि ने भगवा पहन रखा था और ट्विटर पर उन्हें ‘हिंदू’ और ‘साधु’ बताया जाने लगा। लेकिन, सामाजिक कार्यकर्ता और गोसावी समुदाय के नेताओं का कहना है कि दोनों मृतक घुमंतू जनजाति (nomadic tribal) से संबंध रखते थे।

सिद्धार्थ वर्दराजन द्वारा साधुओं को खानाबदोश जनजातियों का बताना

पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा के अनुसार, द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन ने न्यूजलॉन्ड्री से बात करते हुए भी यह दावा किया था कि “साधु खानाबदोश जनजातियों से संबंधित” थे। शर्मा ने इस मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए यह बताया है कि कैसे ये पोर्टल्स इस तथ्य को दरकिनार करने की कोशिश कर रहे थे कि साधु हिंदू थे। इसके बाद ‘द वायर’ की पत्रकार सुकन्या शांता ने उन्हें ब्लॉक भी कर दिया।

न्यूजलॉन्ड्री के मनीषा पांडे को दिए इंटरव्यू में वरदराजन गलत सूचना को दोहराया कि पालघर में जिन साधुओं की लिंचिंग हुई वे आदिवासी थे। अक्सर मीडिया नैतिकता पर व्याख्यान करने वाली न्यूजलॉन्ड्री की एंकर ने ‘द वायर’ के संस्थापक संपादक को सही करने की जहमत भी नहीं उठाई।

पालघर की लिंचिंग पर प्रिंट द्वारा गलत जानकारी देना

‘द प्रिंट’ जिसने हमेशा गैर-हिन्दुओं के अपराधों को छुपाया है, उसने पालघर पर झूठे प्रचार का सहारा लिया था। उसने बताया कि दोनों साधु गोसावी जनजाति के थे, जबकि इस जानकारी का कोई स्रोत नहीं था।

Theprint.in की रिपोर्ट का हिस्सा

दो मृतक साधु ब्राह्मण समुदाय से थे

जैसा कि लिबरल-धर्मनिरपेक्ष मीडिया ने साधुओं की पहचान के बारे में गलत सूचना फैलाने का सहारा लिया, वैसे ही कई स्वतंत्र मीडिया संगठनों ने ग्राउंड रिपोर्ट प्रकाशित करते हुए कहा कि साधु आदिवासी समुदाय के थे।

दैनिक भास्कर और न्यूज चैनल आजतक की ग्राउंड रिपोर्ट बताती है कि दोनों साधुओं का जन्म उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण हिंदू परिवारों में हुआ था। दोनों ने किशोरावस्था से पहले अपने परिवारों को संन्यासी बनने के लिए छोड़ दिया था।

द वायर द्वारा अपनी जानकारी की रिपोर्ट को सही करना

पालघर में नृशंस भीड़ हत्या के पीड़ितों की पहचान को लेकर फर्जी खबर चलाने के लगभग एक महीने बाद ‘द वायर‘ ने चुपचाप अपनी रिपोर्ट को एडिट करते हुए यह दावा किया है कि दोनों साधु ब्राह्मण परिवारों से थे, जो कि उनकी पिछली रिपोर्ट के एकदम विपरीत है। पुरानी रिपोर्ट में दावा किया गया था कि वे गोसावी आदिवासी समुदाय से थे।

वायर द्वारा स्पष्टीकरण

पालघर में मॉब लिंचिंग की घटना

16 अप्रैल 2020 को, जूना अखाड़े से जुड़े साधु कल्पवृक्ष गिरि महाराज और सुशील गिरि महाराज के साथ उनके ड्राइवर 30 वर्षीय नीलेश तेलगुदेवे की हत्या कर दी गई थी। 100 से अधिक लोगों की उन्मादी भीड़ ने उन पर हमला किया था। कहा जा रहा था कि ग्रामीणों ने उन्हें चोर समझ लिया और उन पर हमला करना शुरू कर दिया।

पुलिस ने दावा किया कि उनकी टीम उन्हें बचाने के लिए घटनास्थल पर पहुँची थी, मगर वे भी हिंसक भीड़ के निशाने पर आ गए थे। लेकिन बाद में कुछ वीडियो सामने आए, जिन्होंने पुलिस के दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया।

इन वीडियो में साधु पुलिस की हिरासत में दिख रहे थे और पुलिसकर्मियों ने उन्हें भीड़ के हवाले कर दिया। भीड़ ने पुलिसकर्मियों के सामने उन्हें तब तक पीटा जब तक उनकी मौत नहीं हो गई। बाद में, यह भी पता चला कि साधुओं की हत्या जान-बूझकर की गई थी। हत्या के मामले में अल्ट्रा-लेफ्ट लिंक्स की भूमिका सामने आई है। बताया जा रहा है कि साधुओं की मॉब लिंचिंग में मुख्य आरोपित का सम्बन्ध अल्ट्रा-लेफ्ट समूहों से है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

#Tweet4Bharat: राष्ट्रीय महत्त्व के मुद्दों पर हिंदी श्रेणी में विजेताओं की सूची और उनको जीत दिलाने वाले ट्वीट थ्रेड्स यहाँ देखें

“#Tweet4Bharat” का उद्देश्य राष्ट्रीय महत्व के महत्वपूर्ण मुद्दों पर लिखने, चर्चा करने और विचार-विमर्श करने के लिए युवाओं को ‘ट्विटर थ्रेड्स’ का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित और प्रेरित करना था।

क्या India Today का खेल खत्म? CBI ने TRP घोटाले में दर्ज की FIR: यूपी सरकार द्वारा की गई थी जाँच की सिफारिश

सीबीआई ने टीआरपी घोटाले की जाँच के लिए एक FIR दर्ज कर ली है। शुरुआत में इस मामले के संबंध में मुंबई पुलिस की FIR में इंडिया टुडे चैनल का नाम सामने आया था।

लॉकडाउन भले चला गया हो, मगर वायरस नहीं गया, थोड़ी सी लापरवाही हमारी खुशियों को धूमिल कर सकती है: PM मोदी

"हमें ये भूलना नहीं है कि लॉकडाउन भले चला गया हो, मगर वायरस नहीं गया है। बीते 7-8 महीनों में, प्रत्येक भारतीय के प्रयास से, भारत आज जिस संभली हुई स्थिति में हैं, हमें उसे बिगड़ने नहीं देना है और अधिक सुधार करना है।"

BJP का गया दुर्ग कितना मजबूत, क्या लगातार 8वीं बार कामयाब रहेंगे प्रेम कुमार?

गया देश का सबसे गंदा शहर है। जाम, संकरी सड़कें शहर की पहचान हैं। बावजूद बीजेपी का यह दुर्ग क्यों अभेद्य दिख रहा?

‘परमबीर सिंह ने 26/11 मुंबई हमले के दौरान आतंकियों का मुकाबला करने से इनकार किया था’: पढ़िए उनका ‘काला-चिट्ठा’

2009 में 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के तुरंत बाद हमले के दौरान कर्तव्य की लापरवाही के आरोप में परमबीर सिंह और तीन अन्य अतिरिक्त पुलिस कमिश्नरों के खिलाफ याचिका दायर की गई थी।

पूर्व PM मनमोहन के सलाहकार व NDTV पत्रकार ने फैलाया झूठ, कहा- चीन से भारत में होने वाला आयात 27% बढ़ा

NDTV के मैनेजिंग एडिटर रहे पंकज पचौरी को डॉक्टर मनमोहन सिंह ने जनवरी 2012 में अपना मीडिया सलाहकार नियुक्त किया था।

प्रचलित ख़बरें

मैथिली ठाकुर के गाने से समस्या तो होनी ही थी.. बिहार का नाम हो, ये हमसे कैसे बर्दाश्त होगा?

मैथिली ठाकुर के गाने पर विवाद तो होना ही था। लेकिन यही विवाद तब नहीं छिड़ा जब जनकवियों के लिखे गीतों को यूट्यूब पर रिलीज करने पर लोग उसके खिलाफ बोल पड़े थे।

शिक्षक का गला रेतने के बाद इस्लामी कट्टरपंथियों के विरुद्ध फ्रांस का सख्त एक्शन: 231 कट्टरपंथी किए जाएँगे देश से बाहर

एफ़एसपीआरटी की रिपोर्ट के अनुसार 231 विदेशी नागरिकों में से 180 कारावास में कैद हैं। इसके अलावा बचे हुए 51 को अगले कुछ घंटों में गिरफ्तार किया जाना था।

हिन्दुओं की हत्या पर मौन रहने वाले हिन्दू ‘फ़्रांस की जनता’ होना कब सीखेंगे?

हमें वे तस्वीरें देखनी चाहिए जो फ्रांस की घटना के पश्चात विभिन्न शहरों में दिखती हैं। सैकड़ों की सँख्या में फ्रांसीसी नागरिक सड़कों पर उतरे यह कहते हुए - "हम भयभीत नहीं हैं।"

‘कश्मीर टाइम्स’ अख़बार का श्रीनगर ऑफिस सील, सरकारी सम्पत्तियों पर कर रखा था कब्ज़ा

2 महीने पहले कश्मीर टाइम्स की एडिटर अनुराधा भसीन को भी उनका आधिकारिक निवास खाली करने को कहा गया था।

ऐसे मुस्लिमों के लिए किसी भी सेकुलर देश में जगह नहीं होनी चाहिए, वहीं जाओ जहाँ ऐसी बर्बरता सामान्य है

जिनके लिए शिया भी काफिर हो चुका हो, अहमदिया भी, उनके लिए ईसाई तो सबसे पहला दुश्मन सदियों से रहा है। ये तो वो युद्ध है जो ये बीच में हार गए थे, लेकिन कहा तो यही जाता है कि वो तब तक लड़ते रहेंगे जब तक जीतेंगे नहीं, चाहे सौ साल लगे या हजार।

रिपब्लिक टीवी के खिलाफ बड़ी रणनीति तैयार, कोई नहीं रोक सकता बैन होने से: कॉन्ग्रेस नेता ने स्टिंग में किया खुलासा

"उद्धव ठाकरे ने रिपब्लिक टीवी के पीछे पूरी एक टीम लगाई है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि उन्हें कोई दूसरा काम नही करना है। उसे (अर्नब को) समझ आना चाहिए कि वो क्या बोलता है।"
- विज्ञापन -

37 वर्षीय रेहान बेग ने मुर्गियों को बनाया हवस का शिकार: पत्नी हलीमा रिकॉर्ड करती थी वीडियो, 3 साल की जेल

इन वीडियोज में वह अपनी पत्नी और मुर्गियों के साथ सेक्स करता दिखाई दे रहा था। ब्रिटेन की ब्रैडफोर्ड क्राउन कोर्ट ने सबूतों को देखने के बाद आरोपित को दोषी मानते हुए तीन साल की सजा सुनाई है।

#Tweet4Bharat: राष्ट्रीय महत्त्व के मुद्दों पर हिंदी श्रेणी में विजेताओं की सूची और उनको जीत दिलाने वाले ट्वीट थ्रेड्स यहाँ देखें

“#Tweet4Bharat” का उद्देश्य राष्ट्रीय महत्व के महत्वपूर्ण मुद्दों पर लिखने, चर्चा करने और विचार-विमर्श करने के लिए युवाओं को ‘ट्विटर थ्रेड्स’ का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित और प्रेरित करना था।

क्या India Today का खेल खत्म? CBI ने TRP घोटाले में दर्ज की FIR: यूपी सरकार द्वारा की गई थी जाँच की सिफारिश

सीबीआई ने टीआरपी घोटाले की जाँच के लिए एक FIR दर्ज कर ली है। शुरुआत में इस मामले के संबंध में मुंबई पुलिस की FIR में इंडिया टुडे चैनल का नाम सामने आया था।

हाथरस कांड में CBI जाँच तेज: अलीगढ़ JNMC के डॉ. मो अजीमुद्दीन और डॉ. उबेद इम्तियाज टर्मिनेट, रेप सैंपल पर दी थी राय

अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में काम कर रहे दो डॉक्टरों को तत्काल प्रभाव से टर्मिनेट कर दिया गया है। हाथरस रेप पीड़िता को दिल्ली शिफ्ट किए जाने से पहले उसकी इसी अस्पताल में इलाज हुई थी।

‘माफिया ऑन बेड रेस्ट’: मुख्तार अंसारी को लेने गई UP पुलिस को पंजाब से आना पड़ा खाली हाथ, कहा- 3 महीने आराम की मिली...

इससे पहले भी कई बार यूपी पुलिस पंजाब जाकर मुख्तार अंसारी को प्रदेश लाने की कोशिश करती रही है। हालाँकि हर बार वह बहाने बना कर बच गया ।

लॉकडाउन भले चला गया हो, मगर वायरस नहीं गया, थोड़ी सी लापरवाही हमारी खुशियों को धूमिल कर सकती है: PM मोदी

"हमें ये भूलना नहीं है कि लॉकडाउन भले चला गया हो, मगर वायरस नहीं गया है। बीते 7-8 महीनों में, प्रत्येक भारतीय के प्रयास से, भारत आज जिस संभली हुई स्थिति में हैं, हमें उसे बिगड़ने नहीं देना है और अधिक सुधार करना है।"

DDLJ से लेकर IPL तक: PM मोदी के आज शाम 6 बजे के राष्ट्र के नाम संबोधन पर यूजर्स ने किए मजेदार कमेंट्स

एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा कि पीएम मोदी इस बार को IPL में चेन्नई सुपर किंग्स पर पैसा लगा कर हारने वालों के लिए विशेष पैकेज का ऐलान करेंगे।

पेरिस: फ़्रांस ने की मृतक शिक्षक को सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ला लिगियन डी ऑनर’ देने की घोषणा

पेरिस में आतंकी घटना में जान गँवाने वाले 47 वर्षीय इतिहास के शिक्षक सैमुअल पैटी को फ्रांस ने अपना सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार देने का फैसला किया है।

BJP का गया दुर्ग कितना मजबूत, क्या लगातार 8वीं बार कामयाब रहेंगे प्रेम कुमार?

गया देश का सबसे गंदा शहर है। जाम, संकरी सड़कें शहर की पहचान हैं। बावजूद बीजेपी का यह दुर्ग क्यों अभेद्य दिख रहा?

बेंगलुरु दंगे के आरोपितों की रिहाई के लिए जज को भेजा विस्फोटक से भरा पार्सल, पत्र में की ‘बेगुनाह’ छोड़ने की माँग

ड्रग्स के एक मामले की सुनवाई कर रहे एक न्यायाधीश को बेंगलुरु में दो धमकी भरे पत्रों के साथ एक विस्फोटक सामग्री वाला पार्सल मिला।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
78,898FollowersFollow
335,000SubscribersSubscribe