25000 रुपए ज़ुर्माना और 3 साल की क़ैद: ट्रैफिक का नियम तोड़ना अब पड़ेगा भारी

"हमारे देश में हर साल 5 लाख दुर्घटनाएँ होती हैं, जिससे हर साल 1.5 लाख लोगों की मौत होती है। हम दुनिया में दुर्घटनाओं में पहले नंबर पर हैं, अब हमें इसे ठीक करने का मौक़ा मिला है।"

मोटर व्हीकल (संशोधन) विधेयक 2019 बुधवार (31 जुलाई 2019) को राज्यसभा में पारित हो गया। इस बिल के पक्ष में 108 मत और 13 मत विपक्ष में पड़े। अब ट्रैफिक रूल्स तोड़ने की सज़ा भारी होगी। इस बिल में जुर्माने की रक़म बढ़ाकर 10 गुना कर दी गई है। ग़ौरतलब है कि पिछली लोकसभा में इस बिल को पास किया गया था, लेकिन लोकसभा भंग होने के बाद नई सरकार ने इसे कुछ अन्य संशोधनों के साथ पुराने स्वरूप में ही 17वीं लोकसभा में पेश करने फ़ैसला किया।

बिल पेश करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यह स्वीकार किया और कहा, “हमारे देश में हर साल 5 लाख दुर्घटनाएँ होती हैं, जिससे हर साल 1.5 लाख लोगों की मौत होती है। हम दुनिया में दुर्घटनाओं में पहले नंबर पर हैं, अब हमें इसे ठीक करने का मौक़ा मिला है।

मीडिया से मुख़ातिब होते हुए उन्होंने बताया कि देश में 22 लाख ड्राइवर्स की कमी है, इसके लिए हम ड्राइविंग सेंटर्स खोल रहे हैं। और इस तरह देश में अच्छे और प्रशिक्षित ड्राइवर आएँगे। ट्रांसपोर्ट में नई तकनीक लाई जा रही है और सभी सिस्टम को करप्शन फ्री कर रहे हैं। परिवहन मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार को भी साथ लेकर काम करना है। इसके लिए कोई भी रेवन्यू केंद्र सरकार नहीं लेगी। उन्होंने मोटर व्हीकल (संशोधन) विधेयक 2019 के बारे में कहा कि यह न केवल एक मोटर व्हीकल एक्ट है, बल्कि यह एक सड़क सुरक्षा बिल है। उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि इससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी। इस विधेयक का पारित होना उन लोगों के लिए एक श्रद्धांजलि है, जिन्होंने दुर्घटनाओं में अपनी जान गँवाई।

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मोटर व्हीकल संशोधन विधेयक में कई प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसके अनुसार, हेलमेट न पहनने पर 100 रुपए के ज़ुर्माने को बढ़ाकर 1,000 रुपए कर दिया है। ओवर-स्पीडिंग के लिए पहले 500 रुपए का जुर्माना वसूला जाता था, लेकिन अब उसके लिए 5,000 रुपए देने पड़ेंगे। शराब पीकर गाड़ी चलाने के जुर्म में पहले 2,000 रुपए का ज़ुर्माना था जिसे बढ़ाकर 10,000 रुपए कर दिया गया है।

गाड़ी चलाते समय मोबाइल पर बात करना भी आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। पहले ऐसा करते पकड़े जाने पर 1,000 रुपए का ज़ुर्माना लगता था, लेकिन अब इसके लिए 5,000 रुपए कर दिया गया है। सीटबेल्ट न लगाने पर जो चालान मात्र 100 रुपए का था वो अब 1,000 रुपए कर दिया गया है। आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ता नहीं देने पर 10,000 रुपए का प्रावधान किया गया है। 

सरकारी बस में अगर कोई बिना टिकट यात्रा करते पकड़े गया तो अब धारा-178 के तहत 500 रुपए का ज़ुर्माना लगेगा जो कि पहले 200 रुपए था। वहीं, अगर कोई नाबालिग ड्राइविंग करते पकड़ा गया तो उसके लिए नाबालिग के माता-पिता या गाड़ी के मालिक को दोषी माना जाएगा। इसके लिए 25,000 रुपए का ज़ुर्माना और तीन साल की क़ैद भी हो सकती है।

फ़िलहाल, ड्राइविंग लाइसेंस 20 साल तक के लिए वैध होता है और अगर इस बिल को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिल जाएगी तो यह वैधता 10 साल तक कम हो जाएगी। सड़क हादसे में मारे गए लोगों की मुआवज़ा राशि 5 लाख और गंभीर रूप से घायलों की 2.5 लाख की गई है।

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