Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षासर्व धर्म पूजा के बाद IAF का हिस्सा बने 5 राफेल लड़ाकू जेट, पिछली...

सर्व धर्म पूजा के बाद IAF का हिस्सा बने 5 राफेल लड़ाकू जेट, पिछली बार ‘ॐ’ और ‘निम्बू’ ने दिए थे विपक्ष को ‘जख्म’

पिछले साल फ्रांस में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हिंदू रीति रिवाज से शस्त्र पूजा करते हुए राफेल पर 'ॐ' बनाकर नारियल चढ़ाया और धागा बाँधा था। इस पूजा पर तब लिबरल गिरोह और विपक्ष ने कई तरह के सवाल खड़े किए थे। इस बार सर्व धर्म पूजा के बाद...

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार (सितम्बर 10, 2020) को औपचारिक रूप से भारतीय वायु सेना (IAF) में 29 जुलाई को भारत आए पाँच राफेल लड़ाकू जेट (Rafale fighter jets) विमानों को शामिल किया। इससे पहले, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके फ्रांसीसी समकक्ष फ्लोरेंस पार्ली ने अम्बाला वायु सेना स्टेशन में राफेल इंडक्शन समारोह में ‘सर्व धर्म पूजा’ (Sarva Dharma Puja) में भाग लिया।

सर्वधर्म यानी, हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्म के अनुसार यह पूजा हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी अंबाला पहुँचे और इस पूजा का हिस्सा बने हैं। जिसके बाद ही पाँचों फाइटर जेट ने फ्लाईपास्ट किया है। सबसे पहले पाँच सुखोई विमानों ने उड़ान भरी।

यह इंडक्शन समारोह अंबाला एयर फोर्स बेस पर हो रहा है, जहाँ IAF के 17 स्क्वाड्रन, जिसे ‘गोल्डन एरो’ भी कहा जाता है, भी है। इसी के साथ भारत के पहले 5 राफेल लड़ाकू विमान (Rafale fighter jets) ’गोल्डन एरो’ (Golden Arrows) स्क्वाड्रन का हिस्सा होंगे।

रक्षा मंत्री के अलावा, उनके फ्रांसीसी समकक्ष फ्लोरेंस पार्ली इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हैं। भारतीय वायुसेना के प्रमुख आरकेएस भदौरिया, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, रक्षा सचिव डॉ अजय कुमार भी समारोह का हिस्सा हैं।

सितंबर 2016 में, भारत और फ्रांस ने 36 राफेल लड़ाकू जेट के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। ₹60,000 करोड़ में यह भारत द्वारा हस्ताक्षरित सबसे बड़ा रक्षा सौदा है। दिवंगत भाजपा नेता मनोहर पर्रिकर उस समय रक्षा मंत्री थे।

पिछले साल दशहरे के अवसर पर 8 अक्टूबर को राफेल जेट जब भारत को सौंपे गए थे, तब फ्रांस में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हिंदू रीति रिवाज से शस्त्र पूजा करते हुए राफेल पर ‘ॐ’ बनाकर नारियल चढ़ाया और धागा बाँधा था। इस पूजा पर तब लिबरल गिरोह और विपक्ष ने कई तरह के सवाल खड़े किए थे।

गौरतलब है कि लंबी राजनीतिक बहस और कूटनीतिक प्रक्रिया पूरे होने के बाद आख़िरकार राफेल लड़ाकू विमान भारत पहुँचे हैं। ये अत्याधुनिक तकनीक के साथ भारतीय वायुसेना में शामिल हुए हैं, जो वायुसेना की नई ताकत के रूप में उभरकर सामने आ रहे हैं। राफेल चौथी जेनरेशन का सबसे फुर्तीला जेट है, इससे परमाणु हमला भी किया जा सकता है। साथ ही, ये एक बार में साढ़े 9 हजार किलो सामान वहन करने में भी सक्षम है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सपा कार्यकर्ताओं को राम मंदिर-पौधरोपण का मुद्दा देकर खुद विदेश घूमने निकले अखिलेश जी: क्या UP चुनाव के लिए यही है आपकी राजनीति?

एक तरफ अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों में सत्ता हथियाने का ख्वाब बुन रहे हैं, दूसरी तरफ हर जरूरी मौकों पर विदेश यात्राएँ पर घूमने निकल पड़ते हैं।

पहले बनी मस्जिद, फिर बढ़ी मुस्लिम आबादी और उसके बाद बदल गया हिंदू बहुल इलाके का नाम: पाटन में ‘झापटपरा’ हो गया ‘इस्लामपुरा’, पढ़ें...

गुजरात के पाटन में हिंदू बहुल इलाके का नाम 'झापटपरा' से बदलकर अवैध तरीके से 'इस्लामपुरा' करने पर हिंदू नाराज हैं। ऑपइंडिया की ग्राउंड रिपोर्ट
- विज्ञापन -