Friday, July 30, 2021
Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाबॉर्डर पर टेंशन... PM मोदी की ब्रीफिंग और IT मिनिस्ट्री में रातोंरात तैयारी: चीन...

बॉर्डर पर टेंशन… PM मोदी की ब्रीफिंग और IT मिनिस्ट्री में रातोंरात तैयारी: चीन को झटका दिए जाने की इनसाइड स्टोरी

भारत सरकार सिर्फ सैन्य स्तर पर जवाब नहीं दे रही थी। राजनीतिक, कूटनीतिक और यहाँ तक कि आर्थिक लिहाज़ से भी भारत सरकार ने चीन को मुँहतोड़ जवाब दिया।

चीन के साथ सीमा पर तनाव के बीच भारत सरकार ने टिकटॉक, वीचैट जैसे चीनी एप पर जून 2020 में कार्रवाई थी। सरकार के इस अभूतपूर्व निर्णय को अमलीजामा पहनाने के लिए सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय (IT) के अधिकारियों ने रातोंरात जरूरी कागजी कार्रवाई निपटाए थे। टाइम्स आफ इंडिया की एक रिपोर्ट से इस फैसले को लेकर दिखाई गई तत्परता सामने आई है।

मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खासतौर से ब्रीफ किया था। उन्हें तेजी से पेपरवर्क निपटाने का जिम्मा दिया गया ताकि भारत और चीन के सैन्य कमांडरों के बीच तीसरे राउंड की वार्ता से पहले इस बैन की घोषणा की जा सके। कानूनी अधिकारियों के साथ मिलकर आईटी मंत्रालय ने समय से इस काम को अंजाम दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक़ एलएसी पर चीन कुछ हद तक लाभ की स्थिति में था, लेकिन मोदी सरकार इस बार ‘परंपरागत सावधानी रखने वाले रवैए’ से हटकर चली। तमाम चीनी एप्लीकेशंस पर प्रतिबंध लगाकर सरकार ने चीन को स्पष्ट संदेश दिया कि गलवान घाटी में दिए गए धोखे, जिसमें 20 भारतीय जवान बलिदान हुए थे, का माकूल जवाब दिया जाएगा।

रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत सरकार सिर्फ सैन्य स्तर पर जवाब नहीं दे रही थी। राजनीतिक, कूटनीतिक और यहाँ तक कि आर्थिक लिहाज़ से भी भारत सरकार ने चीन को मुँहतोड़ जवाब दिया। सरकार का मत स्पष्ट था कि वह आर्थिक या सैन्य लिहाज़ से किसी भी तरह का ख़तरा उठाने से पीछे नहीं हटेगी। 

इसकी वजह से मोदी सरकार को पैनगोंग त्सो पर विवाद को हल करने में मदद मिली। चीनी सेना घुसपैठ के किसी भी मंसूबे में कामयाब नहीं हो पाई, जिसकी वजह से एलएसी पर भी स्थिति सामान्य करना सम्भव हुआ। चीन एलएसी पर अपने मनमुताबिक स्थायी बदलाव करने और फिंगर 4-8 वाले क्षेत्र को लेकर अपने मंसूबों में नाकामयाब रहा। भारत भले उस क्षेत्र से बाहर रहने वाला है, लेकिन इसका एक और मतलब साफ़ है कि चीन भी उस क्षेत्र में किसी भी तरह की गतिविधि नहीं कर सकता है।   

दरअसल भारत सरकार ने 29 जून 2020 को कुल 59 चीनी एप्लीकेशंस पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद सरकार ने जुलाई 2020 में 47 ऐसी एप्लीकेशंस पर पाबंदी लगाई थी जो इनके क्लोन के रूप में काम कर रही थीं। इसके बाद केंद्र सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69 ए के तहत 2 सितंबर 2020 को लगभग 118 चीनी एप्लीकेशंस पर प्रतिबंध लगाया जिसमें PUBG भी शामिल था। इसके बाद सूचना प्रसारण मंत्रालय ने नवंबर में 43 अन्य एप्लीकेशंस पर पाबंदी लगाने का आदेश जारी किया था। 

इस तरह की तमाम चीनी एप्लीकेशंस कथित तौर पर देश की संप्रभुता, अखण्डता, सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों को खतरे में डालने वाली गतिविधियों में लिप्त थीं। इसके अलावा भारत सरकार ने चीन के अली बाबा ग्रुप की चार एप्लीकेशंस पर भी प्रतिबंध लगाया था।   

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

तालिबान की मददगार पाकिस्तानी फौज, ढेर कर अफगान सेना ने दुनिया को दिखाए सबूत: भारत के बनाए बाँध को भी बचाया

अफगानिस्तान की सेना ने तालिबान को कई मोर्चों पर पीछे धकेल दिया है। उनकी मदद करने वाले पाकिस्तानी फौज से जुड़े कई लड़ाकों को भी मार गिराया है।

स्वतंत्र है भारतीय मीडिया, सूत्रों से बनी खबरें मानहानि नहीं: शिल्पा शेट्टी की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट

कोर्ट ने कहा कि उनका निर्देश मीडिया रिपोर्ट्स को ढकोसला नहीं बताता। भारतीय मीडिया स्वतंत्र है और सूत्रों पर बनी खबरें मानहानि नहीं है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
112,014FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe