Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाकश्मीर: आतंकियों ने 12 साल के नाबालिग को बनाया ढाल, फिर गला घोंटकर की...

कश्मीर: आतंकियों ने 12 साल के नाबालिग को बनाया ढाल, फिर गला घोंटकर की हत्या

पुलिस ने बताया कि आतंकवादियों पर दबाव बढ़ने पर उन्होंने आतिफ की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने अभियान तेज कर दोनों पाकिस्तानियों को मार गिराया। पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादी हाजिन मुठभेड़ में मारे गए।

कश्मीर के हाजिन में एनकाउंटर के दौरान 12 वर्षीय आतिफ मीर की हत्या कर दी गई, जिसे आतंकियों ने बंधक बना लिया था। आतंकियों ने पहले तो उसे ढाल के रूप में इस्तेमाल किया, फिर तालिबानी अंदाज़ में गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।

मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक बुजुर्ग लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादियों से आतिफ मीर को रिहा करने की अपील कर रहा है। वो आतंकियों से कहता है कि वो जो कुछ भी कर रहा है, वो ‘जिहाद’ नहीं, ‘जहालत’ है। मगर आतंकियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ता है। बता दें कि ये वीडियो नाबालिग आतिफ की हत्या से पहले की है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह घटना श्रीनगर से 33 किमी दूर हाजिन के मीर मोहल्ला में हुई, जहाँ आतंकवादियों ने बंदूक का डर दिखाकर बच्चे के घर में पनाह ली थी। उन्होंने बताया कि आतंकवादी उसकी बहन से जबरन शादी करना चाहता था, लेकिन परिवार वाले उसे भगाने में कामयाब रहे। इससे बौखलाए आतंकियों ने आतिफ और उनके एक बुजुर्ग रिश्तेदार हमीद सहित परिवार के सदस्यों को पीटना शुरू कर दिया।

परिवार के चिल्लाने की आवाज सुन स्थानीय लोगों ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। जिसके बाद पुलिस ने परिवार को बचाने का काम शुरू किया। आतंकवादियों के उन पर हमला करने तक आतिफ के माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को बचा लिया गया, मगर बच्चा और उसके चाचा अब्दुल हमीद अंदर ही रह गए। बाद में पुलिस हमीद को बाहर निकालने में कामयाब हो गई, लेकिन बच्चे को नहीं बचा पाई।

पुलिस ने बताया कि आतंकवादियों पर दबाव बढ़ने पर उन्होंने आतिफ की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने अभियान तेज कर दोनों पाकिस्तानियों को मार गिराया। पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादी हाजिन मुठभेड़ में मारे गए।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अग्निवीरों के रोजगार पर कांग्रेस शासित राज्यों की चुप्पी क्यों? बीजेपी सरकारों ने बनाई नीति, विपक्षी राज्यों में अब भी इंतजार

अग्रिवीरों का पहला बैच 31 दिसंबर 2026 को अपना कार्यकाल पूरा करेगा जिसमें से 75 फीसदी सेना छोड़ देंगे। इनके जॉब को लेकर कॉन्ग्रेस सरकारें कोई प्लान नहीं बना पाई है।

अरुणाचल के सियांग डैम से लेकर मध्यप्रदेश के न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट तक का विरोध क्यों? जानिए प्रदर्शन का विदेशी फंडिंग और पादरी कनेक्शन

देश में हर बड़े विकास प्रोजेक्ट के शुरू होने से पहले ही विरोध शुरू हो जाता है। मध्य प्रदेश में परमाणु ऊर्जा परियोजना, अरुणाचल प्रदेश में सियांग अपर बांध सबका क्यों हो रहा विरोध?
- विज्ञापन -