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केरल में आतंकी संगठन PFI के कई ठिकानों पर NIA की छापेमारी, तड़के सुबह शुरू हुई कार्रवाई: जब्त हो चुकी है करोड़ों की संपत्ति

सितंबर 2022 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने PFI पर प्रतिबंध लगा दिया गया था और इसके अधिकांश नेताओं को जेल में डाल दिया गया था। PFI देश भर में कई हत्या के मामलों में आरोपित है। इसके अलावा, वह साल 2047 तक भारत को इस्लामिक राष्ट्र में बदलने की दिशा में काम कर रहा था।

केंद्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने रविवार (13 अगस्त 2023) को केरल के मलप्पुरम में प्रतिबंधित इस्लामी कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के सदस्यों के कई ठिकानों पर छापेमारी की। केंद्रीय एजेंसी ने मलप्पुरम और कन्नूर के कई ठिकानों पर एक साथ सुबह होने से पहले छापेमारी शुरू कर दी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतिबंधित इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के पूर्व कार्यकर्ताओं के चार आवासों पर छापेमारी की गई है। इनमें वेंगारा निवासी हम्सा, तिरूर निवासी याहुट्टी, तनूर निवासी हनीफा और रंगत्तूर निवासी जाफर का ठिकाना शामिल है।

इसके अलावा, NIA कन्नूर में भी कुछ ठिकानों पर छापेमारी की। कन्नूर के कोडापाराम्बा, कन्नूर शहर और पल्लीप्राम में तीन घरों पर तलाशी ली गई। एनआईए की टीम ने कथित तौर पर रविवार सुबह करीब साढ़े चार बजे तलाशी शुरू की और सुबह साढ़े नौ बजे तक तलाशी पूरी कर ली।

इससे पहले, 1 अगस्त 2023 को एनआईए ने कई जगहों पर छापेमारी की थी और मंजेरी में ग्रीन वैली अकादमी, मुन्नार विला विस्टा प्राइवेट लिमिटेड, त्रिवेंद्रम एजुकेशन एंड सर्विस ट्रस्ट और वल्लुवनाद हाउस को सील कर दिया था। ये संस्थान पीएफआई प्रशिक्षण केंद्र के रूप में काम कर रहे थे।

इसके अलावा, केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार (5 जुलाई 2023) को PFI की करोड़ों रुपए की संपत्ति जब्त की थी। इसमें 2.53 करोड़ की अचल संपत्ति थी। जब्त की गई संपत्तियों में 338.03 वर्ग मीटर के चार विला भी शामिल थे। ये बिके नहीं थे। इसके अलावा, मुन्नार विला विस्टा परियोजना से 6.75 एकड़ खाली भूमि भी कुर्क की गई है।

इसे PFI का एमके अशरफ संचालित कर रहा था। अशरफ PFI का प्रदेश उपाध्यक्ष था। मनी लॉन्ड्रिंग केस में अशरफ को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। वह दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद है। बताते चलें कि साल 2006 में PFI का गठन किया गया था और इसका मुख्यालय दिल्ली में था।

सितंबर 2022 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने PFI पर प्रतिबंध लगा दिया गया था और इसके अधिकांश नेताओं को जेल में डाल दिया गया था। PFI देश भर में कई हत्या के मामलों में आरोपित है। इसके अलावा, वह साल 2047 तक भारत को इस्लामिक राष्ट्र में बदलने की दिशा में काम कर रहा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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