पटना हाईकोर्ट ने बुधवार (17 सितंबर 2025) को एक बड़ा फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट ने कॉन्ग्रेस पार्टी को सख्त हिदायत दी है कि वो पीएम नरेंद्र मोदी की माँ हीराबेन मोदी का AI जेनरेटेड वीडियो तुरंत सोशल मीडिया से हटा दे। ये वीडियो बिहार कॉन्ग्रेस ने पोस्ट किया था, जिसमें पीएम मोदी को सपने में अपनी माँ से डाँट खाते हुए दिखाया गया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पटना हाई कोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस पीबी बाजंतरी ने ये आदेश दिया। पटना हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सख्त रुख अपनाया। जस्टिस बीपी बाजंतरी ने कहा कि ये वीडियो तुरंत हटाओ, वरना सख्त कार्रवाई होगी।
इस मामले में बीजेपी दिल्ली इलेक्शन सेल के कन्वीनर संकेत गुप्ता ने FIR दर्ज कराई थी। FIR में भारतीय न्याय संहिता की धाराएँ 18(2), 336(3), 336(4), 340(2), 352, 356(2) और 61(2) लगाई गईं। ये वीडियो पीएम की छवि खराब करने और माँ का अपमान करने के लिए बनाया गया था।
ये मामला तब शुरू हुआ जब बिहार कॉन्ग्रेस ने सोशल मीडिया पर ये वीडियो शेयर किया। वीडियो में पीएम मोदी अपनी माँ हीराबेन से राजनीति पर डाँट खा रहे हैं, जो वोट चोरी जैसे मुद्दों पर था। हीराबेन मोदी का निधन 2022 में हो गया था। इस वीडियो से बीजेपी भड़क गई। बीजेपी नेताओं ने कहा कि ये न सिर्फ पीएम की माँ का अपमान है, बल्कि पूरे देश की माताओं का भी।
इससे पहले भी बिहार के दरभंगा में कॉन्ग्रेस की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान स्टेज से पीएम और उनकी माँ पर गालियाँ दी गई थीं। पीएम मोदी ने उस घटना पर कहा था, “मेरी माँ का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं। ये गालियाँ सिर्फ मेरी माँ को नहीं, बल्कि देश की हर माँ, बहन और बेटी को अपमानित करने वाली हैं। बिहार की धरती कभी माँ का अपमान बर्दाश्त नहीं करती।” उन्होंने ये भी कहा कि वो एक बार माफ कर सकते हैं, लेकिन बिहार और भारत की जनता कभी नहीं।


