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लखनऊ से निकला, गलत बस में बैठा, नहीं मिली जब कोई मदद तो ‘हाथ गाड़ी’ के सहारे ही पहुँच गया जौनपुर

ये युवक जौनपुर के मछलीशहर थाना क्षेत्र के देवरिया गाँव का निवासी है। जो लखनऊ की किसी सड़क पर पान गुटका बेचकर अपना और अपने परिवार का पेट पालता था। मगर, कोरोना के कारण लॉकडाउन का हल्ला सुनकर बस में बैठ गया, लेकिन वो बस जौनपुर न जाकर सीधे गोरखपुर चली गई।

देश में लॉकडाउन के ऐलान के बाद दूसरे राज्य में फँसे लोग पैदल ही अपने घर की ओर निकल पड़े हैं। सोशल मीडिया पर इन लोगों की कई तस्वीरें वायरल हो रही हैं। इनके लिए प्रशासन से मदद माँगी जा रही है, ताकि इन्हें सही सलामत इनके घर पहुँचाया जा सके। मगर, इसी बीच एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। जहाँ एक विकलांग युवक बिना किसी की मदद के अपने घर भी पहुँच गया, वो भी सिर्फ़ हाथ गाड़ी के सहारे। ये युवक गोखपुर से निकलकर गाजीपुर और फिर जौनपुर के मुफ्तीगंज इलाके पहुँचा। लेकिन, इस बीच किसी ने इसकी मदद नहीं की।

न्यूज 18 की खबर के अनुसार, ये युवक जौनपुर के मछलीशहर थाना क्षेत्र के देवरिया गाँव का निवासी है। जो लखनऊ की किसी सड़क पर पान गुटका बेचकर अपना और अपने परिवार का पेट पालता था। मगर, कोरोना के कारण लॉकडाउन का हल्ला सुनकर बस में बैठ गया, लेकिन वो बस जौनपुर न जाकर सीधे गोरखपुर चली गई। 

इसके बाद इस शख्स ने गोरखपुर से गाजीपुर की बस पकड़ी और फिर वहाँ पहुँचा। पर जब गाजीपुर से इसे कोई साधन नहीं मिला और न ही किसी ने उसे वहाँ कोई सहारा दिया। बस फिर क्या? अगले दिन वह गाजीपुर से बुधवार की सुबह-सुबह अपनी हाथ गाड़ी के सहारे अपने घर थाना मछली शहर के लिए निकल पड़ा और गुरुवार देर शाम जौनपुर पहुँच गया।

गौरतलब है कि इस समय दूसरे राज्यों में रहकर कमाने वाले लोग अपने गाँव, घर, शहर की ओर कूच कर चुके हैं। इन लोगों के लिए उत्तरप्रदेश में सीएम योगी ने मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक, प्रमुख सचिव परिवहन तथा प्रमुख सचिव को निर्देश दिया है। जिसमें कहा गया है कि मानवीय आधार पर ऐसे व्यक्तियों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था की जाए और स्वास्थ्य संबंधी पूरी सावधानी बरतते हुए इन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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