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दंगों से कुछ तस्वीरें, जो बताती हैं पुलिस वाले भी चोट खाते हैं, उनका भी ख़ून बहता है…

देशभर में CAA के विरोध-प्रदर्शनों से निपटने के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना एक बड़ी संख्या में पुलिस सक्रिय रूप से तैनात है। दंगाईयों द्वारा हिंसात्मक विरोध-प्रदर्शनों से निपटने के दौरान कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए.....

देशभर में नागरिकता क़ानून (CAA) के विरोध में प्रदर्शन जारी हैं। इन विरोध-प्रदर्शनों से निपटने के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना एक बड़ी संख्या में पुलिस दल-बल सक्रिय रूप से तैनात है। दंगाईयों द्वारा हिंसात्मक विरोध-प्रदर्शनों से निपटने के दौरान कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। 

गुजरात के अहमदाबाद के शाह-ए-आलम इलाक़े में दंगाईयों ने जमकर हिंसा की। इस दौरान पुलिस वालों पर भीड़ जानवरों की तरह टूट पड़ी। एसीपी राजपाल सिंह राणा की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एसीपी राजपाल सिंह राणा की तस्वीर बहुत कुछ बयाँ कर रही है। इस तस्वीर में आप देख सकते हैं कि सिर में चोट लगने के बावजूद उनके चेहरे पर दर्द का नामो-निशान तक नहीं है। ख़ून से लथपथ होने के बावजूद वो हिंसक हालात पर क़ाबू पाने के लिए अपनी टीम के साथ निकल पड़ते हैं।

इस हमले में डीसीपी, एसीपी, कई इंसपेक्टरों समेत 19 पुलिसकर्मी भी ज़ख़्मी हुए।

नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ दिल्‍ली के जामिया में हिंसक प्रदर्शन हुए, कई बसों में आग लगाई गई। आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की 4 गाड़ियाँ मौके पर पहुँची, लेकिन दंगाईयों ने एक दमकल गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी, जिसमें 3 फायरमैन चोटिल हो गए।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के बाहर नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ उपद्रवियों ने विरोध-प्रदर्शन करते हुए पुलिस पर पत्थरबाज़ी शुरू कर दी थी। इस दौरान दो सुरक्षाकर्मी समेत पुलिसकर्मी घायल हो गए।

जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स ने शुक्रवार (13 दिसंबर) को विश्वविद्यालय परिसर से संसद तक मार्च का आह्वान किया। जहाँ पुलिस ने उन्हें बीच में ही रोक दिया।

इस दौरान दंगाईयों और पुलिसकर्मियों के बीच हिंसक झड़प हुई जिनमें कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए।

दंगाईयों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों को लाठीचार्ज करना पड़ा और आँसू गैस के गोले भी दागे। उपद्रवियों ने इस दौरान पुलिसकर्मियों पर जमकर पत्थरबाज़ी की।

घायल पुलिसकर्मियों का उपचार करने के लिए डॉक्टरों की टीम कई बार घटनास्थल पर ही बुलानी पड़ी।

लखनऊ में नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में गुरुवार को जमकर हिंसा हुई। इसमें उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों पर जमकर पथराव किया, उनपर काँच की बोतलें बरसाईं। दंगाईयों की भीड़ शहर के मुख्य इलाकों में घुस गई और जमकर आगजनी व पथराव किया। हालात पर क़ाबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। तब कहीं जाकर बवाल शांत हुआ।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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