Homeविविध विषयमनोरंजनपूनम पांडे का निधन, सर्वाइकल कैंसर से हुई मौत, ऑफिशिअल इंस्टाग्राम पर दी जानकारी:...

पूनम पांडे का निधन, सर्वाइकल कैंसर से हुई मौत, ऑफिशिअल इंस्टाग्राम पर दी जानकारी: फैंस को नहीं हो रहा विश्वास

बॉलीवुड हिरोइन और मॉडल पूनम पांडे का निधन हो गया है। उन्हें सर्वाइकल कैंसर था। उनके ऑफिशिअल इंस्टाग्राम अकाउंट पर इसकी जानकारी दी गई है। 

पूनम पांडे जीवित हैं, उनकी मृत्यु नहीं हुई है। वह और उनकी टीम ने अपनी मौत का नाटक रचा था। इससे संबंधित रिपोर्ट यहाँ पढ़ें। पुरानी रिपोर्ट (उनकी टीम द्वारा झूठ पर आधारित) नीचे है।

बॉलीवुड हिरोइन और मॉडल पूनम पांडे का निधन हो गया है। उन्हें सर्वाइकल कैंसर था। उनके ऑफिशिअल इंस्टाग्राम अकाउंट पर इसकी जानकारी दी गई है। पूनम पांडे की उम्र सिर्फ 32 साल थी। इतनी कम उम्र में मौत से उनके फैंस सदमे में हैं।

पूनम पांडे की मौत की खबर को लेकर इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा गया: “यह सुबह हमारे लिए दुखदायी है। आपको यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि हमने अपनी प्यारी पूनम को सर्वाइकल कैंसर के कारण खो दिया है। हर व्यक्ति जो कभी भी उनसे मिला, उसे उनका प्रेम मिला। दुख के इस समय में, हम अपनी गोपनीयता का अनुरोध करते हैं। हम उनके द्वारा शेयर की गई हर बात के लिए उन्हें प्यार से याद करेंगे।”

न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार पूनम पांडे के मैनेजर ने उनकी मौत की जानकारी दी है। मैनेजेर ने बताया कि 1 फरवरी की रात को सर्वाइकल कैंसर के कारण पूनम पांडे की मौत हो गई। इसी रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पूनम पांडे का निधन उनके पैतृक शहर कानपुर में हुआ है।

पूनम पांडे के निधन वाले पोस्ट पर उनके फैंस को भरोसा नहीं हो रहा है। कोई लिख रहा कि काश यह खबर झूठ हो, कोई कह रहा कि पूनम शायद किसी और का नाम होगा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

आर्कबिशप पीटर मचाडो कौन हैं, जो चाहता है धर्मांतरण विरोधी कानून और गोहत्या कानून में बदलाव: कर्नाटक में कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे से क्या...

आर्कबिशप की कॉन्ग्रेस अध्यक्ष खड़गे से मुलाकात के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। बैंगलुरु में हुई इस मुलाकात के बाद आर्कबिशप ने खुद अपनी माँगों को सार्वजनिक किया।

अग्निवीरों के रोजगार पर कांग्रेस शासित राज्यों की चुप्पी क्यों? बीजेपी सरकारों ने बनाई नीति, विपक्षी राज्यों में अब भी इंतजार

अग्रिवीरों का पहला बैच 31 दिसंबर 2026 को अपना कार्यकाल पूरा करेगा जिसमें से 75 फीसदी सेना छोड़ देंगे। इनके जॉब को लेकर कॉन्ग्रेस सरकारें कोई प्लान नहीं बना पाई है।
- विज्ञापन -