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आतंकियों के निशाने पर अमरनाथ यात्रा, पर्यटकों और श्रद्धालुओं को घाटी जल्द छोड़ने की सलाह

सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले की खुफिया सूचना मिली है। इसे देखते हुए तीर्थयात्रियों और पर्यटकों से घाटी में ठहरने और यात्रा की अवधि कम करने को कहा गया है।

अमरनाथ यात्रा आतंकियों के निशाने पर है। इस नापाक मंसूबे में पाकिस्तानी सेना की संलिप्तता के भी सबूत मिले हैं। इसे देखते हुए राज्य सरकार के गृह विभाग ने पर्यटकों और श्रद्धालुओं को जल्द से जल्द कश्मीर घाटी छोड़ने की सलाह दी है।

गृह विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले की खुफिया सूचना मिली है। इसे देखते हुए तीर्थयात्रियों और पर्यटकों से घाटी में ठहरने और यात्रा की अवधि कम करने को कहा गया है।

इस बीच, सेना ने शुक्रवार को कुछ ऐसे सबूत सामने रखे जो कश्मीर में आतंकवाद के पीछे पाकिस्तानी सेना का हाथ होने की पुष्टि करते हैं। चिनार कॉर्प्स के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लन ने पत्रकारों को बताया कि आतंकवादियों के पास से पाकिस्तान सेना की लैंडमाइंस बरामद की गई है। इससे साबित होता है कि कश्मीर में आतंकवाद के पीछे पाकिस्तानी सेना का हाथ है और इसे बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि अमरनाथ यात्रा रूट से अमेरिकन स्नाइपर राइफल एम-24 भी बरामद की गई है। जब्त माइंस पर पाकिस्तानी आयुध कारखाने की मुहर लगी हुई है। सेना ने बताया है कि श्रद्धालुओं को निशाना बनाने के लिए आईईडी ब्लास्ट करने की साजिश रची गई थी।

फिलहाल खराब मौसम की वजह से अमरनाथ यात्रा रुकी हुई है। 4 अगस्त से यात्रा दोबारा शुरू होने की उम्मीद है। इस यात्रा के लिए जम्मू-कश्मीर में करीब 40 हजार अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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