हाल ही में एक वीडियो सामने आया है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता कोम्पेला माधवी लता को दिल्ली के इंदिरा गाँधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रार्थना कक्ष में शांति से ‘दुर्गा सूक्तम’ का पाठ कर रही हैं। वीडियो में कुछ मुस्लिम महिलाएँ नमाज अदा करती दिख रही हैं। कहने को तो इसे ‘सेकुलर’ भारत का दृश्य कहना चाहिए, लेकिन किसको मालूम था कि इस्लामी कट्टरपंथियों को इससे भी आपत्ति हो सकती है।
A moment of stillness amidst the rush – Pranams to the Divine in the Heart of Bharat
— Kompella Madhavi Latha (@Kompella_MLatha) March 23, 2026
In the pursuit of Loka Kalyan (the well-being of the world), one must first find inner alignment. At the Delhi Airport prayer room, I immersed myself in the celestial verses of the Durgā Sūktam,… pic.twitter.com/z8fmJT0JQx
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा है। शेयर करने की वजह इसकी ‘सेकुलर’ खूबसूरती नहीं है, बल्कि इस वीडियो पर मुस्लिमों की कवायद करने वाले ‘एक्स’ अकाउंट्स कह रहे हैं कि BJP नेता का ‘दुर्गा सूक्तम’ का पाठ करना मुस्लिमों का उत्पीड़न है। वहीं असल में नेटिजन्स का कहना है कि प्रार्थना कक्ष हर धर्म के लोगों को प्रार्थना करने की इजाजत देता है, वहाँ एक तरफ नमाज और दूसरी तरफ ‘दुर्गा सूक्तम’ पढ़ने से आखिर समस्या क्या है?
वीडियो को मुस्लिमों का उत्पीड़न मानने वाले क्या कह रहे?
वीडियो को लेकर ‘द मुस्लिम’ नाम के ‘एक्स’ अकाउंट हैंडल ने कहा कि महिला प्रार्थना कक्ष में प्रवेश करते ही, BJP की माधवी लता ने मुस्लिम महिलाओं को देखकर पूजा अर्चना शुरू कर दी और उन्हें परेशान करने का प्रयास किया। आगे लिखता है, “मुस्लिम महिलाओं को देखकर ही उन्हें अपने धर्म की याद आती है।”

‘मुस्लिम IT सेल’ नाम से ‘एक्स’ हैंडल ने कहा कि माधवी लता ने महिलाओं के प्रार्थना कक्ष में प्रवेश किया और नमाज अदा कर रही मुस्लिम महिलाओं की उपस्थिति में पूजा अर्चना करने लगीं। आगे कहा, “सार्वजनिक स्थानों पर प्रार्थना कक्ष मौन, सम्मान और व्यक्तिगत भक्ति के लिए निर्धारित होते हैं, जहाँ प्रत्येक व्यक्ति को बिना किसी बाधा के प्रार्थना करने का अधिकार होना चाहिए।”

‘हरुन खान’ नाम के ‘एक्स’ यूजर ने कहा, “वहाँ मुस्लिम महिलाएँ नमाज पढ़ रही थीं, तभी उसने दुर्गा स्तुति का पाठ करना शुरू कर दिया। उसने मुस्लिम महिलाओं को उकसाने और परेशान करने की कोशिश की। यह किस तरीके का व्यवहार है?”

अल फारसी नाम के ‘एक्स’ यूजर ने कहा, “दिल्ली एयरपोर्ट पर महिलाओं के प्रार्थना कक्ष में प्रवेश करते ही BJP नेता माधवी लता ने मुस्लिम महिलाओं को प्रार्थना करते देख अचानक पूजा शुरू कर दी। उनका विश्वास इतना नाजुक है कि यह केवल मुस्लिमों की उपस्थिति में ही जागृत होता है। यह मुस्लिमों का उत्पीड़न है।”

देखा जा सकता है कि कैसे मुस्लिमों की पैरवी करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स को इस वीडियो से आपत्ति हो रही है। वह इसे मुस्लिमों का उत्पीड़न मान रहे हैं, जबकि यहाँ BJP नेता ने केवल शांति से प्रार्थना की है।
असम में वीडियो को कैसे देख रहे नेटिजन्स?
इनकॉगनिटो नाम के ‘एक्स’ यूजर का कहना है, “उन्होंने किसी से एक शब्द भी नहीं कहा। फिर भी, मुस्लिम इसे उत्पीड़न बता रहे हैं। यही वह जिहादी मानसिकता है, जिससे हम लड़ रहे हैं। हवाई अड्डे पर नमाज पढ़ने के कमरे सभी के लिए हैं, केवल मुस्लिमों के लिए नहीं।”

‘एक्स’ यूजर अभिजीत मजूमदार कहते हैं, “दुर्गा स्तुति ने इन कीड़ों को कितना भड़का दिया है, यह देखकर अच्छा लगा। इतनी सी दवा की दो बूँदें, और ये दर्द से चीखने लगते हैं। दिन में 5 बार लाउडस्पीकर से नमाज पढ़ने से भी इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।”

अपर्णा सिन्हा का कहना है कि मुस्लिम कहते हैं कि गंगा एक बहुधार्मिक नदी है, वे चिकन खाकर उसमें फेंक देंगे और नवराक्षि में गोमांस खाएँगे, यह उनकी मर्जी है। सिन्हा ने आगे कहा कि और यही मुस्लिम कहते हैं कि एयरपोर्ट पर प्रार्थना कक्ष में हिंदू महिला की प्रार्थना करने की हिम्मत कैसे हुई?

एडवोकेट विनीत जिंदल कहते हैं, “वे सड़कों पर अवैध रूप से नमाज पढ़ते हैं, इस पर कोई सवाल नहीं उठता, लेकिन अर कोई हिंदू निर्धारित स्थानों पर पूजा करता है तो उन्हें आपत्ति होती है और वे खुद को पीड़ित दिखाने की कोशिश करते हैं। बेशर्म इस्लामी लोग।”

नेटिजन्स का तर्क है कि एयरपोर्ट पर प्रार्थना कक्ष सभी धर्मों के लिए है, यहाँ कोई भी आकर अपने धर्म की प्रार्थना कर सकता है। इसके बावजूद कुछ मुस्लिमों की पैरवी करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स को इससे आपत्ति हो रही है, इस पर तर्कों के साथ नेटिजन्स ने उन्हें घेरा है।
कौन है BJP नेता माधवी लता?
कोम्पेला माधवी लता हैदराबाद से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कद्दावर नेता हैं। उन्होंने साल 2024 के लोकसभा चुनावों में हैदराबाद सीट से AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ चुनाव लड़ा था। हालाँकि, 3.38 लाख वोटों से हार गईं थीं।
वे हैदराबाद के डॉ. माधवी विरिंची हॉस्पिटल की चेयरपर्सन हैं। इसके साथ वे भरतनाट्यम डांसर भी हैं। हैदराबाद में वह सामाजिक कामों के लिए भी जानी जाती हैं। वह ट्रस्ट और संस्थाएं हेल्थकेयर, शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रही हैं। वह लोपामुद्रा चैरिटेबल ट्रस्ट और लतामा फाउंडेशन की प्रमुख हैं।
माधवी लता सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहती हैं। हिंदुत्व के लिए वह अक्सर मुखर होती दिखाई देती है। दिल्ली एयरपोर्ट पर ‘दुर्गा सूक्तम’ का पाठ करने वाली वीडियो को भी उन्होंने अपने ‘एक्स’ अकाउंट से शेयर किया, जिसके कैप्शन में लिखा- “लोक कल्याण (दुनिया की भलाई) की ओर बढ़ने से पहले अपने अंदर की सफ़ाई और संतुलन ज़रूरी है। दिल्ली एयरपोर्ट के प्रार्थना कक्ष में मैंने दुर्गा सूक्तम की दिव्य श्लोकों में आत्मसात किया और ब्रह्माण्ड की माँ से ताकत ली।”
कैप्शन में ऐसा कुछ मंशा जाहिर नहीं होती है कि उन्होंने प्रार्थना कक्ष में महिलाओं को नमाज अदा करते देख दुर्गा सूक्तम का पाठ करना शुरू किया। वे केवल अपनी श्रद्धा के अनुसार प्रार्थना करने पहुँची थी। बावजूद सोशल मीडिया पर इसे लेकर विवाद हुआ।


