Homeसोशल ट्रेंड'जिहादियों और इस्लामवादियों' द्वारा भाई की जान को खतरा बताने पर ट्विटर ने पत्रकार...

‘जिहादियों और इस्लामवादियों’ द्वारा भाई की जान को खतरा बताने पर ट्विटर ने पत्रकार का अकाउंट किया लॉक, बताया- कम्युनिटी स्टैंडर्ड का उल्लंघन

आरती टिक्कू ने गृह मंत्रालय के ट्विटर हैंडल को टैग करते हुए ट्वीट किया था, “मेरे भाई @TikooSahil_ जो श्रीनगर में रहते हैं, उन्हें भारत के कश्मीर में बैठे जिहादी आतंकवादियों और पाकिस्तान, ब्रिटेन और अमेरिका में उनके आकाओं द्वारा खुलेआम धमकी दी जा रही है। क्या कोई देख रहा है...?''

कश्मीरी पंडित और पत्रकार आरती टिक्कू ने 15 दिसंबर (शुक्रवार) को ट्विटर पर मदद की गुहार लगाते हुए कश्मीर के इस्लामी आतंकवादियों द्वारा उनके भाई को जान से मारने की धमकी देने के बारे में एक पोस्ट साझा किया था। उसके दो दिन बाद यानी 17 दिसंबर को ट्विटर इंडिया ने आरती टिक्कू के अकाउंट को ‘लॉक’ कर दिया। ट्विटर ने आरती को नोटिस भेजा था, जिसमें कहा गया था कि अगर वह अपने भाई को धमकी मिलने वाली धमकी से संबंधित पोस्ट को डिलीट करती हैं तो उनका अकाउंट ‘अनलॉक’ किया जा सकता है।

ट्विटर द्वारा जारी किया गया यह नोटिस कई लोगों द्वारा शेयर किया गया

आरती टिक्कू ने गृह मंत्रालय के ट्विटर हैंडल को टैग करते हुए ट्वीट किया था, “मेरे भाई @TikooSahil_ जो श्रीनगर में रहते हैं, उन्हें भारत के कश्मीर में बैठे जिहादी आतंकवादियों और पाकिस्तान, ब्रिटेन और अमेरिका में उनके आकाओं द्वारा खुलेआम धमकी दी जा रही है। क्या कोई देख रहा है? क्या हम इन इस्लामवादियों द्वारा मारे जाने का इंतजार कर रहे हैं या आप उन पर कोई कार्रवाई करेंगे?”

ट्विटर ने यह अजीब फैसला इसलिए लिया है, क्योंकि पत्रकार के भाई को धमकी मिलने वाले ट्वीट ने उनके सामुदायिक मानकों (community standards) का उल्लंघन किया है। ट्विटर (Twitter) ने इस ट्वीट को लोगों के एक समूह को टारगेट करने, उन्हें धमकाने या परेशान करने के रूप में माना है।

ट्विटर ने अपने नोटिस में आगे कहा, “आप नस्ल, राष्ट्रीयता, जातीयता, sexual orientation, लिंग और मजहब के आधार पर, धार्मिक संबद्धता, उम्र, विकलांगता या गंभीर बीमारी के आधार पर अन्य लोगों के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा नहीं दे सकते हैं। इसके अलावा धमकी देकर या अन्य तरह से परेशान नहीं कर सकते हैं।” नोटिस में यह भी कहा गया है कि उनके ट्वीट ने ट्विटर के नियमों का उल्लंघन किया है। इसके चलते उन्हें अपना ट्वीट हटाना पड़ा है।

ट्विटर के अनुसार, जो ट्वीट्स उनके सामुदायिक मानकों का उल्लंघन करते हैं, वो उस ट्विटर अकाउंट को ‘लॉक’ कर देता है। वह निश्चित रूप से सोशल मीडिया यूजर्स को कुछ भी ऐसे ट्वीट करने से प्रतिबंधित करता है, जिसमें उन्होंने कुछ ऐसा लिखा हो। वे उस ट्वीट को स्वीकार नहीं करते हैं और उसे ट्विटर के नियमों का उल्लंघन बताते हैं। हालाँकि, विवादित ट्वीट को लेकर अपील करने का प्रावधान है, लेकिन ऐसे में शायद ही ट्विटर कोई प्रतिक्रिया देता है या फिर वह किसी कुतर्क के माध्यम से अपने आपको सही साबित करने की पुरजोर कोशिश करता है।

इस ट्वीट को देखने से ऐसा नहीं लगता है कि आरती टिक्कू ने इसमें ऐसा कुछ भी लिखा है, जो ट्विटर के कम्युनिटी मानकों के खिलाफ हो। दरअसल, उनके भाई को लगातार जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं, जिसको लेकर उन्होंने गृह मंत्रालय से केवल मदद की गुहार लगाते हुए यह ट्वीट किया था, ताकि वह समय रहते अपने भाई को बचा सकें। लेकिन ट्विटर ने आरती से कोई भी सहानुभूति न दिखाते हुए उनके अकाउंट को लॉक करना उचित समझा। यहाँ ट्विटर ने ‘जिहादी’ या ‘इस्लामी’ शब्द का इस्तेमाल मजहब, धार्मिक संबद्धता और समुदाय के खिलाफ जोड़कर देखा है। ट्विटर ने इस पोस्ट को धमकी देने वालों के खिलाफ घृणास्पद ट्वीट माना है।

आईटी दिशा-निर्देशों का फेसबुक, ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म द्वारा पालन नहीं किया जा रहा

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने इस साल 25 फरवरी को ‘मध्यस्थ दिशा-निर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता नियम, 2021’ के तहत डिजिटल प्लेफॉर्म्स के लिए नई गाइडलाइन जारी की थी। अभी तक अधिकतर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इन दिशा-निर्देशों का पालन करने में विफल रहे हैं। नियमों के तहत प्रकाशकों को आचार संहिता का पालन करना, शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करना और भारत सरकार को कंटेंट संबंधित सभी जानकारी देना जरूरी है।

वहीं, इस साल जून में नए आईटी नियमों के अनुरूप कंपनी अनुपालन अधिकारियों को नियुक्त करने में विफल रही थी, जिसके कारण केंद्र सरकार ने भारतीय आईटी एक्ट की धारा 79 के तहत ट्विटर को मिला सुरक्षा का अधिकार छीन लिया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

युवक के फर्जी साइन करके महिला दे रही थी शादी का प्रमाण, ‘हिंदू विवाह अधिनियम’ ने बचाई पीड़ित की जान: पढ़िए गुजरात HC ने...

ब्रिटेन में रहने वाले कौशल के धोखे से हस्ताक्षर लेकर महिला ने खुद को उसकी पत्नी बताया। लेकिन गुजरात हाईकोर्ट ने 'सप्तपदी' की रस्म न होने के आधार पर शादी को अमान्य करार दिया।

US कोर्ट ने चीनी जालसाज को दी 30 साल की सजा, पश्चिमी मीडिया बताता था ‘बागी’: जानें गुओ वेनगुई की कहानी और राणा अय्यूब...

चीन विरोधी बागी होने का नाटक कर पश्चिमी मीडिया में छाए रहने वाले चीनी अरबपति भगोड़े गुओ वेनगुई को अमेरिकी अदालत ने 30 साल की सजा सुनाई है।
- विज्ञापन -