Thursday, July 18, 2024
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मोदी सरकार ने नेटफ्लिक्स, अमेजन जैसे OTT प्लेटफॉर्म, डिजिटल मीडिया के लिए जारी किए नए नियम: सख्त होगी निगरानी

''भारत सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती संस्थाओं हेतु दिशा-निर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 को 25.02.2021 को अधिसूचित किया है। नियमों का भाग III डिजिटल समाचार प्रकाशकों और ऑनलाइन क्यूरेट सामग्री (ओटीटी प्लेटफॉर्म) के प्रकाशकों से संबंधित है।"

केंद्र सरकार ने डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म्स और ओटीटी (ओवर-द-टॉप) प्लेटफॉर्म के लिए नए नियम जारी किए हैं। नए नियमों का उद्देश्य लोगों को पारंपरिक मीडिया जैसे न्यूज चैनलों व समाचार पत्रों के समान ही ऑनलाइन कंटेंट मुहैया करवाना है। नए नियम फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर और ओटीटी प्लेटफॉर्म जैसे नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम, डिजनी हॉटस्टार और कई अन्य जैसे सोशल मीडिया/डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर लागू होंगे।

अधिसूचना में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा, ”भारत सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती संस्थाओं हेतु दिशा-निर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 को 25.02.2021 को अधिसूचित किया है। नियमों का भाग III डिजिटल समाचार प्रकाशकों और ऑनलाइन क्यूरेट सामग्री (ओटीटी प्लेटफॉर्म) के प्रकाशकों से संबंधित है। नियमों के तहत प्रकाशकों को आचार संहिता का पालन करना, शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने और भारत सरकार को कंटेंट संबंधित सभी जानकारी देनी होगी।”

ओटीटी प्लेटफॉर्मों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों और समाचार पोर्टलों के लिए सरकार ने नए नियम अधिसूचित किए (फोटा: ट्विटर)
ओटीटी प्लेटफॉर्मों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों और समाचार पोर्टलों के लिए सरकार ने नए नियम अधिसूचित किए (फोटा: ट्विटर)

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और प्रकाश जावड़ेकर ने फरवरी में डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया और ओवर-द-टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे। रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भारत में कारोबार करने के लिए स्वागत है, लेकिन उन्हें भारत का संविधान और कानून मानना होगा।

वहीं, प्रकाश जावड़ेकर ने कहा था कि ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए तीन स्तर का तंत्र होगा। ओटीटी प्लेटफॉर्म/डिजिटल मीडिया को अपने काम की जानकारी देनी होगी, वो कैसे अपना कंटेंट तैयार करते हैं और उन्हें एक शिकायत निवारण तंत्र बनाना होगा।

दरअसल, डिजिटल मीडिया/ओटीटी प्लेटफॉर्म पर नियंत्रण के लिए अब तक कोई स्वायत्त संस्था नहीं थी, जिसके चलते यहाँ पर हिंसा से लेकर नग्नता तक सब कुछ परोसा जा रहा था। इसे लेकर कई बार हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी चिंता जताई थी।

बता दें कि सूचना व प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत आने के बाद नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम वीडियो जैसे ओटीटी प्लेटफार्म पर हिंसा व नग्नता पर लगाम लगेगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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