Homeसोशल ट्रेंड'अल्लाह की लानत हो तुम पर' : धनतेरस पर रुबिका लियाकत की तस्वीरें देख...

‘अल्लाह की लानत हो तुम पर’ : धनतेरस पर रुबिका लियाकत की तस्वीरें देख भड़के कट्टरपंथी, बोले- इससे बढ़िया किसी के घर के बर्तन साफ कर

23 अक्टूबर 2022 को रुबिका ने अपने ट्विटर पर कुछ तस्वीरों को पोस्ट किया, जिसमें वो बर्तन खरीदते दिख रही थीं। इसी पोस्ट को देख कट्टरपंथी भड़क उठे।

धनतेरस का त्योहार मनाने के कारण एबीपी की एंकर रुबिका लियाकत को एक बार फिर कट्टरपंथी गाली दे रहे हैं। कट्टरपंथियों की परेशानी यही है कि आखिर रुबिका ने मुसलमान होकर हिंदू त्योहार को क्यों मनाया।

दरअसल 23 अक्टूबर 2022 को रुबिका ने अपने ट्विटर पर कुछ तस्वीरों को पोस्ट किया, जिसमें वो बर्तन खरीदते दिख रही थीं। रुबिका ने अपने अपने ट्वीट में लिखा था, “रामलला ने बुलाया और हम हाज़िर… धनतेरस पर अयोध्या में हुई बर्तनों की खरीदारी.. पहले माँ फ़ोन कर याद दिलाती थी इस बार बहन अंजुम लियाकत ने कहा- कोई धातु जरूर खरीदना।”

रुबिका का यही ट्वीट देख कई कट्टरपंथी भड़क उठे। अलीफा तौसीफ ने लिखा, “डिस्काउंट में बर्तन खरीदना था तो खरीद लेती! इतना ड्रामा करने की जरूरत क्या थी।”

मोहम्मद अली सिद्दीकी ने लिखा, “कितना मिलता होगा खुश करने के लिए।”

जमीर शेख ने लिखा, “कभी मुस्लिम बन जाती हो तो कभी हिंदू बन जाती हो, ये चल क्या रहा है।”

राशिद हाशमी कहते हैं, “अल्लाह की लानत हो तुम पर, नौकरी के लिए इमान को खराब करना सही है क्या?”

सफर ने कहा, “दलाली का जरूर थोड़ा बहुत फायदा तो मिला होगा आपको।”

हबीब ने लिखा, “कितनी लाचार होगी तुम ये सब करना पड़ रहा है। इससे अच्छा तुम घर पर किसी के बर्तन साफ करलो पर ऐसे गुलामी ठीक नहीं है।”

बता दें कि रुबिका लियाकत को मिलने वाली ऑनलाइन गालियाँ कोई नई नहीं है। उन्होंने जब जब हिंदू त्योहारों को लेकर अपनी राय रखी, तब हर बार उन्हें ऐसी ही ट्रोल किया गया। उनकी तरह अन्य हस्तियाँ भी हिंदू त्योहारों को मनाने की वजह से कट्टरपंथियों के निशाने पर रहते हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।

संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार – मुस्लिम भीड़ की...

2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।
- विज्ञापन -