बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में इकबाल अंसारी ही मुख्य याचिकाकर्ता है और उन्होंने कहा है कि वो इस मामले में अब लम्बी सुनवाई नहीं चाहता है। जल्द 'न्याय' मिले।
इस लेख में सुप्रीम कोर्ट तक को नहीं बख़्शा गया है। संविधान की रट लगाने वाले राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय और संसद द्वारा बनाए गए क़ानूनों की अवहेलना करने से भी बाज नहीं आते। सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद विध्वंस की और राम मंदिर के निर्माण का मार्ग क्यों प्रशस्त किया, इस पर आपत्ति जताई गई है। यानी कोर्ट भी अब वामपंथियों से पूछ कर फ़ैसले ले।