पुणे पुलिस का दावा है कि गोंसाल्विस और परेरा व अन्य के कारण ही भीमा-कोरेगाँव में हिंसा भड़की थी। ये दोनों प्रतिबंधित माओवादी संगठन में भर्ती के लिए के लिए लोगों को उकसा रहे थे और सीपीएम (माओवादी) के लिए कैडर तैयार कर रहे थे।
छत्तीसगढ़ के सुकमा में जहाँ कभी गूँजती थीं नक्सलियों की बंदूकें वहाँ ग्रामीणों ने CRPF जवानों के साथ जम कर होली खेली। इसे मुख्यधारा में लाने के लिए अहम् प्रयास माना जा रहा है।