"लोग सत्यनारायण कथा और भागवत कथा जैसी बहुत सारी गैर-जरूरी चीजों पर रुपए खर्च कर रहे हैं। इन चीजों का कोई उपयोग ही नहीं है और ये अवैज्ञानिक हैं। अब भी लोगों को ये नहीं पता है कि ये सब कर के उन्हें क्या लाभ मिलेगा।"
राष्ट्रीय राजधानी में स्थित गाँवों में किसानों को मुफ्त बिजली ना देकर और उद्योगों को बहुत ही ऊँचे दर पर बिजली उपलब्ध कराकर केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
"संजय सिंह और उनके साथी राम मंदिर निर्माण में बाधा डाल रहे है। भ्रामक कुप्रचार से राम मंदिर ट्रस्ट की छवि को धूमिल कर रहे हैं, जिसको हिन्दू रक्षा सेना बर्दाश्त नहीं करेगी।"
एक बलिदानी पुलिसकर्मी के परिवार को दर-दर की ठोकर खाने को मजबूर करने वाली दिल्ली सरकार क्या कोरोना काल में भी मजहब देख कर मदद करती है? अगर मुआवजा देना ही नहीं था तो झूठा वादा कर के परिवार को उम्मीद ही क्यों दी गई?