विषय

इतिहास

#बालाकोट: हूरों के चक्कर में मारे गए थे 300 जेहादी… वो भी 188 साल पहले

सैयद अहमद शाह ने राजा रणजीत सिंह द्वारा अज़ान और गौतस्करी पर प्रतिबंध लगाने की बात सुनकर जिहाद की घोषणा कर दी थी। जिस समय पर बरेलवी बालाकोट पहुँचा उस समय उसके साथ 600 जिहादी थे और पेशावर के हज़ारों पठानों द्वारा भी उसे समर्थन दिया जा रहा था।

केसरी की असली कहानी: जब 21 सिखों ने 10000 इस्लामी आक्रांताओं को चटाई थी धूल

संख्या में मात्र 21 लेकिन अनंत साहस एवं पराक्रम से भरे सिख जवानों ने 10,000 इस्लामी आक्रांताओं के पसीने छुड़ा दिए। हम भले ही उनके बलिदान को भूल गए लेकिन ब्रिटेन और फ्रांस में वे आज भी याद किए जाते हैं- सम्मान के साथ।

जब तक शेर अपनी कहानी खुद नहीं कहता शिकारी महान बना रहेगा

हज़ार वर्षों से हमलों के सामने प्रतिरोध की क्षमता ना छोड़ने वाले हिन्दुओं की कहानी लिखने वालों को पब्लिक कब ढूँढेगी?

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें