इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त निर्देश देते हुए मोहर्रम पर ताजिया का जुलूस निकालने की अनुमति देने से साफतौर पर इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने ताजिया दफन करने की अनुमति माँगने वाली दायर की गईं सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
कॉन्ग्रेस समर्थक साकेत द्वारा दायर इस PIL में कहा गया है कि 'अनलॉक 2.0' के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए 300 लोग राम मंदिर भूमि पूजन में शामिल होंगे।
शलभ मणि त्रिपाठी का कहना है कि हम इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश की जाँच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे कानून के जानकार यह भी जाँच कर रहे हैं कि पोस्टर हटाने के लिए किस आधार पर यह आदेश जारी किया गया है।
रविवार की छुट्टी होने के बावजूद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने CAA के खिलाफ लखनऊ में प्रदर्शन करने वालों का फोटो सहित पोस्टर व होर्डिंग लगाने के मामले में सुनवाई की। इन पोस्टरों को हटवाने का आदेश जारी किया। इसके तुरंत बाद...
“कोई भी धर्म यह आदेश या उपदेश नहीं देता है कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों के जरिए प्रार्थना की जाए या प्रार्थना के लिए ड्रम बजाए जाएँ और यदि ऐसी कोई परंपरा है, तो उससे दूसरों के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए, न किसी को परेशान किया जाना चाहिए।”
UGC के द्वारा भेजी गई जाँच कमिटी ने अपनी रिपोर्ट में विश्वविद्यालय के लगातार गिरते हुए हालातों की ओर इशारा करते हुए कहा कि अगर यही परिस्थितियाँ रही तो एक दिन यह बर्बाद हो जाएगा। वीसी हांगलू के चार वर्षों के कार्यकाल में विश्वविद्यालय NIRF की रैंकिंग में 200 के बाहर चला गया है।
"रिज़वान ने बंदूक की नोक पर रेप किया। जब शोर मचाई तब मेरे पिता पहुँचे और उसे रंगे हाथों पकड़ा।" 16 साल की बलात्कार पीड़िता के इस बयान का रिजवान के वकील ने हाई कोर्ट में यह कहकर विरोध किया कि लड़की को सेक्स करने की आदत थी और आरोपित ने उसे आंतरिक या बाहरी चोट नहीं पहुँचाई।