Saturday, September 18, 2021

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झटका या हलाल

कोरोना वैक्सीन में सूअर का माँस… यहूदियों की ‘माइक्रो चिप’: हराम-हलाल के बीच अटके मुल्ला-मौलवी

इस्लामी मुल्कों के बीच टीके के इस्तेमाल को लेकर असमंजस की स्थिति है, जो सूअर के माँस से बने उत्पादों के इस्तेमाल को धार्मिक रूप से अपवित्र मानते हैं।

केरल: ईसाइयों ने किया हलाल माँस का विरोध, हिन्दुओं को भी किया जाता है बेचने को मजबूर

केरल में क्रिसमस से पहले ईसाइयों ने हलाल माँस का बहिष्कार करने का फैसला किया है। उनके इस फैसले को हिंदू समूहों ने भी अपना समर्थन दिया है।

इंडोनेशिया में COVID-19 वैक्सीन भी चाहिए हलाल, उलेमा काउंसिल को भेजा गया प्रस्ताव

इंडोनेशिया का सर्वोच्च मुस्लिम निकाय चीन के सिनोवैक बायोटेक द्वारा विकसित प्रायोगिक कोरोना वैक्सीन के लिए हलाल सर्टिफिकेट जारी कर सकता है।

जानवरों के हलाल पर बैन लगाने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने ‘शरारतपूर्ण’ बताकर किया खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने माँस के लिए जानवरों को हलाल करने पर पाबंदी लगाए जाने की माँग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता अखंड भारत मोर्चा के वकील से कहा है कि यह याचिका शरारत भरी लगती है।

ऑर्डर झटका चिकन का, BigBasket ने हलाल सर्टिफाइड पैकेट में भेजा ‘झटका’

केवल हलाल मीट बेचने को लेकर विवादों में आने के बाद बिगबास्केट ने हाल ही में झटका मीट बेचना शुरू किया है।

हलाल का चक्रव्यूह: हर प्रोडक्ट पर 2 रुपए 8 पैसे का गणित* और आतंकवाद को पालती अर्थव्यवस्था

PM CARES Fund में कितना पैसा गया, ये सबको जानना है, लेकिन हलाल समितियाँ सर्टिफिकेशन के नाम पर जो पैसा लेती हैं, उस पर कोई पूछेगा?

हलाल पर सवाल उठाने पर ऑपइंडिया के खिलाफ दुष्प्रचार: रेवेन्यू का गम नहीं, पाठकों का समर्थन जरूरी

हलाल पर लेख के कारण 'स्टॉप फंडिंग हेट' नामक ट्विटर हैंडल ने हमारे खिलाफ़ दुष्प्रचार का ठेका ले लिया है। ऑपइंडिया के आर्थिक बहिष्कार करने का अभियान चला रखा है, लेकिन हम अपने लेख पर शत-प्रतिशत कायम हैं।

‘केवल हलाल मांस’ बेचने को लेकर कड़ा विरोध झेलने के बाद Big Basket ने झटका मांस बेचने का लिया फैसला

सोशल मीडिया यूजर्स और ग्राहकों के कड़े विरोध के बाद ऑनलाइन ग्रॉसरी स्टोर- बिग बास्केट ने अब अपने मेनू में ‘झटका मांस’ को शामिल करने का फैसला किया है।

चूँकि हलाल कानूनी है, इसलिए दूसरे धर्मों द्वारा ‘हम समुदाय विशेष को काम नहीं देते’ लिखना भी जायज है

दुर्भाग्यवश खास समुदाय ने पीड़ितों की तरह रोने की आदत बना ली है, जबकि वो हर तरफ हावी हैं। भारतीय कानून एजेंसियों को इस तरह की आपत्तियों को बढ़ावा नहीं देना चाहिए, क्योंकि.....

हलाल नहीं… झटका मीट ऑनलाइन ऑर्डर कर मँगवा सकते हैं अब आप: वराह फाउंडेशन की नई शुरुआत

झटैक.कॉम (jhattack.com) पर झटका मीट और झटका मीट से बने प्रोडक्ट ही बेचे जाएँगे। इस वेबसाइट के माध्यम से हिंदू और सिख समुदाय के लोग...

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