हलाल पर लेख के कारण 'स्टॉप फंडिंग हेट' नामक ट्विटर हैंडल ने हमारे खिलाफ़ दुष्प्रचार का ठेका ले लिया है। ऑपइंडिया के आर्थिक बहिष्कार करने का अभियान चला रखा है, लेकिन हम अपने लेख पर शत-प्रतिशत कायम हैं।
दुर्भाग्यवश खास समुदाय ने पीड़ितों की तरह रोने की आदत बना ली है, जबकि वो हर तरफ हावी हैं। भारतीय कानून एजेंसियों को इस तरह की आपत्तियों को बढ़ावा नहीं देना चाहिए, क्योंकि.....
उन 3 बूचड़खानों की पहचान की गई, वहाँ से 200 किलोग्राम मिलावटी मांस (मटन+बीफ) जब्त किया गया। इससे पहले लगभग 10 टन संदिग्ध गोमांस जब्त किया गया था। वेटरिनरी विंग के प्रमुख ने मीट खरीदते समय लोगोंं को सतर्क रहने की सलाह दी और साथ ही कहा कि...
हलाल चश्मा बनाने वाली अटल्ला इंडोनेशिया कंपनी के निदेशक सिद्धार्थ ने बताया कि उनके प्रोडक्ट को 2 अक्टूबर को ही हलाल सर्टिफिकेट मिल गया था। उनका उद्देश्य इंडोनेशिया की बहुसंख्यक आबादी यानी मुस्लिम लोगों में अपने वस्तु की कीमत और ब्रांडिंग को बढ़ाना है।
McDonald’s तो एक निजी प्रतिष्ठान है। हलाल को विशेष तरजीह और झटका मांस के साथ भेदभाव तो खुद सरकार भी करती है- भारतीय रेल के IRCTC से लेकर राष्ट्रपति भवन, भारतीय संसद तक सभी जगह केवल हलाल मांस ही परोसा जाता है।