निर्मला दास ने 22 साल पहले तीन बीघा ज़मीन मंदिर के लिए दान दी थी। दिवंगत विधवा ने मंदिर के साथ-साथ स्कूल और हॉस्पिटल बनाने के लिए भी ज़मीन दान की थी। कुछ दिनों पहले तृणमूल कॉन्ग्रेस की स्थानीय यूनिट ने ज़मीन पर कब्ज़ा कर भवन निर्माण शुरू कर दिया।
जब बदमाशों ने पाया कि मंदिर में कोई नहीं है और आसपास का इलाक़ा सुनसान पड़ा है, तब उन्होंने मंदिर में घुस कर प्रतिमाओं को हथौड़े से क्षतिग्रस्त किया। माँ दुर्गा और भगवान गणेश की प्रतिमाओं के साथ तोड़फोड़ की गई। इस घटना के बाद से क्षेत्र के लोगों में गुस्सा व्याप्त है।
इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है। उनका कहना है कि सात बार चोरी की शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बताया जा रहा है कि जेवर चुराने की नीयत से बदमाश मंदिर में घुसे थे।
इस मामले में कुछ लोगों ने यह दावा किया कि मंदिर में होने वाले अनुष्ठान में बाधा उत्पन्न करने या उन्हें नष्ट करने के लिए ख़ून का उपयोग किया गया। वहीं, पुलिस को जाँच में पता चला कि ख़ून से लिखा गया नाम इलाक़े के एक किशोर लड़के और लड़की का था।
ऑपइंडिया ले कर आया है इस वर्ष की नृशंस अपराधों की टॉप-10 ख़बरें, जिन्हें वामपंथी मीडिया ने छिपाने की भरसक कोशिश की। ये ऐसी ख़बरें हैं, जिन्हें मीडिया के एक वर्ग ने छिपाना चाहा। साल की ऐसी सभी 10 ख़बरों को आप एक साथ यहाँ पढ़ सकते हैं।
बोरिस जॉनसन ने इस दौरान फूल-माला पहनी और माथे पर तिलक भी धारण किया। स्वामीनारायण मंदिर के बारे में उन्होंने कहा कि ये ब्रिटेन को हिन्दू समुदाय की तरफ़ से दी गई सबसे अमूल्य भेंट है। उन्होंने कहा कि इस मंदिर के होने से लंदन और यूके भाग्यशाली है।
आईआईटी गुवाहाटी के एक असिस्टेंट प्रोफेसर ने हाई कोर्ट में मंदिर के खिलाफ याचिका डाली है। उनका दावा है कि यह 2015 तक सिर्फ़ एक चबूतरा था, जहाँ पीपल के पेड़ के नीचे कुछ मजदूरों ने देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ रख दी थी।
"अतिक्रमण को जायज़ ठहराना मंदिर की प्रॉपर्टी के साथ छेड़छाड़ जैसा है और इस तरह का कोई भी कार्य जिसमें मंदिर की जरूरत के अलावा उसमें किसी तरह की तोड़फोड़ की जाए तो यह हिन्दू भावनाओं को भड़काने जैसा होगा।"
अमित शाह ने अपनी जनसभा में झारखण्ड के आदिवासियों के लिए सरकार द्वारा चलाई गई योजनाओं का भी ज़िक्र किया। शाह बोले कि उनकी सरकार ने इन 5 सालों में आदिवासियों का गौरव बढ़ाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी।