निपुंगे ने ये भी कहा कि जब भी कोई आत्महत्या का विवादित मामला सामने आता है तो उसमें परमबीर सिंह के शामिल होने का खुलासा होता है। चाहे वह सुशांत सिंह राजपूत, दिशा सालियान, मनसुख हिरेन या फिर इस कॉन्स्टेबल का हो।
“हम भारत-पाकिस्तान नहीं हैं। आमिर खान और किरण राव को देखिए, यह उस तरह का रिश्ता है। हमारे (शिवसेना-बीजेपी) के राजनीतिक रास्ते अलग हैं लेकिन दोस्ती हमेशा बरकरार रहेगी।”
मौजूदा साल यानी 2021 की बात करें तो इस साल पहले ढाई महीने में ही 12 विभागों ने पब्लिसिटी में 29.79 करोड़ रुपए खर्च किए। 'अल्पसंख्यक कल्याण विभाग' ने 50 लाख रुपए में से 48 लाख सोशल मीडिया पर खर्च किए।
सन् 1715 में चार्ल्स बून को मुंबई का गवर्नर बना कर भेजा गया और उसने प्रण लिया कि वो कान्होजी आंग्रे की ताकत को ख़त्म कर देगा। अभिमानी बून ने एक बड़ी सेना लेकर विजय दुर्ग पर आक्रमण किया।
बिजली कंपनी के कुछ अधिकारी तुकाराम पवार नामक सिक्योरिटी गार्ड के साथ कनेरी गाँव के कटाई क्षेत्र में गए हुए थे। वहीं ग्रामीणों की भीड़ ने उन सभी की पिटाई की।
प्रवर्तन निदेशालय ने वर्ष 2019 में महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक स्कैम (MSCB) में 25,000 करोड़ रुपए के घोटाले के मामले में अजीत पवार के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत केस दर्ज किया था।