पुलिस उपायुक्त (क़ानून-व्यवस्था) एल बालाजी सरवनन ने बताया कि आरोपित को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस सूत्रों ने कहा कि इस बात की जाँच भी की जा रही है कि स्कूल में इस तरह की घटनाएँ हुई थी या नहीं।
इसके पहले, JNU के छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन पर फीस बढ़ाने का आरोप लगा कर विरोध प्रदर्शन भी किया था। इस दौरान छात्रों ने न सिर्फ़ पुलिस के साथ झड़प की, बल्कि महिला प्रोफेसर के साथ भी बदतमीजी की। महिला प्रोफेसर के कपड़े फाड़ने की कोशिश की गई थी।
"जेएनयू में एक महिला प्रोफेसर के साथ इतनी बदसलूकी? यह कोई छात्र आन्दोलन नहीं हो सकता। ताज्जुब नहीं होगा यदि यह कपड़े फाड़ने का प्रयास करने वाली वामपंथी विचारधारा की समर्थक छात्रा, कल महिला अधिकारों पर भाषणबाजी करते हुए दिखे। शर्मनाक!"
ज़ाकिर के अतिरिक्त पुलिस ने 8 अन्य 'आयोजकों' को भी हिरासत में लिया जो वेश्यालयों का प्रबंधन कर रहे थे। इसके अलावा पुलिस ने 5 'ग्राहकों' को भी गिरफ्तार किया है।
महिला डर कर उनके साथ सूरजपुर के अदालती परिसर गई तो वहाँ उससे उन कागजों पर जबरन साइन कराया गया जिसमें लिखा था कि वह स्वेच्छा से ₹50000 के बदले इस संबंध से अलग हो रही है। इस दौरान आरोपित शौहर महबूब के साथ उसके दो भाई भी थे।
दिल्ली पुलिस ने आतंकरोधी इकाई, क्राइम ब्रांच समेत सभी संसाधन मामले में झोंक दिए हैं। DCP मोनिका भरद्वाज ने डकैती का मामला दर्ज कराए जाने की पुष्टि की है।
ब्रिटेन के नेता डेविड वांस ने लन्दन की सड़क पर खुलेआम हत्या का एक दिल दहला देने वाला वीडियो ट्वीट किया है। वीडियो में एक शख्स किसी महिला पर प्रत्यक्षदर्शियों से भरी सड़क पर चाकू से हमला करता है और 5 बार उस पर वार करता है।
इलाके में करीब 600 घरों में से 65%, यानी 400 के आस-पास समुदाय विशेष के हैं। कथित तौर पर बलात्कारियों ने पीड़िता का कुरता नहीं उतारा- क्योंकि वह अनुसूचित जाति पासी की थी, जिसे स्थानीय समुदाय विशेष वालेअपने से 'नीचे' देखते हैं।