इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ जबर्दस्त आक्रोश है। पुलिस ने छोटेलाल, जीतू और अशोक सहित 5-6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। 26 अप्रैल की घटना को चार दिनों बाद 30 अप्रैल को पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। पुलिस ने IPC और SC/ST ऐक्ट की धाराओं 147, 149, 323, 341, 354B, 376(D) & 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
चुनावों के बीच गैंगरेप के इस मामले ने पूरे इलाके में रोष का माहौल पैदा कर दिया है। आरोपितों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई को लेकर जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। लेकिन अभी तक इस मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत या उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का बयान नहीं आया है।
MP में सिंधिया को तो छत्तीसगढ़ में 'महाराजा' को 'प्रदेश निकाला' दे दिया। गहलोत और कमलनाथ का ध्यान अपने पुत्र को जिताने पर। राजस्थान सहित तीनों राज्यों में विधानसभा चुनाव हारने के बावजूद भाजपा की वापसी होती दिख रही है। समझिए सारे फैक्टर्स।
फॉर्म पर कॉन्ग्रेस के चुनाव चिन्ह के साथ-साथ कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी की भी फोटो छपी थी। जब ग्रामीण-जन स्थानीय सरकारी कार्यालय में अपने फॉर्म जमा करने के लिए पहुँचे, तो उन्हें पता चला कि उन्हें जो फॉर्म वितरित किए गए वो नकली थे और इनका वितरण केवल उन्हें धोखा देने के लिए किया गया था।
सीकर में हुई घटना के संबंध में एसपी अमनदीप सिंह कपूर का कहना है कि उदयपुरवाटी के विधायक (राजेंद्र सिंह गुढ़ा) और समाज के अन्य लोगों से अपील है कि वे इस तरह के बयान न दें।
राजस्थान ड्रग्स वॉचडॉग ने ड्रग्स ऑफिसर से नोटिस में कहा है कि इन स्टॉक्स को किसी के भी द्वारा इस्तेमाल न किया जाए। इसके साथ ही आदेश दिया गया है कि इन्हें मौजूदा स्टॉक मार्केट से भी हटाया जाए।
किसानों और मजदूर संगठनों पर मजबूत पकड़ रमेंद्र सिंह राठौड़ के पक्ष में नजर आती दिख रही है। किसान और मजदूर संघर्ष समिति द्वारा चलाए गए आंदोलनों में भी राठौड़ सक्रिय भूमिका में रहे। इस कारण करीब 50,000 मजदूर और डेढ़ लाख किसानों को मिलाकर लगभग 2 लाख मतदाताओं तक इनकी सीधी पकड़ के कारण विरोधियों के लिए इनसे जीत पाना आसान नहीं होगा।
दिव्या पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा की बेटी हैं। महिपाल पर नर्स भँवरी देवी के अपहरण का मामला चल रहा है। इस से पहले उन पर पूर्व उपराष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत के भतीजे की हत्या का भी आरोप था। दिव्या अधिकारियों को भी धमकी दे चुकी हैं।
एयर स्ट्राइक से पहले यहाँ पर कयास लगाए जा रहे थे कि कॉन्ग्रेस को 100 सीटें मिलेंगी, लेकिन अब ये अनुमान लगाया जा रहा है कि कॉन्ग्रेस 72 से 74 सीटों तक ही सिमट जाएगी।
आज हम गाज़ी फ़क़ीर की बात इसीलिए कर रहे हैं क्योंकि इससे जुड़ी एक बड़ी ख़बर आई है। उसके इतिहास और भूगोल को समझने से पहले हमें आईपीएस अधिकारी पंकज चौधरी के केस को समझना पड़ेगा, जिन्हें आज बर्ख़ास्त कर दिया गया।