विषय

राहुल गाँधी

राहुल गाँधी का विलाप और प्रलाप दोनों शुरू हो चुका है, चिदु ने भी कोरस में दिया साथ

एग्जिट पोल्स आने शुरू ही हुए हैं, और जैसा कि लोगों को अपेक्षा थी कॉन्ग्रेस के चिराग और लिबरल गिरोह के चहेते 'कॉनज़ूमेट पॉलिटिशियन' (पूर्ण राजनेता) श्री राहुल गाँधी ने अपने ट्विटर से प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है। चिदंबरम भी साथ दे रहे हैं

मोदी पर चिल्लाने वाले मीडिया गिरोह से कुछ सवाल जो राहुल गाँधी से नहीं पूछे गए

विपक्ष की यह पुरज़ोर कोशिश रहती है कि पीएम मोदी द्वारा दिए गए साक्षात्कार में उन्हें किस तरह से बेवजह के मुद्दों पर घेरा जा सके। इनमें कुछ मीडिया संस्थान और मीडियाकर्मी भी शामिल हैं जिन्हें दुष्प्रचार करने में महारत प्राप्त है।

मोदी-शाह प्रेस कॉन्फ़्रेंस, रवीश-राजदीप, राहुल गाँधी की बचकानी हरकतें, और सोनिया का मिशन 272

पिछले दिनों की कुछ खबरों पर चर्चा जिसमें आज हुए BJP प्रेस कॉन्फ्रेंस, राहुल गाँधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस, मीडिया के समुदाय विशेष के लोगों के ट्रोल बन कर सिमट जाने की बात और सोनिया गाँधी के मिशन 272 की बात शामिल है।

राहुल ने स्वीकारा कि कुछ पत्रकार ‘उनके साइड के हैं’ जो मोदी से कड़े सवाल पूछते हैं

राहुल के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर यह बहस छिड़ गई कि देखिए कॉन्ग्रेस पार्टी अध्यक्ष राहुल गाँधी खुद स्वीकार रहे हैं कि पार्टी के 'पाले हुए' कुछ पत्रकार है जो कॉन्ग्रेस के लिए काम करते हैं।

मैं वीरभद्र जी से गले मिलता हूँ क्योंकि उन्हें एक्सपीरियंस है: राहुल गाँधी

राहुल गाँधी ने आरोप लगाया कि हिमाचल में चीन से सेब लाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "क्या हिंदुस्तान का सेब मेड इन इंडिया नहीं है, मेड इन चाइना है क्या, जो सेब उगाते हैं उनका नरेंद्र मोदी ने कितना कर्जा माफ किया? वह तो कहते हैं कि चाइना का सेब खाओ, हिमाचल में पकौड़े तलो।"

सत्ता से दूर बेचैन सोनिया सारे पैंतरे आजमा रही है, लग चुकी है 272 जुटाने में

सोनिया की इस क़वायद का मक़सद 23 मई को आने वाले चुनावी नतीजों से पहले विपक्षी दलों के बीच आपसी समझ विकसित कर लेना है, ताकि वो जनादेश हासिल करने के लिए राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से सरकार बनाने का पहला न्यौता पाने की स्थिति में ख़ुद को सक्षम साबित कर सकें।

अंग्रेजी हम शर्मिंदा हैं: RaGa हुए वैश्विक स्तर पर जलील, ऑक्सफ़ोर्ड डिक्शनरी ने कहा ‘चल झूठे’

देश की वयोवृद्ध पार्टी के अध्यक्ष राहुल गाँधी ने प्रधानमंत्री की छवि बिगाड़ने के लिए खुद के फॉलोवर्स को बरगलाने की कोशिश की है, लेकिन बदले में उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जलील होना पड़ा है।

स्क्रॉल डॉट इन: यहाँ मोदी-विरोध की खबरों का पंक्चर ठीक किया जाता है

जब ट्वॉयलेट पेपर खत्म हो जाता है तो आप ढूँढते हैं कि वो कहाँ रखा हुआ है। इसी क्रम में जब स्क्रॉल वेबसाइट पर यह देखने पहुँचा कि क्या इन्होंने ममता बनर्जी के बंगाल में हो रहे चुनावी हिंसा पर कुछ लिखा है? तो, कुछ नहीं मिला।

1984 दंगा नहीं, राजीव गाँधी के आदेश पर कॉन्ग्रेसियों द्वारा किया गया नरसंहार था: पूर्व DGP

पढ़िए 1984 सिख दंगों को लेकर उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह के विचार, उन्हीं के शब्दों में। सुलखान सिंह लिखते हैं कि दंगा वो होता है, जहाँ दोनों तरफ से मारकाट की गई हो लेकिन 1984 में राजीव गाँधी के इशारे पर एकतरफा नरसंहार किया गया था, कॉन्ग्रेस नेताओं द्वारा।

उल्टा राहुल EC को डाँटे: ‘मैंने कोई गलती नहीं की, आप भेदभाव मत कीजिए’

राहुल के अनुसार भाषणों में मोदी सरकार के कामकाज की आलोचना करना आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है। शहडोल में भाजपा की आदिवासी विरोधी नीतियों को लेकर दिया गया था। इसलिए शिकायत को रद्द किया जाना चाहिए।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें