Monday, June 14, 2021

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लिबरल गिरोह

संघी महिलाएँ हॉट, चेहरा ढँक कर करो ‘हेट’ सेक्स,: लिबरलों की सोच वायरल, समलैंगिक बता महिला पत्रकार ने किया बचाव

इस कन्वर्सेशन में 8000 लोग शामिल थे, जिसमें 'संघियों को लेकर अपनी फैंटसी और उनके साथ 'हेट सेक्स' की चाहत को लेकर बातें की गईं।'

ई चीटिंग है, बात तोता दिखाने की थी-तोते उड़ाने की नहीं: देश का पप्पू

सबको फ्री वैक्सीन और 80 करोड़ को दीवाली तक फ्री अनाज! देश के पप्पू से रहा न गया, प्रधानसेवक को चिट्ठी लिख डायरेक्ट चेतावनी दी है।

मैं चाहे जो लिखूँ-बोलूँ, मेरी मर्जी: बालसुलभ तर्कों से लैस इतिहास्य-कार, आरफा खानुम महज झाँकी है

औरंगज़ेब ने भले दर्जनों मंदिर तुड़वाए, लेकिन इतिहासकार चाहे तो अपने इतिहास की कार चढ़ा उसे कुचल दे और साबित कर दे कि वह तो बड़ा शालीन शासक था।

वे डफली अच्छी बजाते हैं, Placard अच्छी लिखते हैं, लेकिन मस्जिद के रेपिस्ट मौलवी पर बोलने की मनाही है

कठुआ में एक रेप हुआ था तो पूरे भारत को तुम लोगों ने रेपिस्तान बताया था। तुम्हें तो याद होगा ही? तुम्हारी ही यूनिवर्सिटी के लोग बॉलीवुड वालों के साथ खुद के हिन्दू होने पर शर्मिंदा हुए थे?

राजनीति से नहीं ट्विटर के रार का सरोकार, यह ‘विदेशी मसीहा’ को लेकर लिबरल बेचैनी का है इजहार

बात पुराने पापों पर पर्दा डालने की हो या नए प्रोपेगेंडा की, देशी लिबरलों को अब विदेशी मदद की दरकार है, क्योंकि उनके घरेलू नायक बेपर्दा हो चुके हैं।

इजरायल पर हमास के जिहादी हमले के बीच भारतीय ‘लिबरल’ फिलिस्तीन के समर्थन में कूदे, ट्विटर पर छिड़ा ‘युद्ध’

अब जब इजरायल राष्ट्रीय संकट का सामना कर रहा है तो जहाँ भारतीयों की तरफ से इजरायल के साथ खड़े होने के मैसेज सामने आ रहे हैं, वहीं कुछ विपक्ष और वामपंथी ने फिलिस्तीन के साथ एक अलग रास्ता चुना है।

मोदी से घृणा के लिए वे क्या कम हैं जो आप भी उसी जाल में उलझ रहे: नैरेटिव निर्माण की वामपंथी चाल को समझिए

सच यही है कि कपटी कम्युनिस्टों ने हमेशा इस देश को बाँटने का काम किया है। तोड़ने का काम किया है। झूठ को, कोरे-सफेद झूठ को स्थापित किया है।

‘हिंदू बम, RSS का गेमप्लान, बाबरी विध्वंस जैसा’: आज सेंट्रल विस्टा से सुलगे लिबरल जब पोखरण पर फटे थे

आज जिस तरह सेंट्रल विस्टा पर प्रोपेगेंडा किया जा रहा है, कुछ वैसा ही 1998 में परमाणु परीक्षणों पर भी हुआ था। आज निशाने पर मोदी हैं, तब वाजपेयी थे।

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर पैट कमिंस ने पीएम केयर्स में दिए ₹38 लाख: बिलबिलाए लिबरलों ने कोसा, जमकर फैलाया झूठ

एक अन्य लिबरल भी अपने भीतर की पीड़ा छिपा नहीं पाए। उन्होंने खिलाड़ी को तथाकथित योग्य, प्रामाणिक मूवमेंट को जोड़ने के लिए आगे बढ़ने की सलाह दे डाली। यह एक और उदाहरण है अपने देश को नीचा दिखाने का।

कोविशील्ड की कीमत पर विपक्षी प्रोपेगंडा का SII के CEO अदार पूनावाला ने दिया जवाब, कहा- सबसे कम रेट में दे रहे वैक्सीन

“कोविशील्ड वैक्सीन आज बाजार में उपलब्ध सबसे सस्ती COVID-19 वैक्सीन है। शुरुआती कीमतों को वैश्विक स्तर पर बहुत कम रखा गया था, क्योंकि यह देशों द्वारा कम से कम वैक्सीन निर्माण के लिए दिए गए एडवांस फंडिंग पर आधारित था।"

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