"संघर्ष विराम का ऐलान करने की वजह से कश्मीर का एक-तिहाई हिस्सा पाक के कब्जे में रह गया। भला एक देश में कैसे दो निशान, दो विधान और दो प्रधान अस्तित्व में हो सकते हैं? यह केवल देश के साथ अन्याय नहीं बल्कि अपराध भी है।”
'दीनदयाल अंत्योदय रसोई' योजना के तहत ग़रीबों को केवल 5 रुपए में भोजन मुहैया कराया जाता था। भोपाल में यह योजना अप्रैल 2017 से शुरू की गई थी। भोपाल के अलावा इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित राज्य के कई अन्य शहरों में भी यह योजना शुरू की गई थी।
पिछले 8 वर्षों में इस योजना पर 700 करोड़ रुपए से भी अधिक राशि ख़र्च की गई थी। 2018 में भाजपा सरकार ने इस योजना के लिए 200 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया था। जबकि 2019 के बजट में इस योजना के बजट को 30 गुना कम कर दिया गया। सिर्फ़ 6 करोड़ रुपए ही आवंटित किए गए हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ‘‘हमने सुना है कि जब कोई जहाज डूब रहा होता है, तो वह कैप्टन होता है, जो उसे बचाने के लिए अंत तक उस पर रहता है। लेकिन कैप्टन (राहुल गाँधी) कॉन्ग्रेस के जहाज से कूदने वाले पहले व्यक्ति हैं।''
घर खाली करने की बात सामने आने के बाद बच्ची के पिता ने कहा कि उन्हें डर है कि अगले शैक्षणिक सत्र में उनके बच्चों को स्कूल से निकाल दिया जाएगा। उन्होंने कहा, "मैं ₹4.5 लाख की फीस नहीं दे सकता हूँ।"
शिवराज सिंह चौहान ने खुजनेर में हे सांप्रदायिक वारदात के बाद पीड़ित बच्चों से मिलने के लिए घटनास्थल पर जाने का ऐलान किया है। उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई करने की माँग की।
शिवराज सिंह ने इनके वीडियो का लोड तो लिया ही नहीं और वीडियो बनाने एवं क्षिप्रा को साफ़ करने का श्रेय देने के बजाय, पूरी मेहनत पर बिना कुछ सोचे-समझे पानी फेरते हुए एक मुस्कुराहट वाली ईमोजी पोस्ट कर दी।
2019 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा का यह बहुत बड़ा कदम माना जाएगा। इस फैसले से मालूम पड़ता है कि भाजपा में राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा नेतृत्व करने वाले लोगों के लिए जगह तैयार की जा रही है
चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार कांग्रेस को 114 सीटें आई तो वहीं भाजपा 109 सीटों को अपनी झोली में डालने में कामयाब रही। सपा को एक तो बसपा को दो सीटों से संतोष करना पड़ा।