"मेरी खुद की भी एक बेटी है, मैं 'प्रीति रेड्डी' के परिवार का दर्द समझ सकती हूँ। हैवानियत भरे कृत्य के लिए मेरे बेटे को फाँसी दे दी जानी चाहिए या फिर जिंदा जला दिया जाना चाहिए। अगर अपने बेटे का बचाव करती हूँ तो लोग पूरी जिंदगी मुझसे नफरत करेंगे।"
आरोपित पीड़िता को घसीटकर खेत में ले गए। सॉफ्ट ड्रिंक में व्हिस्की मिलाकर उसे पीने को मजबूर किया। सिर पर वार किया। बारी-बारी से रेप करने के बाद उसकी हत्या कर दी। फिर लाश को लॉरी में डाल लिया, लेकिन दरिंदगी जारी रही...
रात के सवा नौ बजे जब डॉ. प्रीति ने अपनी बहन को फ़ोन किया था, उसी समय आरिफ़ ने उनके पास आकर मदद की पेशकश की थी। टोल प्लाजा पर स्कूटी खड़ी करते देख ही वह अपने साथियों के साथ रेप और मर्डर का प्लान बना चुका था।
लगभग 35-वर्षीया महिला की लाश की प्रारम्भिक जाँच में पुलिस को संदेह है कि उसने खुद को आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसकी लाश सिद्दुलागट्टा रोड पर एक सुनसान जगह पर पड़ी मिली थी। पुलिस ने बताया कि महिला की मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी।
रंगा रेड्डी जिला बार काउंसिल इकलौती संस्था नहीं है, जिसने आरोपितों की सहायता से इनकार किया है। महबूबनगर बार काउंसिल ने भी आरोपितों को न्यायिक सेवाएँ देने से इनकार कर दिया था।
10 बजे (लगभग) रात के बाद से 2-2:30 बजे तक दरिंदगी और हैवानियत। इसी समय शव को आग लगाने के बाद ट्रक और स्कूटर से भागे। लेकिन कुछ देर बाद ही स्कूटर पर सवार दो आरोपितों ने वापस जाकर यह देखा कि बॉडी ठीक से जली या नहीं ताकि पहचान...
पूरे दिन प्रीति रेड्डी (बदला हुआ नाम) के रेप और हत्या की खबरों से मीडिया और सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा उबलता रहा, वहीं रात होते-होते एक और हृदयविदारक खबर आई है कि उसी इलाके में, उसी थाना क्षेत्र में एक और महिला की अधजली लाश मिली है।
"मुझे इस घटना का दुख है। लेकिन ये दुर्भाग्य की बात है कि पीड़िता एक डॉक्टर थी, पढ़ी-लिखी थी, फिर भी उसने ऐसे समय में पहले अपनी बहन को कॉल क्यों किया? उसने 100 नंबर पर कॉल क्यों नहीं किया। अगर वो 100 नंबर पर कॉल करती तो शायद उसे बचाया जा सकता था।"
हैदराबाद के प्रीति रेड्डी (बदला हुआ नाम) हत्याकांड को तेलंगाना पुलिस ने सुलझा लेने का दावा किया है। उनके मुताबिक गिरफ्तार आरोपित मोहम्मद पाशा और अन्य तीन बहुत दिन से प्रीति के साथ बलात्कार करने की योजना बना रहे थे और टोल प्लाजा पर खड़ी पीड़िता की स्कूटी को भी उन्होंने जानबूझकर पंचर किया था।
प्रीति रेड्डी (बदला हुआ नाम) की स्कूटी पंक्चर होती है... मदद के लिए कुछ लोग आते हैं... बहन को फोन करती है... थोड़ी देर में फोन स्विच ऑफ हो जाता है... अगले दिन आधी जली लाश मिलती है... लाश से 100 मीटर की दूरी पर अंडरवियर मिलता है... इन सारे बिंदुओं का कनेक्शन ढूँढने पर...