"प्रिय मुख्यमंत्री सर, मैंने आपके लिए कान के स्पेशलिस्ट की अपॉइंटमेंट बुक की है। सर, हम दोनों भले ही अलग पार्टियों से हैं, लेकिन आप हमारे मुख्यमंत्री हैं, हमें आपकी फिक्र है। कृपा कल अस्पताल में जाइए और अपना चेकअप कराइए।"
अपने ट्वीट में केजरीवाल ने एक ऐप का भी ज़िक्र किया था जिसके ज़रिए गड्ढे या अन्य ख़राबी की फ़ोटो और लोकेशन रिकॉर्ड होगी और हर ख़राबी को तुरंत ठीक कर दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इतने बड़े स्तर पर पहली बार सड़कों का निरीक्षण हो रहा है।
“केजरीवाल सरकार की नई स्कीम - आतंकवादी बनो, इनाम पाओ। 5 लाख रुपए और सरकारी नौकरी। दिल्ली में 5 साल में 40,000 बच्चे खोए। उनमें से केवल एक पर केजरीवाल मेहरबान। नजीब के बारे में चर्चा है कि वो आतंकवादी बन चुका है। फिर केजरीवाल सिर्फ एक परिवार पर मेहरबान क्यों?”
भाजपा और जदयू ने इस बयान को लेकर केजरीवाल की तीखी आलोचना की है। इससे पहले दिल्ली में एनआरसी लागू करने के मसले पर अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी को निशाना बनाते हुए केजरीवाल ने यूपी-बिहार से आने वाले लोगों की तुलना बाहरियों से कर दी थी।
अपने माता-पिता के साथ इसी साल 14 मई को पाकिस्तान से आए तीन बच्चों के भविष्य पर मॅंडरा रहा संकट। दिल्ली के एक सरकारी स्कूल ने 5 जुलाई को उन्हें एडमिशन दिया। 8 जुलाई से क्लास अटेंड करने की इजाजत भी मिली। लेकिन, 14 सितंबर को स्कूल से यह कह कर निकाल दिया गया कि उनकी उम्र ज्यादा है।
"केजरीवाल सरकार डेंगू के मच्छरों को मारना चाहती है, लेकिन बीजेपी वाले खुद डेंगू बनकर इस अभियान को मारना चाहते हैं। इसी नीयत से एमसीडी ने एक डाटा जारी कर बताया है कि डेंगू के लार्वा दिल्ली सरकार के स्कूलों और दफ्तरों में मिले हैं।"
"एक तरफ वे (दिल्ली सरकार) मुफ्त सवारियाँ कराने जा रही है और दूसरी तरफ वह कोर्ट से चाहती है कि केन्द्र सरकार को निर्देश दे कि 50 फीसदी ऑपरेशनल नुकसान की वे भी भरपाई करें। कोर्ट सभी तरह की मुफ्त चीजों को रोक देगा।"
CBI के जाँच दल को एक अनजान नंबर से कॉल आया और उधर से एक बेहद करुण आवाज ये कहते हुए सुनाई दी- "हेलो, मैं अरविन्द केजरीवाल बोल रहा हूँ। फ़ोन मत काटना जी।"
“अपनी यूनियन टैरिटरी को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के असंभव ख्वाब देखने वाले आत्ममुग्ध बौने को भी एक पूर्ण राज्य के यूनियन टैरिटरी में बदलने के प्रस्ताव का समर्थन करना पड़ रहा है, इसी को 'खुदाई-जूता' कहते हैं जो लगता भी है और रोने भी नहीं देता।”