नेपाल के रास्ते 7 आतंकवादी उत्तर प्रदेश में घुस चुके हैं। ये सभी पाकिस्तानी आतंकवादी हैं, जिन्हें अयोध्या में आतंक फैलाने के लिए भेजा गया है। सम्भावना है कि ये अयोध्या, फ़ैजाबाद और गोरखपुर में छिपे हो सकते हैं। सात में से पाँच आतंकियों की पहचान भी हो गई है।
आतंकवादियों ने यह ग्रेनेट हमला उस वक्त किया जब लोग बााज़ार में ख़रीददारी कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि यहाँ लगी रेहड़ियों से लोग फल-सब्ज़ियाँ लेने आते हैं और अक्सर यहाँ भीड़ लगी होती है।
सुरक्षा बलों और एजेंसियों की सक्रियता के कारण आतंकी अब तक अपने मंसूबों में नाकाम रहे हैं। लेकिन, राष्ट्रीय सुरक्षा के रणनीतिकारों का मानना है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी गुट ठंड बढ़ने पर हमले की कोशिश करेंगे।
मंगलवार को घटना के कुछ घंटो बाद बनर्जी ने घटना पर दुख जताते हुए कहा था कि कश्मीर में आतंकी हमलों में मारे गए मुर्शिदाबाद जिले के पाँच श्रमिकों के परिवारों को सभी तरह की मदद दी जाएगी।
इस हत्याकांड में मारे गए सारे मजदूर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के बाशिंदे थे। ये सभी किराए के घर में रहते थे। आतंकियों ने उन्हें घर में घुस कर घसीटते हुए बाहर निकाला और फिर गोली मार दी। ममता बनर्जी ने कहा कि वो इस घटना से काफ़ी आहत हैं।
जम्मू-कश्मीर में आतंकी ऐसे ट्रक ड्राइवरों को निशाना बना रहे हैं, जो बाहर से आते हैं। 24 अक्टूबर को सेब लेकर जा रहे ट्रक ड्राइवर की शोपियाँ में हत्या कर दी गई थी। उससे पहले 14 अक्टूबर को शरीफ ख़ान नामक ट्रक ड्राइवर की हत्या कर दी थी।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को क़रीब दो दिन पहले ख़ुफ़िया विभाग से इस तरह की जानकारी मिली है। जानकारी मिलने के बाद हिन्दू नेताओं, आरएसएस के पदाधिकारियों और राजनेताओं की सुरक्षा की समीक्षा शुरू कर दी गई है।
26,629 ग्राम स्तर पर पंच और सरपंच पदों पर आसीन उम्मीदवार BDC के अध्यक्ष पद की उम्मीदवारी के योग्य पाए गए हैं। इनमें एक-तिहाई से ज़रा ही कम (8,313) अनुपात महिलाओं का है।
नई दिल्ली ज़िला पुलिस उपायुक्त ईश सिंघल ने आतंकी धमकी के संबंध में बताया कि "हमारे पास किसी भी तरह के ख़तरे का कोई ख़ुफ़िया जानकारी (इनपुट) नहीं है, लेकिन हमने दिवाली से पहले शहर में सुरक्षा बढ़ा दी है।"