2005 से अब तक इसरो ने 8 कॉर्टोसैट सैटेलाइट लॉन्च करने में सफलता प्राप्त की है। ये रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट होते हैं, जो अर्थ मैपिंग को बेहतर तरीके से अंजाम देते हैं।
चंद्रयान-2 मिशन की 98% सफलता और केवल विक्रम लैंडर की लैंडिंग के अंतिम चरण की नाकामी को लेकर देश के कुछ कथित अति-बुद्धिजीवियों ने ISRO का मज़ाक बनाया था। लॉन्च से पहले पूजा, कथित तौर पर ज्योतिषीय रूप से शुभ घड़ी में लॉन्च करना आदि को टारगेट कर...
इसरो प्रमुख ने कहा, "आप सभी लोग चंद्रयान-2 मिशन के बारे में जानते हैं। तकनीकी पक्ष की बात करें तो यह सच है कि हम विक्रम लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग नहीं करा पाए, लेकिन पूरा सिस्टम चाँद की सतह से 300 मीटर दूर तक पूरी तरह काम कर रहा था।"
पुलिस को संदेह है कि उनके सिर पर किसी भारी चीज से वार किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। फ़िलहाल डेड बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुँच कर सबूत जुटाए।
"चंद्रमा की सतह पर विक्रम की हार्ड लैंडिंग हुई, यह स्पष्ट है। मगर लैंडर के बारे में अभी कुछ पता नहीं चल पाया है। तस्वीरें शाम के अंधेरे में ली गईं हैं। बाकी तस्वीरें अक्टूबर में बेहतर प्रकाश की स्थिति में ली जाएँगी।”
इसरो प्रमुख ने बताया कि इसरो का अगला बड़ा लक्ष्य गगनयान है। उन्होंने बताया कि संस्था दिसंबर, 2021 तक चन्द्रमा पर मनुष्य को भेजने के लक्ष्य पर काम कर रही है। और उस मिशन में रॉकेट भी भारत में बना हुआ ही होगा।
इस बात पर राहुल गाँधी ने कहा कि वो ट्रैफिक वालों से विक्रम की सेटिंग करवा देंगे, उनके पास ATM वाला 2000 का नोट है। अमित शाह ने कहा कि किसी भी सूरत में कॉन्ग्रेस को सिवाय देश की बर्बादी के, दूसरी किसी भी बात का क्रेडिट लेने नहीं देंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि विक्रम मिस्ड कॉल देगा और भाजपा कार्यकर्ता बनेगा।
"पीएम मोदी ने जो समर्थन और प्रेम इसरो वैज्ञानिकों के प्रति दिखाया है, यही हर अभिभावक को अपने बच्चों के प्रति दिखाना चाहिए, जब वो अपने लक्ष्य से चूक जाते हैं। इस तरह के पल हमें अपने देश से दोबारा प्यार करने पर विवश कर देते हैं।"
इसरो प्रमुख के शिवन ने मीडिया को सम्बोधित करते हुए बताया कि इसरो ने चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम की स्थिति का पता लगा लिया है। चाँद की सतह पर विक्रम लैंडर की थर्मल इमेज ऑर्बिटर से मिल गई है। लेकिन...