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इस्लाम

ऐसे खाली हुआ निजामुद्दीन का मरकज: रात के 2 बजे एक्शन में आए NSA डोभाल, फिर ढीला पड़ा मौलाना

दिल्ली पुलिस के बार-बार कहने पर भी मौलाना साद इमारत खाली करवाने को तैयार नहीं था। बाद में उसने केवल 167 लोगों को ही क्वारंटाइन किए जाने की अनुमति दी। लेकिन, जब डोभाल ने मोर्चा सॅंभाला तो वह पूरी इमारत खाली करवाने को तैयार हो गया।

ख्वाजा फखरुद्दीन चिश्ती दरगाह में दुआ पढ़ने के लिए जुटी 100 लोगों की भीड़, पुलिस से झड़प के बाद लाठीचार्ज

पुलिस से वहाँ उपस्थित लोग झड़प करने लगे। इसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज कर के लोगों को वहाँ से भगाना पड़ा। जमालुद्दीन अंसारी, हुसैन ख़ान, सैयद नवाब कुरैशी, मोहम्मद मिराज शेख और अजहरुद्दीन शेख समेत अन्य लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया है। इन सब पर राजस्थान एपिडेमिक डिजीजेज एक्ट लगाया गया है।

तबलीगी जमात का मुखिया मौलाना साद फरार, वायरल ऑडियो में कहा- मरने के लिए मस्जिद से अच्छी जगह नहीं

पुलिस ने मौलाना साद, डॉ जीशान, मुफ्ती शहजाद, मोहम्मद सैफी युनूस और मो सलमान के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने बताया कि संख्या ज्यादा होने के कारण जगह को खाली कराने में 5 दिन लगे। वहीं ये भी मालूम हुआ कि 28 मार्च को पुलिस द्वारा नोटिस मिलने के बाद से इस कार्यक्रम को आयोजित करने वालों में से एक मोहम्मद साद फरार है। पुलिस इनकी तलाश में जुटी है।

तबलीगी की तबाही: महाराष्ट्र, कर्नाटक जैसे राज्यों में भी गए मरकज में जुटे विदेशी, 1 दिन में कोरोना के 227 नए मामले

महाराष्ट्र के अहमदनगर में 34 ऐसे लोगों को चिह्नित किया गया है। इनमें से 29 विदेशी हैं। झारखंड और असम में भी अब संक्रमण के पहले मामले की पुष्टि हुई है। दोनों के तार निजामुद्दीन के मरकज से जुड़े हुए हैं।

तबलीगी जमात की वजह से Pak में भी कोरोना संक्रमण : मरकज की इमारत को ही बनाया क्वारंटाइन सेंटर

रायविंड स्थित मरकज में ठहरे 35 लोगों की स्क्रीनिंग की गई थी, जिनमें से 27 कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। लाहौर स्गिटर रायविनफ़ में इस्लामी संगठन तबलीगी जमात ने एक मजहबी कार्यक्रम का आयोजन किया था, जिसमें कम से कम 1200 लोग शामिल हुए थे।

बार-बार चेताने के बावजूद मरकज में होता रहा हज़ारों का जुटान, तबलीगी जमात के बचाव में उतरा लिबरल गैंग

जनता कर्फ्यू और प्रधानमंत्री द्वारा लॉकडाउन की घोषणा से काफी पहले दिल्ली में किसी तरह की गैदरिंग पर रोक लगा दी गई थी। तब न ट्रेनों का परिचालन रुका था और न ही बसों। बावजूद इसके नियम-कायदों की धज्जियॉं उड़ाकर जमात के लोग कानून को ठेंगा दिखाते रहे।

इस्लाम का राज स्थापित करना चाहता है तबलीगी जमात, आतंकियों से हैं सम्बन्ध: जानिए इसका पूरा इतिहास

तबलीगी जमात का उद्देश्य है कि फिर से इस्लाम का राज्य स्थापित किया जाए, खिलाफत का राज स्थापित किया जाए और लोगों को इस्लाम के उस रूप की तरह ले जाया जाए, जैसे पैगम्बर मुहम्मद ने कहा था। चाल-ढाल से लेकर मजहबी प्रक्रियाओं तक, ये चाहता है कि सभी लोग पुराने सुन्नी तौर-तरीकों की ओर लौटें।

70000 फरिश्ते अगर नहीं बचा पाए तो डॉक्टर क्या करेगा? निज़ामुद्दीन के तबलीगी मौलाना का लॉजिक

मौलवी ने कहा कि आज मस्जिदों को बंद करने को कहा जा रहा है, जो ग़लत है। उसने डॉक्टरों की सलाहों की बात करते हुए लोगों से पूछा कि उन्हें इस बात पर कैसे यकीं आ गया कि मिलेंगे-जुलेंगे तो बीमारी फैलेगी, उन्हें इस बात पर यकीन क्यों नहीं आया कि इस समय अल्लाह उनकी हिफाजत करेगा? मौलाना ने कोरोना पर डॉक्टरों की सलाहों को इस्लाम के ख़िलाफ़ साज़िश करार दिया।

जान-बूझकर इधर-उधर थूक रहे तबलीग़ी जमात के लोग, डॉक्टर भी परेशान: निजामुद्दीन से जाँच के लिए ले जाया गया

निजामुद्दीन में मिले विदेशियों ने वीजा नियमों का भी उल्लंघन किया है, ऐसा गृह मंत्रालय ने बताया है। यहाँ तबलीगी जमात के मजहबी कार्यक्रम में न सिर्फ़ सैकड़ों लोग शामिल हुए बल्कि उन्होंने एम्बुलेंस को भी लौटा दिया था। इन्होने सतर्कता और सोशल डिस्टन्सिंग की सलाहों को भी जम कर ठेंगा दिखाया।

कोरोना ने इस्लाम को ख़तरे में डाल दिया है, या अल्लाह! इसे काफ़िर मुल्कों की तरफ़ मोड़ दो: मौलाना ने की दुआ

मौलवी ने कहा कि अल्लाह ने अगर मदद नहीं की तो कोरोना सब कुछ ख़त्म कर देगा। उधर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने पूरे देश में लॉकडाउन पर विचार करने से इनकार कर दिया है। उन्हें अर्थवयवस्था की चिंता सता रही है। वो पहले भी कह चुके हैं कि अगर पाकिस्तान में लॉकडाउन हुआ तो खाने के लाने पड़ जाएँगे।

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