पूछताछ में सभी विदेशी नागरिकों ने बताया है कि वो सभी तबलीग जमात के लिए राँची आए थे। कुछ लोगों ने इसकी सूचना डीसी को दी, जिसके बाद उन्हें शिकंजे में लिया गया। इन सभी को हिरासत में लेकर क्वारंटाइन किया गया है। साथ ही एक मेडिकल टीम ने इन सबकी जाँच भी की है।
कुछ पाकिस्तानियों ने चीन को क्लीनचिट देते हुए दावा किया कि उससे ज्यादा तो कोरोना को फैलाने के लिए शिया जिम्मेदार हैं। सैयद अज़ीम ने लिखा कि इसे 'चाइनीज वायरस' की जगह 'शिया वायरस' कहना चाहिए।
"हाथ मिलाने से मोहब्बत बढ़ती है यार, इससे बीमारी नहीं फैलती।" - Video में इस सीन के बाद सभी हाथ मिलाकर गले से भी लिपटते हैं। मकसद साफ है - मजहब के नाम पर बीमारी से बचाव के उपायों का मखौल उड़ाया जा रहा है।
कुरान में हिजाब का जिक्र है, जिसमें महिला का चेहरा दिखता रहता है। बुर्का केवल कट्टरपंथी इस्लाम की सोच है जिसमें वो महिला को जबरदस्ती चेहरा ढकने के लिए बाध्य करते हैं। अरब देशों में बुर्का पहनने का चलन वहाँ पर चलने वाली आँधियों से बचने के लिए था। धीरे-धीरे उस क्षेत्र में इस्लाम धर्म के फ़ैलने के कारण बुर्का इस्लाम का अंग बन गया।
डॉ. खान और उनके जैसे हर जिहादी की असली दिक्कत है काफ़िरों से उनकी नफ़रत। काफिरों को हिकारत भरी नज़रों से देखने और अपने जूतों तले रौंदने की 1200 साल पुरानी आदत। इसके आगे आज का काफ़िर झुकने से इनकार कर रहा है।
पाकिस्तान, ईराक और अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना लगभग 5 लाख निर्दोष मुस्लिम नागरिकों की हत्या कर चुकी है। लेकिन वहाँ की मीडिया को अत्याचारी दिखते हैं हिन्दू राष्ट्रवादी!
माँ-बहन की गाली से लेकर वेश्या, सेक्स में भी हिंदू-मुस्लिम के एंगल को घुसेड़ कर फेसबुक पर एक महिला को तंग किया जाता है। जिसने ऐसा किया है, उनके नाम हैं - तनवीर और अरशद। ये दोनों इतने 'डरे हुए' हैं कि गालियों की बौछार के बाद किडनैप कर रेप की भी धमकी देते हैं।
भारतीय प्रवासियों ने पाकिस्तान में एक नाबालिग हिंदू लड़की महक कुमारी, जिसे जबरन इस्लाम में परिवर्तित किया गया था और सिंध में मुस्लिम व्यक्ति से शादी कराई गई थी, के लिए न्याय की माँग की। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने 'जस्टिस फॉर महक कुमारी', 'स्टैंड अप फॉर ह्यूमन राइट्स' जैसे पोस्टर लेकर नारे लगाते दिखे।