जब शोषित समाज के वंचित कहे जाने वाले तबकों से हो और आरोपित तथाकथित ऊँची मानी जाने वाली जातियों से, तो मीडिया लिंचिंग के लिए एक बढ़िया मौका तैयार हो जाता है।
आरोपित अब्बू, गुलाम रसूल ने पिछले 1 साल से अपनी ही 16 साल की बेटी को हवस शिकार बनाया। वहीं लगातार दुष्कर्म के बाद जब उसकी बेटी 7 माह गर्भवती हो गई तब मामले का खुलासा हुआ।
भयावहता को दर्शाने के लिए जीभ काटने, रीढ़ की हड्डी तोड़ने, आँख फोड़ने की बात कही गई। ये भी कहा गया कि आरोपित सवर्ण है, इसलिए पुलिस छेड़छाड़ का मामला बताकर रफा-दफा करने की कोशिश कर रही है।