"इस फैसले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। एसपी ने अपने दम पर ऐसा किया है और जब तक हमें मुख्यमंत्री की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आती है, हम न तो इस पहल को मंजूरी देंगे और न ही इसे अस्वीकार करेंगे।”
"तीन भाइयों- आसिफ़, हाफिज़ और अनीस के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। ये मृत बंदर के इर्द-गिर्द घूम रहे थे और उनमें से एक ने बंदर को गोली मार दी। बंदर की पीठ पर गोली लगी और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।" हिंदू मान्यता के अनुसार बंदर को भगवान हनुमान का रूप कहा जाता है।
इससे पहले आजम खान 2 अक्टूबर को अपने परिवार के साथ जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले के संबंध में बयान दर्ज करवाने के लिए एसआईटी के सामने पेश हुए थे। इस दौरान जाँच टीम ने सपा सांसद से 150 सवाल पूछे थे। जिसके बाद उन्होंने बयान दिया था कि उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।
फरहीन और इंतजार का करीब तीन साल पहले निकाह हुआ था। 3 अक्टूबर को फरहीन को उसके परिजन अपने घर ले गए। पीछे-पीछे इंतजार भी ससुराल पहुॅंच गया। अगले दिन संदिग्ध परिस्थितियों में जलने के कारण उसकी मौत हो गई।
इलाके में करीब 600 घरों में से 65%, यानी 400 के आस-पास समुदाय विशेष के हैं। कथित तौर पर बलात्कारियों ने पीड़िता का कुरता नहीं उतारा- क्योंकि वह अनुसूचित जाति पासी की थी, जिसे स्थानीय समुदाय विशेष वालेअपने से 'नीचे' देखते हैं।
अदिति सिंह ने कहा कि उनको कोई नोटिस नहीं मिला है। साथ ही उन्होंने कहा कि विधानसभा के विशेष सत्र में विधायक राजेश सिंह और विधान परिषद के सदस्य दिनेश सिंह भी शामिल हुए थे। पार्टी विधानमंडल दल ने क्या उन्हें भी नोटिस भेजा है?
दुष्कर्म के बाद आरोपित किशोरी को उसके घर के पास फेंक कर फरार हो गए।आरोपित भी पीड़िता के गॉंव से ही हैं। आरोपितों को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
मौलाना ने हेड कॉन्स्टेबल पीड़िता को विश्वास दिलाया कि उसका बेटा उसके मृत पति के पास है। बेटे का इलाज करने के नाम पर शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। शारीरिक संबंध न बनाने पर महिला को उसके बेटे की मौत की चेतावनी देकर डराता-धमकाता था मौलाना।
राहत ने बुधवार रात में राहिल को लस्सी में नशे की गोली मिलाकर पिला दी और फिर राहिल के हाथ पैर बाँधकर सुबह तीन बजे धारदार हथियार से बहन राहिल का गला रेत डाला।