Sunday, October 17, 2021
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वीडियो: CAA विरोध के नाम पर उत्पात मचाने निकली थी दंगाई भीड़, यूपी पुलिस ने खदेड़-खदेड़ कर पीटा

वाराणसी में मुस्लिम बहुल बेनियाबाग, नई सड़क पर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने विरोध प्रदर्शन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। 'प्रतिरोध सभा' में भाग लेने जा रहे आम आदमी पार्टी के नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। और अपनी सख़्त निगरानी में विरोध के नाम पर दंगा भड़काने के उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।

उत्तर प्रदेश में सीएए के ख़िलाफ़ उपद्रव करने वालों पर पुलिस ने शिकंजा कसा है। वाराणसी और लखनऊ से लेकर आजमगढ़ तक, जहाँ भी दंगाइयों ने हिंसा का प्रयास किया, यूपी पुलिस ने उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर मारा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही सभी जिलों के प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया था कि क़ानून का उल्लंघन करने वालों को बख्सा नहीं जाए। नीचे हम वाराणसी के बेनियाबाग का वीडियो संलग्न कर रहे हैं, जिसमें आप देख सकते हैं कि कैसे योगी की पुलिस ने दंगाइयों की बखिया उधेड़ दी।

वाराणसी के बेनियाबाग में उपद्रवियों को पुलिस ने खदेड़-खदेड़ के पीटा

यहाँ तक कि यूपी पुलिस 2-3 दिन पहले हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के आरोपितों को भी ढूँढ-ढूँढ कर गिरफ़्तार कर रही है। मंगलवार (दिसंबर 17, 2019) को उपद्रव करने वाले 11 लोगों को चिह्नित कर गुरुवार को धर-दबोचा गया। जमीयत-उल-अशरफिया के छात्रों ने उपद्रव किया था, जिसके बाद पुलिस ने ये कार्रवाई की। आज़मगढ़ में पुलिस सोशल मीडिया पर भी पैनी नज़र रख रही है ताकि हिंसा फैलाने की साज़िशों को पहले ही नाकाम किया जा सके

दंगा भड़काने की कोशिश में मुस्लिम बहुल इलाके में वामपंथी

वाराणसी की बात करें तो समाजवादी पार्टी के नेताओं ने विरोध प्रदर्शन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। ‘प्रतिरोध सभा’ में भाग लेने जा रहे आम आदमी पार्टी के नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। और अपनी सख़्त निगरानी में विरोध के नाम पर दंगा भड़काने के उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। प्रशासन ने पहले ही स्कूलों व कॉलेजों को बंद करवा दिया था, जिससे बच्चों अथवा छात्रों पर दंगाइयों के विरोध प्रदर्शन का कोई असर ना पड़े। बाजार भी अधिकतर बंद ही रहे।

राजधानी लखनऊ में भी उपद्रवियों ने आगजनी की, जिसके बाद पुलिस ने आँसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। उपद्रवियों ने पुलिस व मीडिया के वाहनों में तोड़फोड़ मचाई, जिसके बाद पुलिस ने उनकी जम कर पिटाई की। प्रदेश कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष अजय लल्लू को भी पुलिस उठा कर ले गई। कई वामपंथी नेताओं की भी गिरफ़्तारी की गई। बलरामपुर में सपा के कई नेताओं को नज़रबंद कर लिया गया। शान्ति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई पूर्व विधायकों तक को पुलिस ने हिरासत में लिया। संभल में दंगाइयों ने राज्य परिवहन के एक बस में आग लगा दी। झाँसी में तो सपा सांसद चंद्रपाल सिंह को भी पुलिस उठा कर ले गई।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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